नई दिल्लीः टीआरपी घोटाले में फंसे रिपबल्कि चैनल के मालिक अर्नब गोस्वामी पर बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने निशाना साधा है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की संसदीय कमिटी द्वारा जाँच होनी चाहिये। बता दें कि अर्नब गोस्वामी की कथित चैट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस चैट में दिखाया गया है कि सरकार के कई फैसलों की अर्नब को पहले से ही जानकारी रहती थी, साथ उन्होंने पुलवामा हमले को भी भाजपा के लिये फायदेमंद बताया था।

इस पर वार करते हुए राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि ये कैसी देशभक्ति है जहाँ हमारे वीर जवानों की शहादत को TRP और चुनावी फ़ायदे के लिए इस्तेमाल किया गया। इससे दुर्भाग्यपूर्ण-निंदनीय हरकत कुछ नहीं हो सकती। हमारे देश को माफ़ीनामा और शहादत की सौदेबाज़ी वाली देशभक्ति की ज़रूरत नहीं है। सरकार में बैठे लोग अनंत काल तक नहीं रहेंगे और लालची गोदी मीडिया वाले भी हमेशा के लिए नहीं रहेंगे लेकिन इनके द्वारा भारतीय लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और उनकी विश्वसनीयता को जो नुकसान हो रहा है वह अपरिवर्तनीय और अकल्पनीय है। देश को यह क़तई स्वीकार्य नहीं है।

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उन्होंने कहा कि रिपब्लिक चैनल के संपादक की 500 पेज की सनसनीख़ेज़ चैट की लीक ने दिनभर राजनेताओं को गाली देने वाले छद्म प्रवचनकारी पत्रकारों को बेनकाब किया है। गोदी मीडिया और उसके पत्रकारों को मोदी सरकार टखनों तक जकड़े हुए हैं। सरकार बताएँ देश की सुरक्षा और अखंडता संबंधित अति गोपनीय सूचनाएँ गोदी मीडिया तक कैसे पहुँच रही है?

राजद नेता ने सवाल करते हुए कहा कि इन लोगों को कैसे पता की कब और कहाँ आतंकवादी हमला होगा? कब स्ट्राइक होगी इत्यादि? एक अन्य तथ्य यह भी है कि मोदी सरकार को इस तरह के सुविधाभोगी बिकाऊ दलाल चैनलों  के माध्यम से सभी तरह के भद्दे सच को मिटाने के लिए धर्म और राष्ट्रवाद की आवश्यकता है। इस पूरे प्रकरण की संसदीय कमिटी द्वारा जाँच होनी चाहिये।

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