अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने कोरोना महामारी नियंत्रण के संबंध में की मेरठ मंडल की समीक्षा

मुह़म्मद अशरफ़
मेरठ। अमित मोहन प्रसाद, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिनांक 03-07-2021 को मेरठ मण्डल की समीक्षा बैठक सर्किट हाऊस, मेरठ में आयोजित की गयी, जिसमें मुख्य रूप से मण्डलायुक्त, मेरठ सुरेन्द्र सिंह, अपर निदेशक चिकित्सा डा0 राजकुमार, समस्त मुख्य चिकित्साधिकारी एवं समस्त प्रधानाचार्य, मेडिकल काॅलेज, मेरठ मण्डल द्वारा प्रतिभाग किया गया।

सर्वप्रथम आयुक्त, मेरठ मण्डल द्वारा मण्डल में कोविड-19 की रोकथाम से सम्बन्धित अद्यतन स्थिति की जानकारी अपर मुख्य सचिव को दी गयी। आयुक्त द्वारा बताया गया कि मेरठ मण्डल में निरंतर कोविड के मामलों में कमी आयी है। कल मेरठ मण्डल में किये गये कुल 23146 कोविड टेस्ट के सापेक्ष मात्र 22 नये कोविड रोगी जांच में पाये गये, जो 0.09 प्रतिशत है। इस प्रकार बहुत कम संख्या में टेस्ट पाॅज़िटिव आ रहे हैं। मण्डल में पीक (दिनांक 06-10 मई, 2021) के दौरान 19.97 प्रतिशत पाॅज़िटिविटी रेट सबसे अधिक रही थी।

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आयुक्त द्वारा बताया गया कि मण्डल में माह जून, 2021 के प्रारम्भ में कुल 6284 एक्टिव केसेज़ थे, जबकि वर्तमान में मात्र 265 एक्टिव केसेज़ हैं, जिनमें सर्वाधिक जनपद मेरठ में 118, बुलन्दशहर में 51, गाज़ियाबाद में 42, गौतमबुद्धनगर में 30, बाग़पत में 17 एवं हापुड़ में 17 एक्टिव केसेज़ हैं। इस प्रकार विगत् एक माह में निरंतर काफी संख्या में एक्टिव केस कम हुए हैं।

आयुक्त द्वारा बताया गया कि कोविड वैक्सीनेशन अभियान प्रगति पर है। प्रदेश स्तरीय रैंकिंग के अनुसार 45+ वैक्सीनेशन के लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति प्रतिशत में टाॅप-5 जनपदों में सभी जनपद मेरठ मण्डल के हैं।

आयुक्त द्वारा बताया गया कि 58 नये आॅक्सीजन प्लांट्स की स्थापना का कार्य मण्डल के सभी जनपदों में किया जा रहा है। अभी तक 15 प्लांट्स क्रियाशील हो चुके हैं। दिनांक 07 जुलाई तक कुल 21 तथा 15 जुलाई तक कुल 37 प्लांट्स चालू हो जायेंगे। निरंतर समीक्षा की जा रही है। इसके अतिरिक्त मेरठ मण्डल के सभी पीएचसी/सीएचसी के कायाकल्प की योजना के अन्तर्गत कुल 165 पीएचसी और 49 सीएचसी में कुल रु. 1321.21 लाख की लागत से भवन मरम्मत, टाइल्स, एयरकंडीशनर, प्लास्टर, बाउण्ड्री वाॅल निर्माण, रंगाई पुताई, विभिन्न कार्य प्रगति पर हैं।

अपर मुख्य सचिव द्वारा मेरठ मण्डल के जनपदों में कोविड-19 की रोकथाम हेतु किये गये विभिन्न प्रयासों की प्रशंसा करते हुए भविष्य हेतु कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया, जिसके दौरान मुख्यतः निम्नानुसार निर्देश दिये गये।

कोविड-19 संक्रमण की सम्भावित तृतीय लहर के दृष्टिगत चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार हेतु विभिन्न प्रयास सरकार द्वारा किये जो रहे हैं। इस सम्बन्ध में निरंतर जनजागरूता सम्बन्धी गतिविधियां संचालित की जायें। किसी स्तर पर कोई लापरवाही न हो। शासन के निर्देशों के क्रम में चिकित्सालयों में तैयार किये जा रहे PICU (Pediatric Intensive Care Unit)  सेन्टस् की स्थापना का कार्य शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाये।

वर्तमान में कोविड-19 सम्बन्धी कार्य चिकित्सालयों में कम होने के दृष्टिगत नाॅन कोविड चिकित्सा सुविधाओं की ओर ध्यान दिया जाये। विभिन्न प्रकार की सर्जरी की संख्या कम है। जनपद मेरठ स्थित पीएल शर्मा ज़िला चिकित्सालय में सर्जरी की संख्या कम होने पर असन्तोष व्यक्त करते हुए वृद्धि लाये जाने के निर्देश दिये गये। सामान्य बाल टीकाकरण कार्यक्रम को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाये।

सरकारी चिकित्सालयों में दी जा रही विभिन्न जांच इत्यादि सुविधाओं का व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाये, ताकि ज़रूरतमंद व्यक्तियों को इसका लाभ मिला सके।

चिकित्सा केन्द्रों पर सभी सुविधाओं को पूर्ण क्षमता एवं सक्रियता के साथ संचालित किया जाये। चिकित्सक अपने ड्यूटी पर उपस्थित रहें, इसके लिये मुख्य चिकित्साधिकारी व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी निरंतर भ्रमण/औचक निरीक्षण करें। लापरवाह चिकित्सकों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। साथ ही अच्छा कार्य करने वाले चिकित्सकों/कार्मिकों को पुरस्कृत भी किया जाये। कोविड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर के माध्यम से चिकित्सकों की उपस्थिति का सत्यापन किया जाये। मण्डलायुक्त स्तर से अनुश्रवण करने की अपेक्षा की गयी।

मेरठ मण्डल में पीएचसी/सीएचसी के कायाकल्प की योजना को गति प्रदान करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार हेतु अधिक प्रयास किये जायें। विशेषकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थिति को सुधारने के लिये कार्यवाही की जाये। इसके लिये शासन को प्रस्ताव भेजे जायें। मण्डल में निर्माणाधीन नये आॅक्सीजन प्लांट्स को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाये।

जनपदों में आॅक्सीजन कन्सेंट्रेटर प्राप्त हुए हैं, उनको स्टाॅक रजिस्टर में दर्ज करते हुए प्रयोग में लिया जाये। वर्तमान में कोविड से सम्बन्धित उपयोगिता कम होने पर महिला अस्पतालों में प्रसव के दौरान आवश्यकतानुसार उपयोग किया जाये।

कोविड एवं ब्लैकफंगस मरीजों के उपचार के सम्बन्ध में मण्डल के चिकित्सालयों व मैडिकल काॅलेज के जिन चिकित्सकों द्वारा अच्छा कार्य किया गया, उनसे मण्डल के अन्य चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिलाया जाये।

अन्त में सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों से अपेक्षा की गयी कि कोविड-19 महामारी के दौरान अपने अनुभव के आधार पर परिलक्षित कमियों में सुधार हेतु कार्ययोजना बनाते हुए शासन को उपलब्ध करायी जाये।

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