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एनईईटी की परीक्षा 379 छात्राओं ने पास की है, यानि 67 फीसदी छात्राओं ने परीक्षा पास की है : CM केजरीवाल

नई दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जेईई मेंस और एनईईटी में शानदार सफलता हासिल करने पर दिल्ली सरकार के स्कूलों के छात्रों को बधाई दी है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह सभी बच्चे, दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणा दायक हैं। दिल्ली सरकार के स्कूलों में क्रांतिकारी बदलाव की वजह से जेईई मेंस में 443 और एनईईटी में 569 बच्चों ने सफलता हासिल की है। दिल्ली सरकार के स्कूलों के 99 फीसदी परिणाम के बाद इन छात्रों ने एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। 379 छात्राओं ने एनईईटी की परीक्षा पास की है। दिल्ली सरकार के स्कूल मोलरबंद के 29 छात्रों ने एनईईटी की परीक्षा पास की है, जबकि यमुना विहार के 24 छात्र और नूर नगर के 23 छात्रों ने परीक्षा पास की है। जेईई मेन की परीक्षा पास करने वाले 443 छात्रों में 53 ने जेईई एडवांस की परीक्षा में सफल हुए हैं। पश्चिम विहार के स्कूल के 5 छात्रों ने जेईई एडवांस की परीक्षा पास की है। वहीं, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों के छात्र जेईई एडवांस और एनईईटी के क्वालिफाइंग परिणामों में अच्छा प्रदर्शन करते हुए दिल्ली को गौरवांवित किया है। दिल्ली सरकार के स्कूलों के कई छात्र डॉक्टर और इंजीनियर बनने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य होंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के स्कूलों के बच्चों द्वारा जेईई मेंस और एनईईटी की परीक्षा में बड़ी सफलता हासिल करने को लेकर एक डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस की। सीएम अरविंद केजरीवाल ने सभी सफल बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि आज आपके लिए एक खुशखबरी है। पिछले कई दिनों से कोरोना और प्रदूषण की वजह से रोज तनाव की खबरें आती हैं। इसी महामारी के दौरान और इतने मुश्किल दौर में दिल्ली सरकार के स्कूलों के बच्चों के शानदार नतीजे आए हैं। पूरे देश में डॉक्टर बनने और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए जो एनईईटी की परीक्षा होती है, उसमें दिल्ली सरकार के स्कूलों के 569 बच्चों ने सफलता हासिल की है। इन 569 बच्चों में से 379 लड़कियां हैं यानि 67 फीसदी लड़कियां हैं और लड़कियों ने बड़ा शानदार प्रदर्शन किया है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रतिभा पैसे का मोहताज नहीं होती है। गरीबों के बच्चों को भी अगर अच्छी शिक्षा दी जाए, अगर बराबरी की शिक्षा दी जाए, तो वो भी बहुत बढ़िया शानदार प्रदर्शन करके दिखा सकते हैं।

