नई दिल्ली : दुर्गेश पाठक ने कहा कि नाॅर्थ एमसीडी ने साउथ एमसीडी पर बकाया 2457 करोड़ रुपए माफ किए जाने को लेकर बड़ा ही हास्यप्रद तर्क दिया है। नाॅर्थ एमसीडी ने तर्क दिया है कि चूंकि दोनों एमसीडी के म्युनिसिपल कमिश्नर एक ही हैं, इसलिए उसने साउथ एमसीडी पर बकाया 2457 करोड़ माफ कर दिया है। भाजपा इस तरह का बेतुका तर्क देकर दिल्ली की जनता का मजाक उड़ा रही है और कह रही है कि वो जनता के पैसों का कुछ भी करे, जनता उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती है।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि नाॅर्थ एमसीडी 2012 से 2020 तक साउथ एमसीडी से कई बार पत्राचार करके बकाया राशि मांग चुकी है, लेकिन अब अचानक इसे माफ कर दिया। दिल्ली की जनता के साथ इससे बड़ा धोखा कुछ और नहीं हो सकता है। एमसीडी में भाजपा के पास अब सिर्फ एक साल बचे हैं। एक साल बाद एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार बननी तय है। भाजपा के भ्रष्टाचार में साथ देने वाले अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच करा कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि कल हमने प्रेस वार्ता के माध्यम से दिल्ली की जनता को बताया था कि भाजपा शासित नाॅर्थ दिल्ली नगर निगम ने, साउथ दिल्ली नगर निगम के ऊपर बकाया 2457 को रुपए को माफ कर दिया है। नाॅर्थ एमसीडी ने अपने बजट में इस राशि को शून्य दिखाया है।

उस संबंध में हमने भाजपा शासित नगर निगम से पत्र लिख कर जवाब मांगा था, जिसका जवाब हमें प्राप्त हुआ है। भाजपा शासित नाॅर्थ एमसीडी की ओर से प्राप्त हुए पत्र का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि नगर निगम ने अपने जवाब में कहा है, चूंकि नाॅर्थ दिल्ली नगर निगम और साउथ दिल्ली नगर निगम के म्युनिसिपल कमिश्नर एक ही व्यक्ति हैं, इस आधार पर हमने 2457 करोड रुपए को माफ करके नाॅर्थ दिल्ली नगर निगम के बजट में शून्य कर दिया है।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा शासित नगर निगम का मानना है कि चूंकि दोनों ही निगम एक ही म्युनिसिपल कमिश्नर के अधीन आते हैं, तो वह कमिश्नर अपने आप से कैसे पैसा मांग सकता है। इस आधार पर नाॅर्थ दिल्ली नगर निगम ने साउथ दिल्ली नगर निगम पर बकाया 2457 करोड रुपए को माफ कर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली या देश ही नहीं, अपितु पूरे विश्व में इससे ज्यादा हास्यास्पद कारण आज तक कभी किसी ने नहीं सुना होगा।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि पिछले 15 सालों से दिल्ली की जनता, भाजपा के जुल्मों की शिकार हो रही हैं पिछले 15 सालों से दिल्ली के किसी भी क्षेत्र में रहने वाला व्यक्ति यदि अपना घर बनाता है, तो घर बनाने से पहले उसे भाजपा शासित नगर निगम को रिश्वत देनी पड़ती है, अन्यथा वह अपना घर ही नहीं बना सकता। 15 सालों से लगातार जब कभी लोग अपने घर से बाहर निकलते हैं, तो उनका स्वागत गंदी नालियों और जगह-जगह फैले कूड़े से होता है।

 जब कोई व्यक्ति दूसरे राज्य से दिल्ली में दाखिल होता है तो सरहदों पर उसका स्वागत भाजपा के भ्रष्टाचार से खड़े हुए ऊंचे -ऊंचे कूड़े के पहाड़ करते हैं। पिछले 15 सालों से दिल्ली की जनता भाजपा के अहंकार और भ्रष्टाचार को झेल रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ऊल जलूल तर्क देकर भारतीय जनता पार्टी दिल्ली की जनता का मजाक उड़ा रही है। एक प्रकार से भाजपा कह रही है कि हम जनता के टैक्स के पैसों के साथ चाहे जो मर्जी करें, जनता हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती।

पूर्व में भाजपा शासित नगर निगम के साथ हुई पत्र वार्ता के साक्ष्य और नाॅर्थ दिल्ली नगर निगम और साउथ दिल्ली नगर निगम के बीच हुई पत्र वार्ता के साक्ष्य मीडिया के समक्ष प्रस्तुत करते हुए दुर्गेश पाठक ने कहा कि लगभग वर्ष 2012 से लेकर 2020 तक नाॅर्थ दिल्ली नगर निगम ने साउथ दिल्ली नगर निगम को कई बार पत्र लिखकर बकाया राशि की मांग की और अब 2020 में अचानक से 2457 करोड रुपए की राशि नाॅर्थ दिल्ली नगर निगम ने माफ करके अपने बजट में शून्य कर दिया है।

इससे बड़ा धोखा दिल्ली की जनता के साथ और कुछ नहीं हो सकता। दिल्ली की जनता ने अपने खून पसीने की कमाई से बचाकर यह पैसा टैक्स के रूप में नगर निगम को दिल्ली की साफ सफाई रखरखाव के लिए दिया था। आज भाजपा का भ्रष्टाचार उस चरम सीमा पर पहुंच गया है कि अब तो भाजपा वाले चोरी भी कर रहे हैं और खुल के स्वीकार भी कर रहे हैं।

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