दुकान इलोक्ट्रॉनिक की, बेच रहा था रेमडेसिविर, पुलिस ने पकड़ा तो बोला पापा के लिए खरीदे थे

छत्तीसगढ़
एक तरफ कोरोना महामारी कहर ढा रही है,वहीं दूसरी ओर लोग इस महामारी में भी कालाबाज़ारी जैसा महापाप करने से भी नही चूक रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने एक युवक को बुधवार दोपहर रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचते हुए पकड़ा है। उसके पास से 4 इंजेक्शन बरामद हुए हैं। पकड़ा गया आरोपित हिमांशु बुधिया इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बेचने का काम करता है। उसकी कोतवाली थाने के सामने बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से बिजली की दुकान है। पुलिस ने पकड़ा तो उसने इंजेक्शन पिता के लिए खरीदने की बात बताई और कहा कि बच गया तो वह बेच रहा था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ करने के साथ बयान की जांच कर रही है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
सिविल लाइन थाना प्रभारी सुरेंद्र स्वर्णकार ने बताया उन्हें सूचना मिली कि एक युवक रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा है। इस पर उन्होंने जानकारी जुटाई और फिर नकली ग्राहक बनाकर इंजेक्शन का सौदा किया। आरोपी युवक ने एक इंजेक्शन को 20 हजार रुपए में बेचने की बात कही। सौदा तय होने पर पुलिस ने उसे अग्रसेन चौक बुलाया और पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उससे 4 इंजेक्शन बरामद हुए हैं।
पुलिस ने द्वारा पूछताछ करने पर युवक ने बताया कि उसने यह इंजेक्शन एक लाख में पिता के लिए खरीदा था, बचने पर बेच रहा।
पुलिस को आरोपी ने बताया कि उसके पिता कोरोना संक्रमित थे। उन्हें महादेव अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत पड़ी थी। तब उसने 5 इंजेक्शन 1.06 लाख रुपए में खरीदा थे। उन्हें एक लगा और बाकी 4 बच गए तो उन्हें ही बेच रहा था।
प्रभारी सुरेन्द्र स्वर्णकार ने बताया कि आरोपी की बातों पर संदेह है। मामले की जाँच की जा रही है। इंजेक्शन सप्लायर को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के पिता महादेव अस्पताल में भर्ती थे भी या नहीं। अगर थे तो क्या उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन लगा था और कितने मंगाए गए थे। इस संबंध में औषधि विभाग को भी जानकारी दी गई है। बैच नंबर के आधार पर उसकी सप्लाई की जानकारी मांगी जाएगी।

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