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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इंजीनियरिंग में जो सबसे मुश्किल परीक्षा होती है, उसको जेईई कहते हैं, जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन के जरिए बच्चों को आईआईटी और जो सबसे बेहतरीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मिलता है। इस बार दिल्ली सरकार के स्कूलों के हमारे 443 बच्चों ने जेईई मेंस पास किया है। इनमें से 53 बच्चों ने जेईई एडवांस पास किया है। यानि इन 53 बच्चों को सीधे आईआईटी में प्रवेश मिलेगा और बाकी बच्चों का कहीं ना कहीं दूसरे इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला होगा। 53 बच्चों ने जेईई एडवांस पास किया है। एक ही स्कूल आरपीवीवी पश्चिम विहार के 5 बच्चों का आईआईटी में एडमिशन हो गया है। उस स्कूल में 68 बच्चे हैं जिनमें से 5 बच्चों का आईआईटी में सीधा एडमिशन हो गया है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जेईई और एनईईटी परीक्षा में सफल हुए सभी बच्चों और उनके माता-पिता को मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई। मैने यह सारी बातें इसलिए बताई कि किस तरह से दिल्ली के स्कूलों में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहे हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हमारे गरीबों के बच्चे अब आगे बढ़ रहे हैं। मैं हमेशा कहता था कि अगर हमें अपने देश से गरीबी दूर करनी है, तो एक पीढ़ी के अंदर सभी बच्चों को समान और अच्छी शिक्षा देकर अपने देश से गरीबी दूर कर सकते हैं। अगर हम अपने सभी बच्चों को, चाहे वह अमीर घर में पैदा होने वाला हो या गरीब के घर में पैदा होने वाला बच्चा हो, अगर हम सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा दे दें, तो एक पीढ़ी के अंदर गरीबी दूर हो जाएगी। हमारे देश को आजाद हुए 70 साल हो गए और आज तक हम गरीबी से जूझ रहे हैं। अगर एक पीढ़ी में हमें अपने देश की गरीबी दूर करनी है, तो बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी होगी।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह सारे बच्चे, जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है, यह सारे बच्चे, दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणादायक हैं। जो बच्चे बारहवीं में आए हैं या दसवीं-ग्यारहवीं में पढ़ रहे हैं, उन सब बच्चों को मैं कहना चाहता हूं कि अगर ये कर सकते हैं, तो आप भी शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। दूसरा, किसी भी बच्चे को पैसे की चिंता करने की जरूरत नहीं है। अगर आपके मां-बाप के पास पैसा नहीं है, तो चिंता मत करना। हम लोगों ने आपकी अच्छी शिक्षा के लिए पैसे का इंतजाम किया है। जिन बच्चों ने प्राइवेट-सरकारी स्कूल से 12वीं पास की है, लेकिन आपके मां-बाप के पास आप को पढ़ाने के लिए पैसे नहीं है और आप पढ़ना चाहते हैं और आपको कॉलेज में एडमिशन मिल गया है, तो दिल्ली सरकार ने आपके लिए काफी ज्यादा स्कॉलरशिप का भी इंतजाम किया है। जिन बच्चों के नंबर अच्छे आए हैं और मां-बाप गरीब हैं, तो उनके लिए भी स्कॉलरशिप का इंतजाम है। कोई भी छात्र, चाहे वह अमीर हो या गरीब, दिल्ली सरकार से बिना कुछ गिरवी रखे 10 लाख रूपए तक का लोन ले सकता है और अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकता है।

वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जेईई, एनईईटी में भारी सफलता को दिल्ली की शिक्षा क्रांति का परिणाम बताया है। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों को ऑल इंडिया मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में भारी सफलता मिलना गर्व की बात है सिसोदिया ने इसके लिए शिक्षकों, स्टूडेंट्स और अभिभावकों को बधाई दी है। सिसोदिया ने कहा कि 12वीं में 99 प्रतिशत सफलता और क्वालिटी इंडेक्स में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद दिल्ली को अब जेईई और एनईईटी की शानदार सफलता पर गर्व है।

उल्लेखनीय है कि जेईई एडवांस में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 53 स्टूडेंट्स को सफलता मिली है। इसी तरह, एनईईटी में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 569 स्टूडेंट्स को सफलता मिली है। श्री सिसोदिया ने कहा कि सफल बच्चों में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या काफी है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों और आर्थिक परेशानियों के बावजूद सफलता हासिल की है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता बताती है कि प्रतिभा को सामने लाने का अवसर मिले, तो गरीब पृष्ठभूमि के बच्चे भी अच्छा करके दिखा सकते हैं। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसे बच्चों को उच्चस्तरीय अवसर दिलाने की हर संभव कोशिश में जुटी है

जेईई एडवांस में सफल हुए दिल्ली सरकार के स्कूलों के बच्चों पर एक नजर

जेईई मैन्स में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 443 स्टूडेंट्स को सफलता मिली थी। इनमें से 53 स्टूडेंट्स को जेईई एडवांस में सफलता मिली है।

1-जेईई एडवांस में सफल हुए स्टूडेंट्स की कुल संख्या 53 है।

2- छात्राओं की संख्या चार है।

3-आरपीवीवी से सफल छात्रों की संख्या 32 है।

4-एसओई से सफल छात्रों की संख्या एक है।

5-चार छात्रों ने टाॅप 500 में स्थान हासिल किया है।

6-कुल 26 स्टूडेंट्स ने टाॅप 5000 में स्थान हासिल किया।

7-आरपीवीवी, पश्चिम विहार के पांच स्टूडेंट सफल हुए, जो किसी भी स्कूल से सबसे ज्यादा हैं। इस स्कूल में इस वर्ष विज्ञान के स्टूडेंट्स की संख्या 68 थी।

जेईई में सफल हुए कुछ स्टूडेंट्स का विवरण-

-आरपीवीवी, पश्चिम विहार के आयूष बंसल ने 180 अंकों के साथ 189 रैंक (जनरल-ईडब्ल्यूएस श्रेणी) हासिल किया है। उसे आईआईटी रुड़की में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में नामांकन का अवसर मिल रहा है। उसके पिता महज पांच हजार रुपये मासिक पर एक पुस्तक दुकान में काम करते हैं और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या है।

