नई जनसंख्या नीति मानवाधिकारों का हनन: अबुल क़ासिम नौमानी

देवबंद(रिजवान सलमानी)
बढ़ती आबादी को विकास में बाधक बताते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा जारी की गई नई जनसंख्या नीति को इस्लामी शिक्षा के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम देवबंद ने मानवाधिकारों का हनन बताया है।
दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी ने अपनी राय का इजहार करते हुए कहा कि पापुलेशन कंट्रोल एक्ट जिस अंदाज में यहां लागू करने की कोशिश की जा रही है, हम यह समझते हैं कि यह ह्यूमन राइट के खिलाफ है। कहा कि दो से ज्यादा बच्चे पैदा हो गए और उनको सुविधाओं से वंचित कर दिया जाए तो इसमें उन बच्चों की क्या खता है। हम यह मानते हैं कि यह कानून इंसाफ पर आधारित नहीं है, गलत है। इंसाफ पर आधारित कानून होना चाहिए।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश जनसंख्या नीति जारी की है। विधेयक के प्रारूप के अनुसार दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरियों में आवेदन से लेकर स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने तक पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। इतना ही नही विधेयक में दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी योजनाओं का भी लाभ न दिए जाने का जिक्र है।

देश दुनिया की अहम खबरें अब सीधे आप के स्मार्टफोन पर TheHindNews Android App

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here