नई दिल्ली : भारत की टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना ने कैटरीन गोर्गोद्जे के साथ मिलकर अल हबटूर ट्रॉफी अपने नाम कर ली, जो उनका कोरोना महामारी से प्रभावित 2020 सत्र में तीसरा युगल खिताब है,

भारत और जार्जिया की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 1 लाख डॉलर पुरस्कार राशि के हार्ड कोर्ट टूर्नामेंट के फाइनल में स्पेन की अलियोना बोलसोवा जादोइनोव और स्लोवाकिया की काजा जुवान की जोड़ी पर 6-4, 3-6, 10-6 से जीत हासिल की.

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अंकिता ने कहा कि एकल सर्किट की सफलता की तुलना नहीं की जा सकती, लेकिन युगल ड्रॉ की अहमियत भी कम नहीं है, उन्होंने कहा कि युगल से मुझे हमेशा एकल में मदद मिली है, मैंने करियर में युगल में अच्छा करने के बाद हमेशा ही एकल में अच्छा किया है.

आपको अच्छे खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करने और खेलने का मौका मिलता है, अंकिता का यह सत्र का चौथा युगल फाइनल था, लेकिन यह कैलेंडर की सबसे बड़ी ट्रॉफी थी, क्योंकि इससे पहले उन्होंने जो दो खिताब जीते थे वो 25 हजार डॉलर स्तर के थे.

इस साल फरवरी में अंकिता ने तीन फाइनल में प्रवेश किया, जिसमें से उन्होंने बिबियाने शूफ्स के साथ थाईलैंड के नोंथाबुरी में लगातार खिताब जीते थे और जोधपुर में हमवतन स्नेहल माने के साथ उप विजेता रही थीं.

27 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि लंबे ब्रेक के बाद सर्किट में वापसी करना राहत देने वाला है, उन्होंने कहा कि यह सचमुच अच्छा है कि मैं फिर से यात्रा कर पा रही हूं, मैं घर पर शारीरिक और मानसिक ट्रेनिंग कर रही थी.

यूरोप में सब चीजें खुल गई थी और उनके खिलाड़ियों ने दो महीने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी थीं,पिछले तीन महीनों में अंकिता को यूएस सर्किट पर खेलने का मौका मिला, उन्होंने कहा कि मैं ज्यादातर हार्ड कोर्ट पर खेली हूं और इस बार मुझे अमेरिका में काफी खेलने का मौका मिला.

शुक्र है कि मेरे पास कोच हेमंत बेंद्रे के मित्र शिरीष देशापांडे मदद के लिए मौजूद थे, वह वहां काफी समय से कोच हैं, कोई आपके मैच देखे और फीडबैक दे तो यह काफी अच्छा है.

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