नई दिल्ली : किसानों द्वारा शाहजहाँपुर-खेड़ा बॉर्डर पर आंदोलन को जारी रखते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों द्वारा कहा गया कि मोदी सरकार द्वारा कहा गया था कि 2022 तक किसानों की आय दुगनी करेगे पर उसके स्थान पर किसानों को काले कानून दिये गए।

योगेंद्र यादव द्वारा अभिभाषण आरंभ करते हुए कहा गया कि यह इतिहासिक क्षण दूबारा नही आयेगा, उन्होंने प्रदर्शनकर्ता किसानों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार की कई प्रयासों के बावजूद कुछ मोर्चे किसान आंदोलन पर जमे हुये है और उनमें से एक शाहजहांपुर मोर्चा है।

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किसानों ने ये भी कहा कि अगर देश में खेती किसान, रोजगार,व्यापार आदि को बचाना है तो सबसे पहले इन कृषि कानूनों को रद्द करवाना होएगा।  नहीं तो जैसे ही खेती पर संकट आएगा वैसी ही बेरोजगारी तेजी से बढ़ाना शुरू हो जाएगी। इसलिए इस जनांदोलन में बढ़ा चढ़ कर भाग लें।

सभा में इन वक्ताओं ने भाग लिया

बलवीर छिल्लर, योगेंद्र यादव, राजा राम निल, रंजीत राजू, अमला राम, राम कृष्ण महलावत, कमलेश विशनोई, पृथ्वी पाल सिंह संधू, जीतराम छिल्लर, सतीश यादव, अजय अहलावत

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