नई दिल्ली : सीएम ममता ने कहा कि हम चाहते हैं कि केंद्र नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सभी फाइलों को रद्द कर दिया जाना चाहिए, जिन्हें अभी तक किया जाना है,

सीएम ममता ने कहा कि मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि हमने आजादी के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस के लिए कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं किया है.

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मैंने 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है, यह मेरी मांग है.

सीएम ममता ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को राज्य में ‘देश नायक दिवस’ के तौर पर मनाई जाएगी.

सीएम ममता ने कहा कि 23 जनवरी को कोलकाता के श्यामबाजार से नेताजी प्रतिमा तक दोपहर 12:15 बजे पुलिस बैंड के साथ रैली निकाली जाएगी, 26 जनवरी को नेताजी के जीवन पर आधारित थीम पर एक झांकी भी प्रदर्शित की जाएगी.

सीएम ममता ने कहा कि मैं देश में सभी लोगों साथ ही एनआरआई से ये निवेदन करना चाहती हूं कि वह 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर अपराह्न 12 बजकर 15 मिनट पर शंख बजाएं.

बता दें इससे पहले खबर आई थी कि पीएम मोदी 23 जनवरी को बंगाल के दौरे पर जा सकते हैं, 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है.

ऐसे में राज्य इकाई ने पीएम मोदी को न्योता दिया है, हालांकि अभी इस पर कोई आधिकारिक तौर पर फैसला नहीं लिया गया है,

सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाने के लिए अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है.

संस्कृति मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक यह समिति 23 जनवरी से एक वर्ष तक 125वीं जयंती के वर्ष में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों व समारोहों की रूपरेखा तय करेगी.

भारत के स्वाधीनता संग्राम में बोस की भूमिका को देखते हुए केंद्र सरकार ने व्यापक स्तर पर उनकी जयंती मनाने का फैसला किया है,

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