नई दिल्ली : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में तबलीगी जमात से जुड़े 11 विदेशी नागरिकों को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया.

घाटशिला की अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुशीला सोरेंग की अदालत ने इन्हें बरी किया, इन सभी को रांची के तमाड़ थानाक्षेत्र के रड़गांव से 24 मार्च 2020 को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

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7 अप्रैल को लॉकडाउन एवं वीजा उल्लंघन के आरोप में जेल भेज दिया था, पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल किया था.

इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर आठ लोगों की गवाही हुई थी, लेकिन साक्ष्य के अभाव में सभी 11 विदेशी बरी हो गये, तबलीगी जमात के इन 11 लोगों को रड़गांव से लॉकडाउन के दौरान गिरफ्तार किया गया था.

पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी के स्वांसपुर क्वारंटाइन सेंटर में सभी को रखा गया था, जादूगोड़ा थाने में इनके खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन और विदेशी वीजा के दुरुपयोग का मामला दर्ज किया गया था, झारखंड हाईकोर्ट से इन्हें 11 अगस्त 2020 को जमानत मिली थी.

बचाव पक्ष के वकील वीरेंद्र सिंह ने बताया कि एफआईआर में घटनास्थल मुसाबनी बताया गया था, लेकिन पुलिस के द्वारा कोर्ट में गिरफ्तारी रड़गांव में होने का साक्ष्य प्रस्तुत किया गया, ऐसे में जब घटनास्थल मुसाबनी नहीं था, तो कोर्ट ने पूरे मामले में साक्ष्य के अभाव में बरी करने का फैसला सुनाया.

कोर्ट से बरी होने के बाद सभी विदेशी अपने देश लौटेंगे, किर्गिस्तान के गुलामुद्दीन अब्दुलिव, रुस्तम नूरकोरिस उलू, झानरबुक चेनालिव व इसलेंबक नूरगाजिव और कजाकिस्तान के शाकिर शाह अकहुनव, जाकिर चियकहुनव, इस्माइल मिशानलो, इलियास मयानव और चीन के ये देहई, मनाइस और मरिल्ली शामिल हैं.

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