नई दिल्ली/जयपुर: बीजेपी और कांग्रेस के बीच बस पॉलिटिक्स दूसरे चरण में पहुंच गई है, यूपी सरकार को 1,000 बस देने के कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के प्रस्ताव पर अभी सियासत ठंडी नहीं हुई है, इसी बीच राजस्थान सरकार ने यूपी सरकार को 36.36 लाख रुपये का बिल थमा दिया है, यह बिल कोटा से यूपी लाए गए बच्चों के लिए 70 बसें उपलब्ध करवाने का है, इसको लेकर सरकार ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है, ये बिल उन छात्रों के नाम से भेजा गया है जिन्हें राजस्थान परिवहन की बसों से कोटा से यूपी भेजा गया था, गहलोत सरकार ने बिल भेजकर तुरंत भुगतान के लिए कहा है, यह लेटर 8 मई का है लेकिन मीडिया में आज सामने आया है, इससे पहले यूपी में 1000 बसों के लेकर दलों के बीच जमकर संग्राम छिड़ा था, दरअसल, लॉकडाउन के दौरान कोटा में फंसे छात्रों की घर वापसी के लिए यूपी सरकार राजस्थान सरकार ने यूपी सरकार की मदद की थी बसें भेजी थीं लेकिन छात्रों की संख्या अधिक होने की वजह से राजस्थान सरकार ने अपनी कुछ बसों से छात्रों को यूपी स्थित उनके घर भिजवाया था, राजस्थान सरकार ने यूपी सरकार को कुल 36,36,664 रुपये का बिल भेजा है,

यूपी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हमारे पास जो प्रारंभिक सूचना वहां के प्रशासन से मिली थीं, उसके हिसाब से करीब 10 हजार छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हुआ था, इसके हिसाब से 560 बसें हमने भेजी थीं, 17 अप्रैल से 19 अप्रैल तक यह प्रक्रिया चली, वहां पहुंचने पर करीब 2 हजार छात्र-छात्राएं और बढ़ गए, ऐसे में उनके हित को देखते हुए राजस्थान सरकार से बसों के लिए मदद मांगी गई थी, राजस्थान रोडवेज की ओर से आपातकालीन सेवा के नाम पर 70 बसें उपलब्ध करवाईं गईं, इसके कुछ बच्चों को फतेहपुर सीकरी तक और कुछ बच्चों को झांसी बॉर्डर तक लाया गया था, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान गई यूपी रोडवेज की बसों व राजस्थान सरकार की ओर से दी गई 70 बसों के डीजल के लिए यूपी सरकार 19.76 लाख रुपये का भुगतान पहले ही कर चुकी है, अब 36.36 लाख रुपये बसों के किराए का बिल राजस्थान रोडवेज की ओर से यूपी रोडवेज को भेजा गया है, भुगतान शीघ्र कराने की अपेक्षा की गई है, यूपी सरकार का कहना है कि एक ओर कांग्रेस यूपी के प्रवासियों के लिए नि:शुल्क बसें देने का दावा करती है दूसरी ओर उसकी ही पार्टी की सरकार यूपी लाए गए बच्चों का किराया मांग रही है, वहीं, राजस्थान सरकार के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि यूपी सरकार ने हमसें इमरजेंसी में बसें मांगी थी और उसका भुगतान करने को कहा था, हमने तत्काल अनुबंधित व निजी बसें उपलब्ध करवाईं थीं, हमें उनका भुगतान करना है इसलिए हमने यूपी सरकार को बिल भेजा है

 
पात्रा ने लिखा, ‘कोटा से उत्तर प्रदेश के छात्रों को वापस लाते समय UP के कुछ बसों को डीजल की आवश्यकता पड़ गई ..दया छोड़िए ..आधी रात को दफ्तर खुलवा कर प्रियंका वाड्रा की राजस्थान सरकार ने UP सरकार से पहले 19 लाख रुपए लिए और उसके बाद बसों को रवाना होने दिया, वाह रे मदद,’ इसे यूपी में कांग्रेस और बीजेपी के बीच बस पॉलिटिक्स से जोड़कर देखा जा रहा है, दरअसल, प्रवासी मजदूरों के लिए कांग्रेस की तरफ से एक हजार बसों के मामले में यूपी में कांग्रेस-बीजेपी के बीच जमकर सियासत हुई, दोनों दलों के बीच लेटर वॉर हुआ, योगी सरकार ने बसों की मंजूरी दी तो प्रियंका गांधी की तरफ से इसकी लिस्ट भेजी गई जिसके बाद बीजेपी ने दावा किया कि कांग्रेस की तरफ से भेजी गई लिस्ट में टू-वीलर और थ्री वीलर के नंबर भी शामिल थे, दोनों दलों के बीच विवाद और बढ़ता गया, वहीं बुधवार को यूपी कांग्रेस चीफ को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया

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