बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि पर अल्पसंख्यक कांग्रेस का वेबिनार

लखनऊ
जगजीवन राम के प्रयासों से ही भूमिहीन दलित भूस्वामी बने। उन्होंने खाद्य और कृषि मन्त्री रहते हुए हरित क्रांति का नेतृत्व किया। जिससे भारत अनाज के लिए आत्म निर्भर बना। डॉ अम्बेडकर ने जग जीवन राम को एक भविष्य दृष्टा नेता बताया था।
उपरोक्त बातें अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व केंद्रीय मन्त्री स्वर्गीय बाबू जगजीवन राम की 35 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित वेबिनार में महाराष्ट्र सरकार के ऊर्जा मन्त्री नितिन राउत ने बतौर मुख्य वक्ता कहीं।

नितिन राउत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दलितों के साथ आए दिन होने वाली सामंती हिंसा के लिए भाजपा की दलित विरोधी विचारधारा ज़िम्मेदार है। जिसका मुकाबला प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कर रही है।

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वरिष्ठ पत्रकार अनिल चमड़ीया ने कहा कि जगजीवन राम कांग्रेस के अंदर के समाजवादी, प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 1977 में गैर कांग्रेसी सरकार ने सिर्फ़ उनका इस्तेमाल किया। उन्हें दलित होने के कारण प्रधान मन्त्री नहीं बनने दिया। चमड़ीया ने कहा कि बाबू जी का ही असर रहा कि उनके जीते जी कभी भी बिहार के सासाराम इलाके में सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई।

अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद पी एल पुनिया ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण की प्रक्रिया बाबू जगजीवन राम की देन है। वहीं नौकरियों में बैक लॉग भी उन्होंने ही रेल मन्त्री रहते शुरू किया था। जो बाद में दूसरे विभागों में भी लागू हुआ। जिससे दलित समाज को बहुत फायदा हुआ।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रदीप नरवाल ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान को हराने का श्रेय भी रक्षा मन्त्री के रूप में बाबू जी को जाता है। वो एक सक्षम प्रशासक थे। जिन्होंने अपने हर मंत्रालय पर छाप छोड़ी।

वरिष्ठ पत्रकार अमलेंदु उपाध्याय ने कहा कि जगजीवन राम सिर्फ़ दलितों के नहीं बल्कि पूरे समाज के नेता थे। उन्होंने कृषि, रेलवे और रक्षा मन्त्री रहते हुए देश के विकास में अहम भूमिका निभाई थी।

संचालन अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने किया। उन्होंने बताया कि आज हर ज़िले में अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा बाबू जगजीवन राम की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया।

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