पटना (बिहार) : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे भले ही आ गए हैं लेकिन राज्य में राजनीतिक हलचल अभी भी जारी है, गुरुवार को पटना में पूर्व CM राबड़ी देवी के आवास पर महागठबंधन के नेताओं की बैठक हुई, इस बैठक में राजद नेता तेजस्वी यादव ने विधायकों को संबोधित किया और दावा किया कि सरकार उनकी ही बनने जा रही है.

तेजस्वी यादव ने अपने विधायकों से अपील की है कि वो अगले एक महीने तक पटना में ही रहें, सूत्रों की मानें तो तेजस्वी यादव को गठबंधन में से कांग्रेस के कुछ विधायकों के छिटकने की आशंका है, ऐसे में वो पूरी तरह सतर्क रहना चाहते हैं, इसी बैठक में तेजस्वी यादव को महागठबंधन का नेता चुना गया था, दरअसल, अभी महागठबंधन को अभी भी उम्मीद है कि एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं हो रहा है और वो इस बात का इंतजार करेंगे कि मंत्रिमंडल में जीतन राम मांझी, मुकेश सहनी की पार्टियों को कितनी हिस्सेदारी मिलती है, क्योंकि अगर एनडीए में कुछ खटपट होती है तो महागठबंधन उसका फायदा उठा सकता है.

देश दुनिया की अहम खबरें अब सीधे आप के स्मार्टफोन पर TheHindNews Android App

महागठबंधन की बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता का समर्थन महागठबंधन के साथ है, हमें करीब 130 सीटें मिली हैं, लेकिन नीतीश कुमार ने छल-कपट से सरकार बना ली है, तेजस्वी ने कई सीटों पर काउंटिंग में धांधली का आरोप लगाया, आपको बता दें कि बिहार में महागठबंधन को इस बार 110 सीटें मिली हैं और लगातार सरकार पर जबरन कई प्रत्याशियों को हराने का आरोप लगाया गया, महागठबंधन में राजद को 75 और लेफ्ट पार्टियों को 16 सीटों पर जीत मिली है, इसके अलावा महागठबंधन के कुछ नेताओं ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए हैं.

खुद कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि कांग्रेस को सच स्वीकारना चाहिए, ये मानना चाहिए कि उनकी वजह से ही महागठबंधन की जीत नहीं हो पाई है, महागठबंधन के ही साथी दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि कांग्रेस का स्ट्राइक काफी कम रहा, अगर उनको दी गई सीटें अगर राजद-लेफ्ट को मिलतीं तो नतीजा कुछ और होता, गौरतलब है कि कांग्रेस इस बार 70 सीटों पर चुनाव लड़ी और सिर्फ 19 पर जीत पाई, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस माहौल के बीच दिल्ली से कुछ नेताओं को पटना भेजा है, ताकि पार्टी में किसी तरह का रोष ना पैदा हो.

ब्यूरो रिपोर्ट, पटना

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here