लड़कियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना हमारा लक्ष्य: अली ज़ाकिर

  • शिक्षा के क्षेत्र में MEEM का ऐतिहासिक कदम

मीम संस्था वर्षों से अपनी सेवा लोगों तक पहुँचा रही है। बाढ़ की आपदा हो,कोरोना महामारी हो या फिर दिल्ली दंगे हों, मीम संस्था हर मुसीबत, हर आपदा में लोगों का सहारा बनी है और उन तक मदद पहुँचाई है।
लॉकडाउन के समय में लोगों की राशन से मदद की और गरीब जरूरतमंद लोगों का सहारा बनी।
आपदा एवं मुसीबत में साथ खड़ी होने वाली मीम संस्था ने एक कदम आगे और बढ़ते हुए लड़कियों को शिक्षित करने की ज़िम्मेदारी सम्भाली है। मीम ने साल 2021 में 100 गरीब व बेसहारा लड़कियों को 10वीं और 12वीं मुफ्त कराने की मुहिम शुरू की है।
संस्था कि यह कोशिश है कि यह लड़कियाँ अपने पैरो पर ख़ुद खड़ी हो सकें और अपने अच्छे भविष्य का चुनाव करके देश की सेवा कर सकें।


क्योंकि अगर एक औरत शिक्षित होती है तो नस्लों तक शिक्षा पहुंचती है।
हिन्द न्यूज़ से विशेष बातचीत करते हुए अली ज़ाकिर ने कहा कि पहले चरण में हम ये मुहिम दिल्ली एनसीआर में 100 लड़कियों से शुरू कर रहे हैं, दूसरे चरण में 1000 लड़कियों को शिक्षित करने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा आदि प्रदेश में रखा है। हमारी कोशिश है कि देश भर के पिछड़े इलाकों में पढ़ने की इच्छुक लड़कियों को हर सम्भव मदद की जाए और उन्हें इसका अवसर मुहैया करवाया जाए। मीम टीम मदरसों के बच्चों को 10वीं और 12वीं तक मॉडर्न एजुकेशन को बढ़ावा देने का काम कर रही है। देश के सभी राज्यों में ये काम शुरू हो चुका है। इसी साल मीम ने दिल्ली-गाज़ियाबाद में एक ट्रेनिंग सेंटर और कोचिंग शुरू करने का भी निर्णय किया है। जिसमे लड़कियों को मुफ्त सिलाई की ट्रेनिंग दिया जाएगी। इसके साथ ही SSC, BANK PO, RAILWAY के कम्पटीशन की तैयारियां मुफ्त में करवाई जाएँगी।

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