नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी शासित एमसीडी अपने अस्पतालों को केजरीवाल सरकार को न सौंपकर दिल्ली की जनता के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नार्थ एमसीडी के तत्कालीन मेयर रहे आदेश गुप्ता को बताना चाहिए कि जब उन्होंने 28 जुलाई 2018 को केंद्र सरकार को इन अस्पतालों की जिम्मेदारी संभालने का अनुरोध किया था, तो अब उन्हें इन अस्पतालों को दिल्ली सरकार को देने में क्या दिक्कत आ रही है? जब एमसीडी यह मान चुकी है कि वो अपने अस्पतालों को नहीं चला पा रही है, तो उसे अपने पास रखना एक तरह से आपराधिक लापरवाही है।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने आज पार्टी मुख्यालय में एमसीडी के अंदर आने वाले अस्पतालों के संबंध में प्रेस वार्ता की। दुर्गेश पाठक ने कहा कि आज नॉर्थ एमसीडी का सदन है, जहां कर्मचारियों के वेतन पर चर्चा होनी है। पिछले करीब 6 महीनों से एमसीडी के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। केंद्र सरकार एक तरफ, कोरोना योद्धा डॉक्टरों के सम्मान में फूलों की बारिश कराती है, वहीं दूसरी तरफ, जब डॉक्टर अपना वेतन मांगते हैं, तो उनके साथ सिर्फ राजनीति की जाती है। डॉक्टर जब भी एमसीडी से वेतन मांगते हैं, तो उनको एक ही बात कही जाती है कि दिल्ली सरकार एमसीडी को फंड नहीं दे रही है।

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दुर्गेश पाठक ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने एमसीडी को यह प्रस्ताव दिया था कि अगर आप अस्पताल नहीं चला पा रहे हैं, तो उन्हें दिल्ली सरकार को सौंप दें, लेकिन भाजपा शासित एमसीडी ने इसके ऊपर कोई सकारात्मक जवाब देने के बजाय राजनीति करनी शुरू कर दी। उन्होंने दिल्ली सरकार को यह अस्पताल सौंपने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि 28 जुलाई 2018 को नॉर्थ एमसीडी के मेयर आदेश गुप्ता ने केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया था कि एमसीडी के अंदर आने वाले 6 मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की जिम्मेदारी केंद्र सरकार संभाल ले, हम इस जिम्मेदारी को नहीं निभा पा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा शासित एमसीडी ने केंद्र सरकार से पत्र में हिंदू राव, कस्तूरबां गांधी, राजन बाबू टीबी अस्पताल, गिरधारी लाल, महर्षि बाल्मीकि और बालक राम अस्पताल की जिम्मेदारी संभालने का अनुरोध किया था। पत्र में उन्होंने कारण बताते हुए कहा था कि पिछले दो-तीन सालों से एमसीडी को वित्तीय संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों से जनता की उम्मीदों को हम पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यह पहली बार हो रहा है कि एमसीडी किसी विभाग को केंद्र सरकार को सौंप रही है। पत्र में कहा गया है कि इससे पहले एमसीडी फायर विभाग, दिल्ली विद्युत बोर्ड और जल बोर्ड को सही तरीके से चलाने के लिए दिल्ली सरकार को सौंप चुकी है। अब हम चाहते हैं कि यह 6 अस्पताल केंद्र सरकार संभाल ले।

दुर्गेश पाठक ने कहा, जब यह पत्र लिखा गया था तो उस समय आदेश गुप्ता नॉर्थ एमसीडी के मेयर थे। हालांकि, केंद्र सरकार ने उनके अनुरोध को ठुकरा दिया था। मैं आदेश गुप्ता से पूछना चाहता हूं कि जब आपने 28 जुलाई 2018 को केंद्र सरकार को इन अस्पतालों की जिम्मेदारी संभालने का अनुरोध किया था तो अब आपको दिल्ली सरकार को इन अस्पतालों को देने में क्या दिक्कत है? इन अस्पतालों को केजरीवाल सरकार को न सौंपकर भाजपा शासित एमसीडी बहुत बड़ी गलती कर रही है। भाजपा दिल्ली की जनता के साथ गद्दारी कर रही है। आदेश गुप्ता जी जब आप खुद मान चुके हैं कि एमसीडी, अस्पतालों को नहीं चला पा रही तो आपको इन्हे दिल्ली सरकार को देने में क्या परेशानी है।

दुर्गेश पाठक ने आगे कहा कि इन अस्पतालों को दिल्ली सरकार को सौंपने से डॉक्टरों को वेतन मिल जाएगा, उनके परिवार पल जाएंगे, लाखों मरीजों का इलाज अच्छे से किया जा सकेगा। जब एमसीडी मान चुकी है कि वो इन अस्पतालों को नहीं चला पा रही है, तो उनको अपने पास रखना आपराधिक लापरवाही है। अरविंद केजरीवाल की सरकार इन्हे चलाने को तैयार है, तो एमसीडी अस्पताल क्यों नहीं दे रही है? मैं आदेश गुप्ता से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि इस पर राजनीति न करें। यह दिल्ली वालों के स्वास्थ्य की बात है, डॉक्टरों के वेतन की बात है, कोरोना काल है, आप यह अस्पताल दिल्ली सरकार को सौंप दें। हम दिल्ली के बाकी अस्पतालों की तरह एमसीडी के अस्पतालों को भी बेहतर कर के दिखा देंगे।

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