केजरीवाल लॉकडाउन के भरोसे , इसलिए सुविधाओं के विस्तार की दूरगामी नीति नहीं:चौधरी अनिल कुमार

  • दिल्ली सरकार तुरंत 20000 बेड के ऑक्सिजन बेड व 2000 बेड आईसीयू बेड को बढ़ाने का तैयारी करे – चौधरी अनिल कुमार
  • टेस्टिंग , होम – आइसोलेशन फ़ेल नतीजा लॉकडाउन के बाबजूद बढ़ रहे संक्रमण दर , लगाम नहीं लगाया तो सारी व्यवस्था कम पड़ते रहेंगे- चौधरी अनिल कुमार
  • दिल्ली को 1000 मेट्रिक टन ऑक्सिजन की आवश्यकता , आधी भी उपलब्ध नहीं – चौधरी अनिल कुमार

नई दिल्ली 29 अप्रैल
दिल्ली प्रदेश काँग्रेस कमिटी अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने बयान जारी कर चिंता जताते हुए कहा कि लॉकडाउन के बाबजूद जिस प्रकार से दिल्ली में संक्रमण बढ़ रहा है उससे आने वाले दिनों में और भी गंभीर समस्या पैदा होने का खतरा है , उन्होने कहा कि आज लॉकडाउन के बाबजूद केजरीवाल के विफलता के कारन दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सिजन बिस्तर , वेंटिलेटर की भारी कमी है , अगर दिल्ली सरकार लॉकडाउन हटाती है तो यह कमी कई गुना बढ़ सकती है । उन्होने कहा कि जहाँ दिल्ली सरकार वर्तमान हालात को काबू करने में विफल है वहीं सरकार का ध्यान आने वाले समस्याओं को लेकर भी नहीं है , तैयारी के नाम पर भी कुछ नज़र नहीं आ रहा केवल खाना – पूर्ति की कोशिश चल रही । उन्होने कहा कि लॉकडाउन समस्या का सामाधान नहीं हमें अस्पतालों व सुविधाओं का विस्तार करना ही होगा । चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने जिस प्रकार से दिल्ली में एक तरफ लॉकडाउन लगाया था तथा दूसरी तरफ टेस्टिंग बढ़ाने की जगह उलटा कम कर दी उसका नतीजा है कि लॉकडाउन के बाबजूद दिल्ली में संक्रमण की दर में लागातार बढ़ोतरी दर्ज हुई । इसके लिए होम आइसोलेशन में देखरेख नहीं होना भी जिम्मेदार है । उन्होंने दिल्ली सरकार को चेताया कि अगर बड़े स्तर पर टेस्टिंग केंद्र अब भी नहीं बढ़ाए गए तो वाइरस को कंटेन करना मुश्किल होगा । ऐसे में कितनी भी सुविधाएं बढ़ाई जाएगी वो कम होंगे।
चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली को भगवान भरोसे छोड़ कर भाजपा के साथ आरोप – प्रत्यारोप कि राजनीति में व्यस्त है । उन्होने कहा कि केजरीवाल दिल्ली को ऑक्सिजन मुहैया कराने में बिल्कुल विफल रहे , शुरुवाती समस्याओं के बाद सभी राज्यों ने जहाँ अपने सप्लाइ चेन को दुरुस्त किया वहीं केजरीवाल ने अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए दोषारोपण में व्यस्त रहे।
चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल ने अपने 18 अप्रैल के पत्र में 700 मेट्रिक टन ऑक्सिजन की जरूरत बताया लेकिन अबतक दिल्ली को मात्र 445 मेट्रिक टन सप्लाइ ही मिल रही है , आज एक अनुमान मुताबिक लगभग 1000 मेट्रिक टन ऑक्सिजन की जरूरत है लेकिन इसकी आधी भी नहीं मिल रहा । उन्होने कहा कि दिल्ली सरकार ने मौजूदा आवंटन का उठान करने का व्यवस्था अब तक नहीं किया है , ऐसे में आने वाले दिनों की जरूरत कैसे पूर्ण होगी यह गंभीर चिंता का विषय है । चौधरी अनिल कुमार ने माँग किया कि दिल्ली सरकार तुरंत 20000 बेड के ऑक्सिजन बेड व 2000 बेड आईसीयू बेड को बढ़ाने का तैयारी करे । दिल्ली को बड़े स्तर पर वेंटिलेटर , एम्ब्युलेन्स कि जरूरत भी पड़ने वाली है जिसको लेकर दिल्ली सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है ।
चौधरी अनिल कुमार ने चेताया कि लॉकडाउन कर लंबे समय तक भगवान भरोसे संक्रमण पर रोक का अब भी इंतज़ार किया गया तो तबतक दिल्ली बर्बाद हो जाएगा सारे , उद्योग धंधे चौपट हो जाएंगे ; आर्थिक समस्या के कारण कोविड से भी ज्यादा बड़ा नुकसान दिल्ली को उठाना पड़ सकता है।

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