नई दिल्ली : सीएम मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को मनवाने के लिए ‘दबाव डालने वाली युक्तियों’ की कोई जगह नहीं है, उनकी यह टिप्पणी नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हजारों किसानों के संदर्भ में आई है.

बता दे कि आगामी नगर निगम चुनावों के संबंध में पंचकूला में एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम खट्टर ने कहा, ‘‘इन दिनों हम यहा ‘तमाशा’ देख रहे हैं, कृषि कानूनों को वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है, वे कह रहे हैं कि हम यहां बैठे हैं और आप कानून वापस ले लें, क्या यह लोकतंत्र है.’’

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सीएम खट्टर ने कहा कि प्रदर्शन करने के और भी तरीके हो सकते हैं, संसद में, राज्य विधानसभा में विरोध दर्ज किया जा सकता है और विरोध मीडिया के माध्यम से तथा लोगों के बीच जाकर भी हो सकता है.

सीएम खट्टर ने आगे कहा, ‘‘हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और अपनी बात रखने का तरीका भी होता है,’’ लेकिन अपनी मांगों को मनवाने के लिए ‘दबाव की युक्तियों’ के इस्तेमाल की कोई जगह नहीं है, उन्होंने विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया.

वहीं खट्टर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट में कहा, ‘‘सीएम जी, अन्नदाताओं के जायज संघर्ष को तमाशा करार देकर आपने खेती विरोधी सोच का परिचय दिया है.

शर्म आनी चाहिए आपको, इस तरह के शब्दों पर, अंबाला में काले झंडे दिखाने वालों पर तो आप हत्या के प्रयास तक का मामला दर्ज कराते हैं, अहंकार छोड़, माफ़ी मांगिए,.’’

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