बच्चों को ख़रीद कर बेचने वाले गिरोह का खुलासा,बच्चे एवं नगदी सहित 11 गिरफ़्तार

शमशाद रज़ा अंसारी
गाजियाबाद एसपी देहात डॉ ईरज राजा के निर्देशन में लोनी थाना पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुये ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो बच्चा चोरी कर या बच्चे का सौदा कर उन्हें निसंतान दम्पत्ति को बेचा देता था। पुलिस ने इस गैंग के 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है ।जबकि 3 लोग अभी फरार हैं। उनकी तलाश जारी है। पुलिस ने इनके द्वारा हाल में ही लोनी इलाके से चोरी किए गए 14 दिन के बच्चे को लखनऊ से सकुशल बरामद कर लिया है। अभियुक्तों के पास से ₹500000 की नकदी भी बरामद हुई है।
मामले का खुलासा करते हुए एसपी देहात डॉक्टर ईरज राजा ने बताया कि लोनी क्षेत्र में रहने वाले फरियाद नाम के एक शख्स ने 12 मई को पुलिस को सूचना दी कि किसी ने उसके 14 दिन के बच्चे को चोरी कर लिया है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इस पूरे मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी। पुलिस ने फरियाद से सख़्ती से पूछताछ की तो फरियाद ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुये खुद स्वीकार किया कि उसकी बच्चा बेचे जाने के लिए किसी बिचौलिया से बात हुई थी। लेकिन उसे पैसा नहीं दिया जा रहा था। इसलिये उसने बच्चा देने के लिए मना कर दिया। जिसके बाद उसका बच्चा चुरा लिया गया।


एसपी देहात ने बताया कि इस पूरे मामले के खुलासे के लिए कई टीम का गठन किया गया। इसमें सबसे पहले मसूरी के रहने वाले वाहिद नाम के एक शख्स का नाम सामने आया। उसके बाद पूरी चैन जुड़ती चली गई। इसमें एक झोलाछाप महिला डॉक्टर भी शामिल रही जो वाहिद के साथ मिलकर अन्य इलाकों में ऐसे गरीब लोगों से संपर्क कर उनके बच्चे बेचे जाने के लिए बिचौलिया का कार्य करती थी। इनके साथ इस गैंग में शामिल दिल्ली में रहने वाली एक महिला भी है। जिसके द्वारा बच्चा बेचा जाता था। पूछताछ के दौरान पुलिस टीम को पता चला कि इस पूरे मामले में 14 लोग शामिल है और पुलिस ने फिलहाल 11 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। अभी 3 लोग फरार हैं उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
पूछताछ के दौरान इन सभी लोगों ने बताया कि फरियाद का बच्चा दिल्ली में रहने वाली महिला के माध्यम से लखनऊ में एक दंपति को ₹550000 में बेचा गया है। पुलिस ने लखनऊ से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है और बिचौलियों के पास से ₹500000 की नकदी भी बरामद कर ली है। बिचौलियों ने बताया कि ₹50000 वह खर्च कर चुके हैं।
डॉ ईरज राजा ने बताया कि फिलहाल जो पूरा मामला खुलकर सामने आया है ।उसमें पता चला है। कि फरियाद गरीबी के कारण करीब 3 साल पहले भी अपने एक बच्चे को बेच चुका है। इसके अलावा इनके अन्य कई रिश्तेदार भी हैं ।उन्होंने भी अपने कई बच्चों को दिल्ली की बिचौलिया के माध्यम से ही बेचा है। फिलहाल पुलिस अभी इस पूरे मामले की गहन पड़ताल में जुटी हुई है। यह जानकारी की जा रही है कि अभी तक इस गैंग ने कितने बच्चों को बेचा है और कहाँ बेचा है।

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