प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी को है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से ख़ास लगाव, प्रधानमन्त्री के हस्तक्षेप के बाद यूनिवर्सिटी में बढ़ीं सुविधाएँ

नई दिल्ली
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के लिए प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के दिल में ख़ास जगह है। यही वजह है कि वो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मामले में व्यक्तिगत तौर पर दिलचस्पी लेते हैं और वो उस वक़्त बेचैन हो गये थे,जब एमएमयू में कोरोना से मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी के बारे में सुना। उन्होंने हालात का जायज़ा लेने के लिए फौरन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा था।
प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत दिलचस्पी का अंदाज़ा इस बात से होता है कि एएमयू कैम्पस में कोरोना की वजह से कई मौज़ूदा और पूर्व प्रोफेसर्स की मौत से परेशान होकर प्रधानमन्त्री ने वहाँ ख़ास तवज्जो की थी।
प्रधानमन्त्री ने व्यक्तिगत दिलचस्पी लेते हुये वाइस चांसलर से बात की और सही स्थिति का जायज़ा लेने के लिए फौरन ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा, ताकि वो कैम्पस में इस वायरस को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठायें।
कोरोना के इलाज के लिए बनाये गए सेंटर का निरीक्षण कर सकें। कमांड एन्ड कन्ट्रोल सेंटर और कोरोना मरीज़ के लिए जो सुविधायें हैं,उनका निरीक्षण कर सकें। मुख्यमन्त्री ने कोरोना संक्रमित रोगियों को मिलने वाली सुविधाओं का स्वयं निरीक्षण किया। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ ने वाइस चांसलर तथा अन्य सदस्यों से भी मुलाकात की और सही स्थिति पता करने की कोशिश की।
प्रधानमन्त्री को जो रिपोर्ट मिली थी वो ग़लत और गुमराह करने वाली थी। वाइस चांस्लर ने प्रधानमन्त्री को सही स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जाँच से मालूम हुआ है कि
समाचार पत्रों में दी गयी कोरोना सम्बंधित मौतों की जानकारी में काफ़ी समय पहले रिटायर्ड हुये उन प्रोफेसर्स के नाम शामिल थे,जो अलीगढ़ में नही रहते थे। उनमें अधिकतर का दिल के दौरे और फालिस पड़ने से निधन हुआ है। केवल 16 मौतों की पुष्टि कोविड से हुई है। इनमें से 9 का जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में निधन हुआ। तीन का शहर के निज़ी अस्पतालों में तथा चार का शहर के बाहर इंतकाल हुआ। इस सही जानकारी के मिलने से प्रधानमन्त्री ने राहत की साँस ली।
प्रधानमन्त्री के हस्तक्षेप के बाद कैम्पस में मौजूद सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की गयी। यूनिवर्सिटी संचालक का कहना है कि वह कैम्पस में सुविधाओं को बढ़ाये जाने पर प्रधानमन्त्री के आभारी हैं।
पीएम मोदी ने एएमयू को भरोसा दिलाया है कि यूनिवर्सिटी की मदद करने में कोई कसर नही छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूनिवर्सिटी को सम्पूर्ण सहायता देने के अलावा वाइस चांसलर से यूनिवर्सिटी की बेहतरी के लिए कई अहम कदम उठाने को कहा है। इससे अंदाज़ा होता है कि प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के दिल में यूनिवर्सिटी के लिए एक ख़ास जगह है। पीएम दिसम्बर में हुये यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह में भी मुख्य अतिथि रहे थे।
ज्ञात हो कि प्रधानमन्त्री को भेजी गयी रिपोर्ट में ये बताया गया था कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में कोविड के कारण स्थिति ख़राब है और कई प्रोफेसर्स एवं छात्रों की कोरोना से मृत्यु हो गयी है।

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