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केजरीवाल सरकार के लगाए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए अपहरणकर्ता, पकड़े जाने की डर से बच्चे को छोड़ा

नई दिल्ली : अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली के कोने-कोने में लगाए गए सीसीटीवी की वजह से अपह्त 8 वर्षीय बच्चे को अपहरणकर्ताओं ने पांच दिन बाद छोड़ दिया। बच्चे को अपहरण करके ले जाते हुए अपहरणकर्ता सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे, जिससे दिल्ली पुलिस को अपहरणकर्ताओं का सुराग लगाने में मदद मिली और बदमाश पकड़े जाने की डर से बच्चे को छोड़ दिए। अपहरण के पांच दिन बाद सकुशल घर लौटे बच्चे को पाकर उसके माता-पिता की आंखे खुशी के आंसू से भर आईं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि केजरीवाल सरकार सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाई होती, तो अपहरणकर्ता बच्चे को छोड़ने पर मजबूर नहीं होते। लोगों ने इसके लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को धन्यवाद दिया है

दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक राजेंद्र पाल गौतम ने  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्लानिंग मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की थी, जिसके आज सुखद परिणाम सामने आ रहा। कैमरे की फुटेज को इतना वायरल किया गया कि अपहरणकर्ता बच्चे को छोड़ गए। इससे बच्चे के परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं है। कैमरों की वजह से कई मोटरसाइकिल चोर पकड़े गए। केंद्र की भाजपा सरकार एलजी के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगने में अड़चन पैदा की थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मेहनत, दूरदर्शिता और लगन से इस योजना को साकार किया जा सका। आज उसके सुखद परिणाम सबके सामने है।

आम आदमी पार्टी के सीमापुरी विधानसभा के प्रेसिडेंट प्रो. आरिफ का कहना है कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त होकर सकुशल घर लौटा 8 वर्षीय बच्चा दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में परिवार के साथ रहता है। अपहरणकर्ताओं ने उस बच्चे को बीते 12 अगस्त की शाम को घर के बाहर से अपहरण कर लिया था। परिजनों ने बच्चे के लापता होने की सूचना दिल्ली पुलिस को दी। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए सुंदर नगरी इलाके में दिल्ली सरकार की तरफ से जगह-जगह लगाए गए सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लेकर जांच की। अपहरण कर्ता बच्चे को ले जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। फुटेज से पुलिस को अपहरणकर्ताओं के बारे में कुछ सुराग भी हाथ लगे हैं। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा पकड़े जाने की डर से अपहरणकर्ताओं ने बच्चे को छोड़ दिया और बच्चा 17 अगस्त की रात करीब 8.30 बजे अकेले ही घर पहुंचा। उसे किसी ने घर के बाहर तक छोड़ा या नहीं, इसका खुलासा करना अभी सही नहीं है, क्योंकि यह जांच का विषय है।

प्रो. आरिफ ने कहा कि यह बड़े ही गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली निवासियों की सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगवाया है। इसके लिए क्षेत्र के लोगों ने सीएम अरविंद केजरीवाल और स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को धन्यवाद दिया है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से दिल्ली पुलिस अब तक कई अपराधियों को पकड़ चुकी है और अपराधी कई बड़ी आपराधिक घटनाएं नहीं कर पाए। बच्चे के अपहरण मामले में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की वजह से ही दिल्ली पुलिस को अपराधियों का सुराग मिलने में आसानी हुई है। बच्चे को सकुशल घर पहुंचने पर दिल्ली पुलिस के डीसीपी, एसीपी और एसएचओ का भी क्षेत्र के लोगों ने आभार जताया है।

प्रो. आरिफ ने कहा कि जब दिल्ली की केजरीवाल सरकार सीसीटीवी कैमरे और वाईफाई लगाने की योजना लेकर आई, तो विपक्षी दल के नेता हंसी उड़ा रहे थे और इसे झूठ मानते थे। इसके बावजूद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पूरी कैबिनेट ने सीसीटीवी कैमरे और वाईफाई लगाने का ऐलान किया। सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र में पहले चरण में 2 हजार कैमरे लगाए गए हैं यानि हर वार्ड में करीब 500 कैमरे लगाए गए हैं। आज इन कैमरों की वजह से स्ट्रीट क्राइम में काफी कमी आई है और देर रात घर लौटने वाले लोगों को सुरक्षा का एहसास कराया है।

अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त होकर घर लौटे 8 वर्षीय बच्चे के पिता ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए धन्यवाद दिया है। साथ ही अपने क्षेत्र में बड़ी संख्या में कैमरे लगवाने के लिए स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रसाद गौतम को भी धन्यवाद दिया है। पिता ने कहा, ‘यदि दिल्ली सरकार के सीसीटीवी कैमरे नहीं रहे होते, तो मेरे बेटे को तलाश कर पाना आसान नहीं होता। सीसीटीवी कैमरे की मदद से ही मुझे पता चल पाया कि बेटे के अपहरण में कौन लोग शामिल हैं और पुलिस उन लोगों पर दबाव बना कर बच्चे को मुक्त करा दिया।

पिता ने बताया कि सुंदर नगरी में ही मेरी दुकान है। उनका 8 वर्षीय बेटा प्रतिदिन दुकान के बाहर ही खेलता है और करीब 500 मीटर दूर रह रहे दादा के पास भी चला जाता है। 12 अगस्त को दोपहर 3 बजे तक बेटा दुकान के सामने ही खेल रहा था, इसके बाद वह नहीं दिखाई दिया। शाम करीब 7 बजे कुछ दूरी पर रह रहे मेरे पिता मुझसे मिलने घर आए, तब मुझे पता चला कि मेरा बेटा लापता है। पिता ने कहा, ‘मेरे आसपास दिल्ली सरकार ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगा रखा है। मैने उन कैमरों की फुटेज की जांच की। उसमें मैने अपहरणकर्ताओं को अपने बेटे को ले जाते हुए देखा। कुछ और कैमरों की फुटेज देखने से पता चला कि उनके ही मोहल्ले में रहने वाला एक युवक भी इसमें शामिल है। उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखा और उस युवक को पकड़ कर पूछताछ की। उसके पकड़े जाने के अगले दिन 17 अगस्त को मेरा बेटा रात करीब 8.30 बजे अकेले ही घर आ गया।

पिता ने बताया कि मेरे बेटे को बच्चा चोर गिरोह के लोगों ने अपहरण किया था। करीब पांच दिनों तक बेटा उनके पास रहा, लेकिन उन्होंने एक बार भी फिरौती के लिए काॅल नहीं की। मेरे बेटे को अपहरण कर्ता मेरठ लेकर गए थे और यहां से उसे बेचने की फिराक में थे। मेरठ स्थित एक कपड़े की दुकान से उसके लिए दो जोड़ी कपड़े भी खरीदे और उसे बच्चों वाली एक साइकिल भी खरीद कर दी। मेरे बेटे को अपहरणकर्ताओं ने सड़क के किनारे स्थित एक ढाबे पर रखा था। वहां पर 4 और बच्चे थे, जिसमें 4 लड़कियां और 2 लड़के थे। इन चारों को भी उन्होंने कहीं से चोरी किया था। यह बात उन बच्चों ने ही मेरे बेटे को बताई है। पकड़े जाने की डर से अपहरणकर्ताओं ने मेरे बेटे को घर से कुछ दूरी पर छोड़ दिया था। बेटे को छोड़ते हुए की फुटेज भी दिल्ली सरकार के लगाए गए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।

रिपोर्ट सोर्स, पीटीआई

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