Urdu

Epaper Urdu

YouTube

Facebook

Twitter

Mobile App

Home दिल्ली दिल्ली में 60 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे थे, 1 लाख से...

दिल्ली में 60 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे थे, 1 लाख से 1.25 लाख टेस्ट प्रतिदिन होंगे : CM केजरीवाल

नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए आज केंदीय गृह मंत्रालय ने एक अहम बैठक की। इस बैठक ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना की गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी एजेंसियां मिल काम करेंगी। सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक सप्ताह पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिख कर दिल्ली में आइसीयू बेड बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया था और इसमें केंद्र सरकार से मदद मांगी थी।  सीएम अरविंद केजरीवाल के पत्र के बाद आज बैठक में केंद्र सरकार अगले तीन दिनों के अंदर 750 आइसीयू बेड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार दिल्ली सरकार के अस्पतालों मे आइसीयू बेड बढ़ाने के लिए जरूरी मशीनें उपलब्ध कराने में मदद करेगी। अभी तक दिल्ली में 60 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे थे, अब प्रतिदिन एक लाख से 1.25 लाख टेस्ट प्रतिदिन होंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए आज गृह मंत्रालय ने बैठक ली थी। इस समय कोविड की वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए यह मीटिंग बहुत जरूरी थी, ताकि सभी एजेसी और सभी सरकारें मिलकर काम करें। मैं केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, माननीय गृहमंत्री जी का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने यह बैठक बुलाई और सारी एजेंसी एक तरह से मिलकर के काम करेंगी। दिल्ली के लोगों की सेहत के लिए और उनकी जान बचाने के लिए इस वक्त यह जरूरी है कि सभी लोग मिलकर के काम करें। इस वक्त सबसे ज्यादा परेशानी आइसीयू बेड को लेकर हो रही है। हमने देखा कि पिछले कुछ दिनों में, खासकर लगभग 20 अक्टूबर के बाद से दिल्ली के अंदर कोरोना के केस बड़ी तेजी से बढ़ने लगे हैं। इस समय दिल्ली मे कोविड बेड जरूरत के अनुसार ठीक-ठाक सख्या में है, लेकिन कोविड के आइसीयू बेड बहुत तेजी से भरते जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि डीआरडीओ के सेंटर मे अगले 2 दिन में 500 आइसीयू बेड उपलब्ध करा दिए जाएंगे और उसके अगले कुछ दिनों में 250 बेड और उपलब्ध कराए जाएंगे। इस तरह से लगभग 7500 आइसीयू बेड वहां पर उपलब्ध हो जाएंगे। इसके साथ-साथ दिल्ली सरकार भी और आईसीयू बेड बढ़ाए, उसके लिए हमें जिन मशीनों की जरूरत है, उसको देने में केंद्र सरकार मदद करेगी। उसकी मदद से हम दिल्ली सरकार के अस्पतालों में और आइसीयू बेड बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा बैठक में एक और बड़ा निर्णय लिया गया कि जो टेस्ट किए जा रहे हैं, उसे बढ़ाया जाएगा। अभी दिल्ली में हम लोग 60 हजार का टेस्ट प्रतिदिन कर रहे हैं, अब इसको बढ़ाकर 1 लाख से सवा लाख प्रतिदिन करना है। जिसमें आइसीएमआर ने आश्वस्त किया है कि जो भी व्यवस्थाएं होंगी, उसमे केंद्र सरकार से मदद मिलेगी। क्योकि दिल्ली सरकार की जो सुविधाएं हैं, वह अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। इस बैठक मे कोरोना को लेकर मोटे तौर पर यही निर्णय हुए हैं।

देश दुनिया की अहम खबरें अब सीधे आप के स्मार्टफोन पर TheHindNews Android App

इस सप्ताह की शुरुआत में सीएम केजरीवाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिखकर केंद्र सरकार के अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड़ बढ़ाने का अनुरोध किया था। दिल्ली सरकार ने आने वाले सप्ताह में प्रतिदिन 15 हजार कोरोना वायरस के मरीज आने की आशंका के मद्देनजर बेड़ बढ़ाने का अनुरोध किया था।

दिल्ली सरकार ने कोविड-19 मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभिन्न अस्पतालों में बेड़ बढ़ाने के लिए बहुत गंभीरता से ध्यान दिया है। दिल्ली सरकार ने सभी निजी अस्पतालों से कोविड मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ाने और कोरोना मरीजों के लिए 80 फीसदी बेड आरक्षित करने के लिए कहा। पिछले सप्ताह दिल्ली उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कोरोना के मरीजों के लिए 33 निजी अस्पतालों में 80 फीसदी आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) बेड दो सप्ताह के लिए आरक्षित करने की अनुमति दे दी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना की गंभीर स्थिति को देखते हुए हाइकोर्ट ने कानूनी रोक को हटाते हुए यह आदेश दिया है।

आज की तारीख में 16641 कोविड बेड पूरी दिल्ली के अस्पतालों में हैं। इसमे 5451 बेड दिल्ली सरकार के अस्पतालों में है, जबकि केंद सरकार के अस्पतालों में 3721 बेड हैं और शेष बेड अन्य अस्पतालों से उपलब्ध कराए गए हैं। इससे पहले भी जब दिल्ली सरकार ने केंद्र से समर्थन मांगा था, उसने हमेशा सकारात्मक सहयोग दिया है और जब भी आवश्यकता हो, राज्य को बेड, चिकित्सा सुविधा और अन्य सहायता प्रदान की है। दिल्ली मॉडल को व्यापक रूप से हर एजेंसी द्वारा स्वीकार किया गया था और सरकार के विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की वजह से दिल्ली कोविड मामलों को नियंत्रित करने में कामयाब रहा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

कांग्रेस नेता ललन कुमार का तंज ‘नड्डा ने यूपी के लॉ एंड आर्डर की तारीफ की मगर ‘हाथरस और बदायूँ” भूल गए’

लखनऊः भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने अपने लखनऊ दौरे पर कार्यकर्ताओं को दिए गए संबोधन में उत्तर...

ट्रैक्टर-ट्रालियों के जत्थों के साथ किसान दिल्ली रवाना

हिसारः  कृषि सम्बंधी तीन काले कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर पिछले दो माह से चल रहे आंदोलन के तहत...

छठवां चौरी-चौरा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2-4 फरवरी 2021 को

गोरखपुर: चौरी चौरा विद्रोह का शताब्दी वर्ष शुरू होने के साथ ही चौरी चौरा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का छठवां संस्करण राजधानी गांव से...

असम में बोले अमित शाह ‘कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल असम में घुसपैठियों के लिये दरवाज़े खोल देंगे’

नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी के चोटी के नेता और देश के गृहमंत्री अमित शाह ने आज एक रैली में कहा कि...

नेहरू और सुभाषः याद करेगी दुनिया, तेरा मेरा अफसाना….

मनीष सिंह ये लाइन फिल्मी जरूर है, मगर सुभाष और नेहरू का अफसाना किसी फ़िल्म की कथा से कम...