शमशाद रज़ा अंसारी

गुरुवार शाम को लिफ्ट ख़राब होने के कारण हुये दर्दनाक हादसे में लिफ्ट के गड्ढे में गिर कर बुज़ुर्ग की मौत हो गयी। मृतक के पुत्र ने बिल्डर पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

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ग़ाज़ियाबाद की एक कॉलोनी में गुरुवार शाम को लिफ्ट में खराबी की वजह से 76 वर्षीय सेवानिवृत एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की मौत हो गई। बटन दबाने से लिफ्ट का गेट तो खुल गया था, लेकिन लिफ्ट नहीं आई जिसकी वजह से बुजुर्ग तीसरे फ्लोर से सीधे नीचे ग्राउंड फ्लोर के गड्ढे में गिर गए।

मोरटा शाहपुर मार्ग पर गांव मोरटा के पास मोती रेजीडेंसी कॉलोनी में 13 फ्लोर हैं। जिसमें तीसरे फ्लोर पर मूल रुप से आजमगढ़ के निवासी विद्युत निगम के रिटायर्ड एक्जीक्यूटिव इंजीनियर केदारनाथ गौड़ अपने पुत्र राजेश गौड़ ,पुत्रवधु गीता, पोते व पोती के साथ रहते थे। केदारनाथ गौड़ अपने पोते-पोती के साथ प्रतिदिन शाम को 5 बजे के आसपास पार्क में टहलने के लिए जाते थे। गुरुवार को उनकी पोती पहले पार्क में चली गई और पोते ने जाने से इंकार कर दिया। शाम सवा 5 बजे के आसपास पार्क जाने के लिए केदारनाथ गौड़ घर से निकले। तीसरे फ्लोर पर उन्होंने लिफ्ट का बटन दबाया तो गेट खुल गया। मगर तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट ऊपर ही अटक गई। बुजुर्ग को लिफ्ट न आने का पता नहीं चला। गेट खुलते ही जैसे ही उन्होंने आगे कदम बढ़ाया तो वह सीधे चैंबर में नीचे जाकर गिरे। जब देर शाम तक वह घर वापस नहीं आए तो उनकी तलाश शुरू की गई। किसी ने बताया कि शाम पांच बजे लिफ्ट के पास खड़ा देखा था। इसके बाद कॉलोनी के लोगों ने उनकी लिफ्ट के ग्राउंड फ्लोर के गड्ढे में उनकी तलाश शु्रू की। लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर बुज़ुर्ग को गड्ढे से बाहर निकालकर पास के वरदान अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

घटना के बाद कॉलोनी के लोगों ने जमकर हंगामा किया और बिल्डर पर लापरवाही का आरोप लगाया। मृतक के बेटे ने बिल्डर के खिलाफ शिकायत की है।

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