नई दिल्ली : सयुंक्त किसान मोर्चा द्वारा कई केंद्रीय मजदूर संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। इस संबंध में आज 1 मार्च को एक सयुंक्त बैठक आयोजित की जा रही है।

राष्ट्र सेवा दल संगठन ने तीन कृषि कानून रद्द करने की मांग के लिए पूरे महाराष्ट्र में हस्ताक्षर अभियान में 6 लाख 75 हजार लोगो ने इन कानूनों को रद्द कराने के हस्ताक्षर किए। इस पत्र को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी को सौंपा गया।

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आज उत्तराखंड के रुद्रपुर ने किसान महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमें हज़ारो किसानों ने भाग लिया। किसान नेताओ ने ज्यादा से ज्यादा संख्या में गाजीपुर मोर्चे पर पहुंचने की अपील की।

इस दौरान किसान नेताओ ने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सरकार इस देश की खेती को कुछ उद्योगपति के हाथों में देना चाहती है। किसान नेताओ ने कहा कि कोई भी किसान अपनी फसल न जलाएं।

किसान अपने खून पसीने से फसल को पालते है। सयुंक्त किसान मोर्चा सभी किसानो से अपील करता है कि आंदोलन और फसल दोनों को संभालना है और सयुंक्त किसान मोर्चा की अपील को ही अंतिम माना जाएं।

15 मार्च को हसन खान मेवाती की शहादत दिवस पर संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में झिरका में बड़ी किसान पंचायत होगी जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के नेता शामिल होंगे ओर मेवात की बड़ी सख्सियत भी शिरकत करेगी.

बाबा गुरमीत सिंह डेरा कार सेवा शाहबाद और भाई सरदार रणधीर सिंह संगत ट्रस्ट के सहयोग से आंदोलन में शहीद हुए 20 परिवारों को एक एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी  गई।

लखीमपुर खीरी में किसानों ने भाजपा नेताओ का बॉयकॉट किया। हम सरकार को चेतावनी देते है कि अगर सरकार इन कानूनो को वापस नहीं लेती और MSP पर कानून नहीं बनती तो भाजपा और उसके सहयोगियों के समस्त नेताओ का देशभर में बॉयकॉट किया जाएगा।

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