दिल्ली में कोरोना की स्थिति काबू में, सरकार का लाॅकडाउन लगाने का फिलहाल कोई विचार नहीं: अरविंद केजरीवाल

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बैठक की ख़ास बातें

  • हम स्थिति पर नजर बनाए हुए है, भविष्य में लाॅकडाउन की जरूरत पड़ती है, तो जनता से बात करने के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा
  • वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है, केंद्र सरकार युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन की अनुमति दे देती है, तो कोरोना को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी
  • केंद्र सरकार को 45 साल की उम्र का क्लाॅज हटा कर सभी को वैक्सीनेशन करने की अनुमति दे देनी चाहिए, ताकि कोरोना से निजात मिल सके
  • दिल्ली कोरोना की चौथी लहर का सामना कर रही है, केस बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं
  • चौथी लहर पिछली लहर से कम गंभीर है, पहले के मुकाबले कम मौत हो रही है और कम लोगों को अस्पताल जाना पड़ रहा है
  • सभी से अपील है कि कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए मास्क अवश्य पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और अपने हाथों को बार-बार साफ करते रहें
  • सीएम अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के मद्देजर स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम की पूरी योजना तैयार की

नई दिल्ली
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के बढ़ते केस के मद्देजर आज अपने आवास पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों साथ बैठक कर हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम की पूरी योजना तैयार की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति काबू में है और सरकार का लाॅकडाउन लगाने का फिलहाल कोई विचार नहीं है। हम स्थिति पर नजर बनाए हुए है और भविष्य में जरूरत पड़ती है, तो जनता से बात कर कोई निर्णय लिया जाएगा। दिल्ली कोरोना की चौथी लहर का सामना कर रही है, लेकिन यह पिछली लहर से कम गंभीर है। इसलिए अभी घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को 45 साल की उम्र का क्लाॅज हटा कर सभी उम्र के लोगों को युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन करने की अनुमति दे देनी चाहिए, ताकि कोरोना से शीघ्र निजात मिल सके। सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से अपील की कि कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए सभी लोग मास्क अवश्य पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और अपने हाथों को बार-बार साफ करते रहें।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि कोविड-19 की आज जारी हो रही रिपोर्ट में 3583 नए केस आए हैं। मैंने हमेशा कहा है कि दिल्ली ने कोरोना के सबसे ज्यादा मुश्किल स्थिति का सामना किया है। देश के लिए यह दूसरी तहर हो सकती है, लेकिन दिल्ली के लिए यह चौथी लहर है। हम सभी दिल्ली के लोग कोरोना के चौथी लहर का सामना कर रहे हैं। इस पिक में देखने को मिला है कि दिन-प्रतिदिन बड़ी तेजी से केस बढ़ते जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार स्थिति पर पूरी नजर रखी हुई है और जो भी उचित कदम उठाने की जरूरत है, वह सभी कदम हम लोग उठा रहे हैं। इसके डेटा के अनुसार, नए केस बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इस बार जो कोरोना चौथी लहर आई है, यह पिछली लहर से कम गंभीर है। इसका मतलब यह है कि इस चौथी लहर में मौतें कम हो रही हैं और पिछली लहर के मुकाबले इस बार कम लोग अस्पताल में, आईसीयू में भर्ती हैं। अक्टूबर के महीने में जब लगभग इतने ही तीन-चार हजार केस प्रतिदिन आ रहे थे, उस वक्त आईसीयू में लगभग 1700 मरीज थे और आज करीब 800 मरीज अस्पताल में है, जो पहले के मुकाबले 50 प्रतिशत कम है। उन दिनों ने जब प्रतिदिन 3-4 हजार केस आते थे, तब 40 से करीब प्रतिदिन मौत हो रही थी और आज प्रतिदिन करीब 10 से 12 मौत हो रही है। अभी जो लहर आई है, वह पिछले के मुकाबले कम गंभीर है, कम लोगों को अस्पताल जाना पड़ रहा है और लोगों का होम आइसोलेशन में अच्छे से इलाज हो रहा है।