नई दिल्ली : कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव त्यागी की असमय मौत के बाद पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं में जबरदस्त गुस्सा है, सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक पार्टी कार्यकर्ता टीवी चैनलों पर होने वाली डिबेट को जहरीला बताते हुए इनके ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं, राजीव त्यागी बुधवार शाम को एक राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल पर हो रही डिबेट में शामिल हुए थे, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का खुलकर कहना है कि डिबेट के दौरान हुई जहरीली टिप्पणियों के चलते राजीव त्यागी को गहरा आघात पहुंचा और उन्हें दिल का दौरा पड़ा, त्यागी का इलाज करने वाले डॉक्टर ने भी कहा था कि कांग्रेस नेता को डिबेट के दौरान ही दिल का दौरा पड़ा था और उनकी हालत नाजुक हो गयी थी.

कांग्रेस के तेज़तर्रार प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने वीडियो जारी कर कहा है, ‘अंतिम डिबेट में राजीव त्यागी के ऊपर क्या दबाव रहा होगा, प्रवक्ता होने के नाते मैं वह महसूस कर सकता हूं, यह दबाव हमारी सहनशीलता, धैर्य की परीक्षा देने की तरह होता है, वल्लभ ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ‘डिबेट का टाइटल ऐसा चुना जाता है, जिससे समाज में बंटवारा हो सके, भाई को भाई से लड़वाया जा सके, समाज में वैमनस्य पैदा हो सके, उस टाइटल में बिना डिबेट के सत्ताधारी दल को विजयी घोषित कर दिया जाता है,’ वल्लभ ने कहा, ‘डिबेट में सारे सवाल कांग्रेस प्रवक्ता से पूछे जाते हैं, जो छह साल से सत्ता में हैं, उनसे कोई सवाल नहीं पूछा जाता, सत्ताधारी दल के लोग ओछी बातें करते हैं, उनको कोई नहीं रोकता, हमें जवाब देने का पूरा समय नहीं दिया जाता, हमारी आवाज़ को धीमा कर दिया जाता है.

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कांग्रेसी प्रवक्ता के सामने तीन से चार अघोषित प्रवक्ताओं को बैठा दिया जाता है, एक प्रवक्ता बीजेपी के रूप में, एक प्रवक्ता आरएसएस के रूप में, एक प्रवक्ता स्वतंत्र विशेषज्ञ के रूप में लेकिन वह कई मायनों में बीजेपी का सदस्य निकलता है, क्या यह डिबेट का स्तर है, इस बीच, ‘राजीव त्यागी की पत्नी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहती हैं, या तो ये नहीं कहा होता इन्होंने (राजीव) कि इन लोगों ने मार दिया मुझे, टीवी चल रहा था सामने, उन्हीं लोगों की बात हर्ट की, नहीं तो कोई और भी प्रॉब्लम हो सकती थी, लास्ट वाक्य था, इन लोगों ने मुझे मार दिया, हम लोग ब्रीदिंग करने में लगे हुए थे,’ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र भेजकर कहा है कि टीवी चैनलों पर होने वाली बहस में सभ्यता को बहाल किया जाए, उन्होंने कहा है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय इसे लेकर आचार संहिता जारी करे क्योंकि टीवी चैनलों पर होने वाली डिबेट निंदा करने वाली क्रूर जानवर बन चुकी हैं.

शेरगिल के सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी कहा है कि इस मामले में गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है, सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित संसद की स्थायी समिति के चेयरमैन थरूर ने कहा है कि इस मामले में संसदीय समिति में चर्चा चल रही है और वह इस बारे में मंत्रालय से रिपोर्ट मांगेंगे, शेरगिल ने वीडियो जारी करके भी कहा है, ‘आज टीवी डिबेट्स तथ्य पर नहीं होतीं बल्कि ये शोर-शराबा, व्यक्तिगत हमले और तड़का लगाने वाला अखाड़ा बन चुकी हैं, इन जहरीली टीवी डिबेट्स में सत्य उजागर नहीं होता बल्कि सनसनी फैलाई जाती है,’ शेरगिल ने मंत्रालय से कहा है कि वह एक एडवाइजरी जारी करे जिससे यह सुनिश्चित हो कि न्यूज़ एंकर, पत्रकार रिपोर्टिंग या कमेंट के दौरान किसी भी तरह का अभद्र बयान न दें, उन्होंने कहा कि चर्चा के लिए चुने जाने वाले पैनल में चैनलों को यह तय करना होगा कि उनके कार्यक्रम कटुता फैलाने वाले न हों.

राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा है, ‘बौद्धिक बात को बहस में और बहस को बद्तमीज़ी में ढाला जा रहा है, राग द्वेष, गाली-गलौच और हिंसा को टीआरपी के लिए पाला जा रहा है,’ राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने कहा है कि अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है तो राजनीतिक दलों को इन कथित डिबेट से खुद को दूर कर लेना चाहिए, शिवसेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ऐसी ही टिप्पणी की है, गुरुवार को लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने तहरीर देकर एक टीवी चैनल के मालिक, एक एंकर और बीजेपी के एक प्रवक्ता के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज करने की मांग की है, यूपी कांग्रेस में प्रदेश प्रवक्ता रह चुके और टीवी पैनलिस्ट अंशु अवस्थी ने कार्यकर्ताओं के साथ जाकर यह तहरीर दी है, उनका कहना है कि अगर दोषियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वो क़ानून का सहारा लेंगे, हजरतगंज पुलिस का कहना है कि मामले की पड़ताल करने के बाद ही मुक़दमा दर्ज किया जाएगा.

राजीव त्यागी की मौत की खबर मिलते के तुरत बाद प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में शोक सभा हुई, जिसमें मौजूद नेताओं ने टीवी चैनलों पर होने वाली इस तरह की जहरीली डिबेट का बहिष्कार करने और संबंधित लोगों पर मुक़दमा दर्ज कराने की बात उठायी,यूपी कांग्रेस के एक प्रमुख नेता के मुताबिक़, कई जिलों में भी इस टीवी चैनल व बीजेपी प्रवक्ता के ख़िलाफ़ एफ़आईआर के लिए तहरीर दी जा सकती है, उनका कहना है कि अगर पुलिस आनाकानी करती है तो वे लोग अदालत जाकर एफ़आईआर दर्ज करवाएंगे, लखनऊ शहर कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके सुशील दुबे ने इस घटना के विरोध में बाकायदा सोशल मीडिया पर बायकाट टीवी डिबेट के हैशटैग के साथ बहस छेड़ दी है.

रिपोर्ट सोर्स, पीटीआई  

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