-आरपीवीवी, द्वारका सेक्टर 19 के निखिल ने 154 अंक लेकर 678 रैंक (ओबीसी श्रेणी) हासिल किया है। उसे आईआईटी मुम्बई में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में नामांकन का अवसर मिल रहा है। उसके पिता एक साइकिल मरम्मत की दुकान चलाते हैं और मां गृहणी हैं।

-आरपीवीवी, पश्चिम विहार के गर्वित बत्तरा को 116 अंक मिले हैं और 1228 रैंक (सामान्य ईडब्ल्यूएस श्रेणी) आया है। उसे आईआईटी खड़गपुर में इंडस्ट्रियल एंड सिस्टम इंजीनियरिंग में नामांकन का अवसर मिल रहा है। उसके पिता एसी मैकेनिक हैं और मासिक आय मात्र 8000 है।

– जीएसवी, शामनाथ मार्ग के वैभव गोयल को सामान्य श्रेणी में 3578 रैंक मिला और 161 अंक आए हैं। उसे आईआईटी रुड़की में केमिकल इंजीनियरिंग में नामांकन का अवसर मिल रहा है। उसके पिता एक छोटे दुकानदार हैं।

-आरपीवीवी, नंद नगरी के वेद प्रकाश ने 37 अंकों के साथ 205 रैंक (एससी श्रेणी) हासिल किया।

-आरपीवीवी, सुषम विहार से सुजल ने 103 अंकों के साथ 306 रैंक (एससी श्रेणी) हासिल किया।

-आरपीवीवी, यमुना विहार से विशाल ने 50 अंकों के साथ 481 रैंक (एसटी श्रेणी) हासिल किया।

एनईईटी में सफल हुए बच्चों पर एक नजर-

1-एनईईटी में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 569 स्टूडेंट्स को सफलता मिली है।

2- इनमें छात्राओं की संख्या 379 है, यानी 67 प्रतिशत है।

3-आरपीवीवी से 133 स्टूडेंट्स सफल हुए।

4- कुल 37 स्टूडेंट्स ने टाॅप 10000 में स्थान हासिल किया (श्रेणी वार रैंक)

5- एसकेवी, मोलरबंद के 29 स्टूडेंट्स सफल हुए, जो किसी भी स्कूल से सबसे ज्यादा हैं।

6- एसकेवी, सी-1, यमुना विहार से 24 स्टूडेंट्स सफल हुए। इस स्कूल में इस वर्ष विज्ञान के स्टूडेंट्स की संख्या 137 थी।

7- एसकेवी, नूर नगर से 23 स्टूडेंट्स सफल हुए। इस स्कूल में इस वर्ष विज्ञान के स्टूडेंट्स की संख्या 81 थी।

8- कुल 48 स्टूडेंट्स को 720 में से 500 से ज्यादा अंक मिले। इनमें कुछ का विवरण इस प्रकार है-

-आरपीवीवी, रोहिणी सेक्टर 11 से तमन्ना गोयल का अखिल भारतीय रैंक 173 (ईडब्ल्यूएस श्रेणी 11 रैंक) है, कुल 695 अंक मिले। तमन्ना की मां आसपास के घरों में काम करती हैं और पिता के पास कोई निश्चित रोजगार नहीं है।

-एसकेवी, जीटी रोड, शाहदरा की विधि गुप्ता का अखिल भारतीय रैंक 212 (श्रेणी रैंक 152) है, 691 अंक मिले। विधि के पिता एक छोटी निजी फर्म में काम करते हैं और मां गृहणी हैं।

-आरपीवीवी, गांधी नगर से कुश गर्ग ने अखिल भारतीय 709 रैंक हासिल किया (श्रेणी रैंक 453), 680 अंक मिले। उसके पिता नवीं पास हैं और शाहदरा में एक किराए की दुकान चलाते हैं। उनकी मासिक आय लगभग 12000 है।

-एसबीवी, ए ब्लॉक, विकासपुरी के अमित कुमार का अखिल भारतीय रैंक 4444 (श्रेणी रैंक 2459) है, कुल अंक 647 अंक मिले। उसके पिता मध्यप्रदेश के एक गांव में किसान हैं, जिनकी वार्षिक आय लगभग एक लाख रुपए है। अमित बचपन से दिल्ली में अपने अंकल के साथ रहता है।

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