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भ्रष्टाचार में डूबी BJP शासित एमसीडी ने डाॅक्टरों, सफाई कर्मियों, शिक्षकों के साथ ही 700 डाटा एंट्री आँपरेटर्स को भी कई महीने से वेतन नहीं दिया : सौरभ भारद्वाज

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा शासित एमसीडी डाॅक्टरों, सफाई कर्मियों और शिक्षकों के साथ ही पिछले कई महीने से करीब 700 डाटा एंट्री आँपरेटर्स को भी वेतन नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा कर्मचारियों को वेतन नहीं दे सकती, तो उसे एमसीडी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा तत्काल इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी को एमसीडी सौंप दे, हम इतने ही पैसे और इसी व्यवस्था में दिल्ली को साफ करके और सभी कर्मचारियों को वेतन देकर दिखाएंगे। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम से नेता विपक्ष प्रेम सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डाल कर उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में करीब 700 डाटा आॅपरेटर्स ने काम किया, कई महीने से वेतन नहीं मिलने से इनका परिवार भूखमरी की कगार पर पहुंच गया है। वहीं, एक डाटा एंट्री आँपरेटर का कहना है कि वे सिर्फ अपने हक के वेतन की मांग कर रहे हैं, उनके घर की आर्थिक स्थिति बेहद गंभीर हैं। घर में रोटी खाने तक के लाले पड़े हैं और उनके पास बच्चों के स्कूल की फीस देने के लिए पैसा नहीं हैं।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने बताया कि भाजपा शासित नगर निगम में पहले ही अपने अधीन काम करने वाले डॉक्टरों, सफाई कर्मचारियों, अध्यापकों का वेतन कई महीनों से रुका हुआ है, उसी कड़ी में एक कुंदा और जुड़ गया है। नगर निगम के अधीन काम करने वाले लगभग 700 डाटा एंट्री ऑपरेटर का वेतन भी भाजपा शासित नगर निगम ने कई महीनों से नहीं दिया है।

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सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि आप डॉक्टरों की तनख्वाह नहीं दे सकते, अध्यापकों की तनख्वाह नहीं दे सकते, सफाई कर्मचारियों की तनख्वाह नहीं दे सकते और अब डाटा ऑपरेटर की तनख्वाह भी आपसे नहीं दी जा रही है, तो भाजपा को नगर निगम में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा नगर निगम से इस्तीफा दे और नगर निगम की जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी को सौंपे। हम इतने ही पैसे में, इसी व्यवस्था के साथ और इन्हीं लोगों के साथ नगर निगम को बेहतर तरीके से चला कर दिखाएंगे। दिल्ली को साफ और स्वच्छ बना कर दिखाएंगे और नगर निगम के अधीन किसी भी विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों को उनका वेतन समय पर देकर दिखाएंगे।

प्रेस वार्ता में मौजूद आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद एवं दक्षिणी दिल्ली नगर निगम से नेता विपक्ष प्रेम सिंह चौहान ने कहा कि जैसा कि सबको पता है कि आजकल भाजपा शासित नगर निगम अपने कर्मचारियों को वेतन दिए बिना काम कराने वाले संस्थान के तौर पर जाना जाता है। उसी कड़ी में आज एक और जानकारी मैं आप लोगों के साथ साझा कर रहा हूं। उन्होंने बताया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में लगभग 700 डाटा ऑपरेटर ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना महामारी के ऐसे काल में काम किया, जब कोई व्यक्ति अपने घर से बाहर भी नहीं निकलना चाहता था। ऐसे महामारी के समय में इन लोगों ने जनता को अपनी सेवाएं दी, ताकि नगर निगम का काम सुचारू रूप से चलता रहे।

यह बड़े ही शर्म की बात है कि ऐसे कोरोना योद्धाओं को भाजपा शासित नगर निगम पिछले कई महीनों से वेतन नहीं दे रहा है। जिन लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना महामारी के काल में अपनी सेवाएं दी, आज उनके अपने बच्चे भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। पहले सफाई कर्मचारियों की तनख्वाह रोकी गई, उसके बाद कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह भी नहीं मिली और अब इन डाटा ऑपरेटरों के हिस्से का वेतन भी भाजपा के नेता और अधिकारी मिलकर खा गए। प्रेम सिंह चौहान ने मीडिया के माध्यम से भाजपा के नेताओं, निगम के अधिकारियों और मेयर साहब से यह अपील की कि इन डाटा ऑपरेटर के हक का वेतन जल्द से जल्द उनको दिया जाए, ताकि उनके घरों में जो एक आपातकाल की स्थिति पैदा हो गई है, यह लोग उससे बाहर निकल सके। इनकी जो समस्याएं पैदा हो गई हैं, वह सभी समस्याएं खत्म हो सके, इनके घरों का चूल्हा फिर से एक बार जल सके।

प्रेस वार्ता में मौजूद एक डाटा ऑपरेटर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए अपनी समस्याओं को उनके समक्ष रखते हुए कहा कि हम केवल अपने हक की कमाई, अपने वेतन की मांग कर रहे हैं। हमारे घर में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, रोटी खाने तक के लाले पड़ गए हैं, बच्चों के स्कूल की फीस देने के लिए हमारे पास पैसा नहीं है, स्कूल से बार-बार फीस भरने के लिए मैसेज आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के काल में भी हमारे सभी डाटा ऑपरेटर अपने घरों से बाहर निकलकर दफ्तर आए हैं और अपनी पूरी सेवाएं दी हैं, बावजूद इसके हमारी तनख्वाह हम को नहीं दी गई हैं। उन्होंने बताया कि अब तो स्थिति यह बन गई है कि हमारे कॉन्ट्रैक्ट का ही कुछ अता पता नहीं है, कब तक हमारी तनख्वाह आएंगी, इस बात का भी कुछ अता पता नहीं है।

उन्होंने बताया कि पांचवा महीना शुरू हो गया है और हमें अभी तक कोई तनख्वाह नहीं मिली है। मीडिया के माध्यम से उन्होंने भाजपा के नेताओं से, नगर निगम के अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कहा कि हमें हमारे हक का वेतन और हमारे नौकरी की गारंटी दे दी जाए, बस हम इतनी सी ही मांग भाजपा शासित नगर निगम के अधिकारियों और भाजपा के नेताओं से कर रहे हैं।

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