मेरठ के विकास के लिए सभी अपना योगदान दें: ज़िलाधिकारी


मेरठ। दिल्ली से गाज़ियाबाद होते हुये मेरठ तक आने वाली रैपिड रेल का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। लगभग 82 किमी लंबे इस मार्ग की दूरी को 55 मिनट में पूरा करना प्रस्तावित है। जनपद मेरठ में आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) के 12 स्टेशन होंगे। इन स्टेशनों के लिए भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में विकास भवन सभागार में भू-स्वामियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुये जिलाधिकारी के. बालाजी ने कहा कि मेरठ के विकास के लिए सभी सहयोग करें। उन्होंने भू-स्वामियों से कहा कि आप लोगों से फिर से वार्ता भी की जायेगी।

ज़िलाधिकारी के. बालाजी ने कहा कि आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) आ जाने से मेरठ व एनसीआर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, नौकरी के अवसर बढेंगे, सुविधाएं बढेंगी, यातायात व्यय घटेगा तथा समय की बचत होगी, ईधन खपत कम होगी, जाम से मुक्ति, प्रदूषण रहित व सुरक्षित सफर होगा। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में भूमि के लिए सर्किल रेट का दोगुना व ग्रामीण क्षेत्र में सर्किल रेट का चार गुना मुआवज़ा दिया जायेगा।

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अपर ज़िलाधिकारी वित्त सुभाष चन्द्र प्रजापति ने कहा कि सीधे बैनामा कर जमीन खरीदी जायेगी। जमीन का हस्तानांतरण एनसीआरटीसी (नैशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन) के नाम होगा। उन्होंने बताया कि मेरठ में 12 स्टेशन रैपिड रेल के लिए बनाये जायेंगे। जिसमें मेरठ दक्षिण, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, मेरठ सैन्ट्रल, ब्रहमपुरी, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस कालोनी, डौरली, मेरठ नार्थ व मोदीपुरम हैं।

इस अवसर पर आरआरटीएस के लैंड आफिसर डी.पी. श्रीवास्तव, आरआरटीएस मोदीनगर के डिप्टी सीपीएम शैलेन्द्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी व भू-स्वामी उपस्थित रहे।

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