ख़ुद को आईएएस-आईपीएस अधिकारी बता कर ठगी करने वाला शातिर ठग गिरफ़्तार

ग़ाज़ियाबाद
अक्सर लोग उच्चाधिकारियों से सम्बंध बनाने को आतुर रहते हैं। ऐसे लोग ठगों के निशाने पर रहते हैं। ठग खुद को उच्चाधिकारी बता कर इन्हें अपनी बातों के जाल में फंसा कर ठग लेते हैं। थाना इंदिरापुरम पुलिस तथा साइबर सेल ने संयुक्त कार्यवाही करते हुये ऐसे ही शातिर ठग को गिरफ़्तार किया है,जो खुद को आईएएस-आईपीएस अधिकारी बता कर लोगों पर अपना प्रभाव जमाने के बाद उनके साथ ठगी किया करता था। शातिर ठग अपनी बेटी के स्कूल की वाइस प्रिंसिपल के साथ ठगी करने के बाद पुलिस की गिरफ़्त में आ गया।


पकड़ा गया ठग अनुज प्रकाश मूल रूप से जनपद आरा बिहार का रहने वाला है, फिलहाल वह क्रॉसिंग रिपब्लिक में रह रहा था। अनुज रिटायर्ड डिप्टी एसपी का दामाद है। वह दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई करने के बाद दो न्यूज़ चैनलों में काम कर चुका है।
अनुज प्रकाश ने हाल ही में इंदिरापुरम के वैशाली निवासी एक सेवानिवृत कर्नल व उनकी पत्नी समेत अन्य से लाखों की ठगी की थी। इस मामले में पीड़ितों ने थाना इंदिरापुरम में मुकदमा दर्ज कराया था।

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क्षेत्राधिकारी तृतीय अंशु जैन ने बताया कि अनुज प्रकाश की बेटी मोरटा स्थित नारायणा ई-टेक्नो स्कूल में पढ़ती है। उस स्कूल में वैशाली सेक्टर नौ निवासी शेफाली हुड्डा वाइस प्रिसिंपल थीं। शेफाली के पति आर हुड्डा सेवानिवृत मेजर हैं। स्कूल में अनुज ने अपने आप को आईपीएस अधिकारी बताया हुआ था। इस कारण शेफाली और अनुज की जान पहचान हो गई। अनुज ने शेफाली के पति आर हुड्डा की सिंगापुर की एक कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके पति से 4.62 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद शेफाली ने स्कूल से नौकरी छोड़ी तो अनुज ने एक कंपनी में पीआरओ की नौकरी दिलाने के नाम पर 3.90 लाख रुपये हड़प लिए। अनुज ने नौकरी नहीं दिलाई तो शेफाली को शक हुआ और इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। जांच में पता चला है कि आरोपित ने सुनील सिंह नाम के व्यक्ति से भी 40 हजार की ठगी की थी। इस मामले में भी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके अलावा वह अब तक नौकरी दिलाने के नाम पर 100 से अधिक लोगों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।

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