नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि यह त्योहारों का समय चल रहा है। एक तरफ, देश का हर नागरिक त्योहार मना रहा होगा, तो दूसरी तरफ एमसीडी के कर्मचारी सैलरी नहीं मिलने की वजह से इन खुशियों से दूर रहेंगे। भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा शासित एमसीडी के कर्मचारी त्योहार के समय में भी अपनी सैलरी के लिए भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हैं। पिछले 14 सालों से एमसीडी की सत्ता में बैठी भाजपा अपने भ्रष्टाचार के कारण आज कर्मचारियों को सैलरी तक नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा कि एमसीडी अपने 18 हजार करोड़ रुपए के वार्षिक बजट में से केवल 10 प्रतिशत पैसा भी सही से खर्च करती, तो आज त्योहार के समय कर्मचारियों को सैलरी के लिए भूख हड़ताल पर नहीं बैठना पड़ता। दहशरा, दीपावली और वाल्मीकि जयंती जैसे त्योहारों के समय भाजपा कर्मचारियों की सैलरी के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि भाजपा इस पर राजनीति बंद करे और कर्मचारियों का वेतन तुरंत जारी किया जाए।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों के वेतन की मांग करते हुए पार्टी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस की। दुर्गेश पाठक ने कहा कि आज राम नवमी है और कल दशहरा है। इसके बाद दीपावली भी आने वाली है, इसी बीच बाल्मीकि जयंती भी है। यह त्योहारों का समय है। राम नवमी को बहुत बड़ा त्योहार माना जाता है और सभी लोग परिवार संग इस त्योहार को मनाते हैं। जब हिंदुस्तान का हर नागरिक इन त्योहारों को मना रहा होगा, खुशियों से झूम रहा होगा, दीवाली की मिठाइयां बांट रहा होगा, उस समय एमसीडी की वजह से हजारों लोग इन खुशियों से दूर होंगे।

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दुर्गेश पाठक ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी की एमसीडी के अंदर काम करने वाले हजारों कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर दिल्ली की जनता की सेवा करने वाले डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी आज भूख हड़ताल पर हैं। उनको पिछले छह महीनों से वेतन नहीं मिल पाया है। भाजपा पिछले 14 सालों से एमसीडी में सत्ता में है, उन्होंने इन 14 सालों में एमसीडी को इस कदर लूटा कि आज कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल पा रहा है।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा शासित एमसीडी का करीब 18 हजार करोड़ रुपये का बजट है, अगर इस बजट का 10 फीसदी पैसा भी सही तरीके से खर्च कर दिया जाए, तो इन कर्मचारियों को आराम से वेतन मिल सकता है। लेकिन त्योहारों के इस समय में कर्मचारियों को वेतन देने के बजाय भाजपा राजनीति कर रही है और आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेल रही है। सीएजी की रिपोर्ट कहती है कि एमसीडी पर दिल्ली सरकार के 4 हजार करोड़ रुपये बकाया हैं। एमसीडी पर दिल्ली जल बोर्ड के करीब 6500 करोड़ रुपये बकाया हैं। लेकिन फिर भी भाजपा के नेता अपनी आदत से मजबूर हैं और वो बस दूसरों पर आरोप लगाने के अलावा कोई काम नहीं कर रहे हैं।

दुर्गेश पाठक ने कहा, राम नवमी, दशहरा, दीपावली और वाल्मीकि जयंती के समय में जब सरकारें अपने कर्मचारियों को बोनस दे रही हैं, ऐसे में भाजपा शासित एमसीडी बोनस तो क्या देगी अपने कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दे पा रही है। अगर इन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा तो उनके घरों के कैसे दीवाली के दिये जलेंगे। उनके घरों में कैसे खुशियां आएंगी और किस तरह वो राम नवमी और दशहरा मनाएंगे? त्योहारों और खुशियों के इस समय में कर्मचारियों का वेतन रोकना बड़ा पाप है। भाजपा ने एमसीडी का बुरा हाल कर दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि मैं भाजपा के नेताओं से कहना चाहता हूं कि वो राजनीति बंद करें। मेरी हाथ जोड़कर विनती है कि कर्मचारियों का वेतन तुरंत जारी किया जाए। एक महीने और 15 दिन का वेतन देना बिल्कुल गलत है। उनका सारा रुका हुआ वेतन एक साथ जारी करें। अगर आप वेतन नहीं देते हो तो फिर आपको एमसीडी में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बनता। आम आदमी पार्टी तो लगतार कहती आ रही है कि भाजपा ने 14 साल एमसीडी को चलाया है, भाजपा एक साल के लिए हमें एमसीडी दे दे। हम इतने बजट में ही अच्छी तरह एमसीडी को चलाकर दिखा देंगे। हम कर्मचारियों को वेतन भी देंगे, एमसीडी के स्कूल, अस्पताल भी चला देंगे, तीनों कूड़े के पहाड़ों को भी खत्म कर देंगे और दिल्ली को भी साफ कर के दिखा देंगे।

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