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में अभी जो स्थिति है, उसमें सरकार का लाॅकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है। हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। भविष्य में अगर कभी जरूरत पड़ेगी, तो दिल्ली की जनता से बातचीत करने के बाद ऐसा कोई निर्णय लिया जाएगा, लेकिन अभी फिलहाल कोई लॉकडाउन करने का सरकार का कोई विचार नहीं है। आज हमने बैठक कर यह देखा कि अस्पतालों में और कितनी व्यवस्था करने की जरूरत है, ताकि अगर लोग बीमार हों और वे अस्पताल में भर्ती होना चाहें, तो उनके लिए व्यवस्था रहे। आज बैठक कर हम लोगों ने एंबुलेंस, अस्पताल, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और आईसीयू आदि व्यवस्थाओं के ऊपर विचार किया है। इसके लिए पूरा प्लान तैयार किया है कि कैसे-कैसे, किन-किन स्तरों पर आईसीयू के बेड बढ़ाए जाएंगे, कब-कब प्राइवेट अस्पतालों के अंदर आईसीयू के बेड बढ़ाए जाएंगे। कब-कब सरकारी अस्पतालों के अंदर कितने-कितने बेड बढ़ाए जाएंगे, उसकी हम लोगों ने पूरी योजना बनाई है। आने वाले दिनों कोरोना के नए केस इसी तेजी के साथ बढ़ते हैं, तो उसको ध्यान में रखते हुए हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम पर आज हम लोगों ने पूरी योजना बनाई है।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे सामने मोटे तौर पर तीन काम हैं। एक- कोरोना को फैलने से किस तरह से रोका जाए? जिसमें हम हमेशा टेस्ट, ट्रेसिंग और आइसोलेशन की बात कहते हैं। इसको बहुत ही तेजी के साथ किया जा रहा है और जहां-जहां कंटेनमेंट जोन बनाने की जरूरत है, वहां कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे और इसको फैलने से रोकने की कोशिश की जाएगी। लेकिन इसमें सरकार की भूमिका काफी शायद कम है, इसमें सबसे बड़ी भूमिका जनता की है। हम दिल्ली वालों ने पिछली तीन लहर को कितनी खूबसूरती के साथ काबू किया और हम कामयाब हुए। मैं आज आप सबसे हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि फिर से वापस मास्क पहनना शुरू कर दीजिए। मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और अपने हाथ को लगातार धोते रहना, यह हम लगातार करते रहेंगे, तो कोरोना को फैलने से रोक सकते हैं। दूसरी चीज है, हॉस्पिटल मैनेजमेंट। अगर हम बीमार हो जाएं, तो हमारे लिए अस्पताल में उचित जगह होनी चाहिए और हमारा अच्छा उपचार होना चाहिए। इसके उपर सरकार उचित कदम उठा रही है। वहीं, तीसरा है वैक्सीनेशन। वैक्सीनेशन के ऊपर सरकार पूरा ध्यान दे रही है। हमें लगता है कि जितना ज्यादा वैक्सीनेशन किया जाएगा, उतना ज्यादा इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। हमें खुशी है कि केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से 45 साल से ऊपर की उम्र वालों को वैक्सीनेशन की इजाजत दे दी है। कल दिल्ली में हम लोगों ने 71 हजार लोगों का वैक्सीनेशन किया है। अब हमारी क्षमता 96 हजार की हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें दो तरह की दिक्कतें आ रही हैं। एक यह कि केंद्र सरकार ने गाइड लाइन जारी की है कि जहां भी वैक्सीनेशन होगा, वह केवल अस्पताल और हेल्थ फैसिलिटी के अंदर ही हो सकता है। उसमें शुरू में यह डर था कि अगर वैक्सीनेशन के कुछ दुष्परिणाम हो गए या कोई रिएक्शन हो गया, तो वहां पर तुरंत कोई सुविधा होनी चाहिए, ताकि उसका उपचार हो सके। लेकिन अब वैक्सीनेशन करते हुए 3 महीने हो चुके हैं। कल हम लोगों ने 71 हजार लोगों का वैक्सीनेशन किया है, जिसमें केवल 4 लोगों को थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन सभी लोग एक-दो घंटे में ठीक होकर घर चले गए। अब यह साफ हो गया है कि वैक्सीन सुरक्षित है। अब यदि केंद्र सरकार हमें बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन करने की अनुमति दे दे, तो हम कम्युनिटी सेंटर, स्कूलों आदि में सुविधाएं बनाकर युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन शुरू कर सकते हैं। अगर युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया है, तो मुझे लगता है कि कोरोना को नियंत्रित करने में हम लोगों को काफी मदद मिलेगी। उसके बारे में उचित व्यवस्था की जा सकती है कि जहां-जहां पर भी वैक्सीनेशन करेंगे, वहां पर एंबुलेंस और तुरंत फर्स्ट एड का इंतजाम कर दें। अगर किसी को कोई रिएक्शन होता है, तो उसको देखभाल करने का इंतजाम किया जा सकता है, लेकिन अगर हम नाॅन हेल्थ फैसिलिटी में इसकी अनुमति नहीं देते हैं, तो इसकी एक सीमा है, जिसके बाहर हम नहीं जा पाएंगे।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि 45 साल की उम्र वाला क्लाॅज हटा कर सारी जनता को एक साथ युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन करने का कार्य कर देना चाहिए, ताकि हम सब लोगों को इस कोरोना से निजात मिल सके। मैं उम्मीद करता हूं कि केंद्र सरकार इस पर गौर करेगी और युद्ध स्तर के ऊपर राज्य सरकारों को अपने स्तर पर वैक्सीनेशन करने की इजाजत देगी। मैं जनता से पुनः अपील करता हूं कि दिल्ली की जनता ने बड़े-बड़े काम करके दिखाएं हैं और हम लोग इस चैथी लहर को भी जरूर काबू कर पाएंगे, लेकिन आप से अपील है कि मास्क जरूर पहनिए, सोशल डिस्टेंसिंग कीजिए और अपने हाथों को लगातार साबुन या सैनिटाइजर से साफ करते रहिए।

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