लखनऊ (यूपी) : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा की यों तो पूरी राजनीति ही झूठ और नफरत के सहारे चलती है पर उसने अब घोषणापत्र को संकल्प पत्र के रूप में झूठ का पुलिंदा बनाकर नया इतिहास रचने का भी काम शुरू कर दिया है।

वादा न निभाना भ्रष्टाचार ही है। जनता को बुनियादी मुद्दों से भटकाने की कला में पारंगत भाजपा नेता यह नहीं बताते कि उन्होंने पहले लोगों को कैसे और कितना छला है?

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पश्चिम बंगाल में प्रलोभनों की बौछार करने वाली भाजपा अब 15 लाख हर एक के खाते में भेजने का सपने में भी जिक्र नहीं करती है। हवा में एक्सप्रेस-वे बनाने वाले उत्तर प्रदेश के स्टार प्रचारक अपने चार साला जश्न में संकल्प पत्र में उल्लिखित वादों के निभाने का रिकार्ड पेश नहीं कर पाए।

अच्छा होता उनमें से एक दो वादे ही पूरे किए जाने की बात बता देते। उत्तर प्रदेश में जनता अब उनसे निजात पाने को छटपटा रही है। भाजपा के डबल इंजन और विकास के जुमले बंगाल में नहीं चलेंगे। वहां तो खेला होबे।

आज विश्व जल संरक्षण दिवस पर प्रधानमंत्री जी जल संचय पर लम्बा व्याख्यान देने से भला कहां चूकने वाले थे। उन्होंने बुंदेलखण्ड के लिए कई वादे कर दिए। यह बात अलग है कि उनके वादे वादे ही रहते है।

वाराणसी को प्रधानमंत्री जी क्योटो बना रहे थे। अब उसका जिक्र तक नहीं होता है। मुख्यमंत्री जी भी कहां पीछे रहने वाले है, वे अयोध्या को वैटिकन सिटी का दर्जा दिलाने के लिए मचल रहे हैं।

बुंदेलखण्ड देश के सबसे बदहाल क्षेत्रों में शुमार है। पेय जल संकट के साथ खाद्य संकट से भी स्थानीय निवासियों को दो चार होना पड़ता है। भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र की घोर उपेक्षा की है। उसकी नज़र क्षेत्र की खनिज सम्पदा पर है, क्षेत्र के विकास पर नहीं।

बुन्देलखण्ड में पानी और भूख से तड़प रहे लोगों के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार ने ‘समाजवादी सूखा राहत सामग्री‘ बांटी थी। किसानों की मदद में कृषक दुर्घटना बीमा की राशि 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रूपये दिये गए थे।

जलस्तर में सुधार और सिंचाई सुविधा के विस्तार के लिए तालाबों और कुओं का जीर्णोद्धार कार्यक्रम शुरू कराया गया। वर्षा जल संचयन के लिए खेत-तालाब योजना भी शुरू की गई थी।

जनपद महोबा के चरखारी को बुंदेलखण्ड को श्रीनगर माना जाता है। यहां चरखारी रियासत ने डेढ़ सौ वर्ष पूर्व 7 बड़े तालाब बनवाए थे। समय की गति में ये जर्जर होते गए। जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो इन तालाबों का सन् 2016 में सुन्दरीकरण और जीर्णोद्धार कराया गया। 2016 में उद्घाटन अवसर पर जल पुरूष राजेन्द्र सिंह एवं चरखारी राज परिवार भी उपस्थित थे।

रियासत की महारानी उर्मिला सिंह का कहना है कि 150 वर्ष बाद पहली बार समाजवादी सरकार द्वारा इनकी सुध ली गई। आज ये तालाब लबालब पानी से भरे हुए हैं।

बुंदेलखण्ड में समाजवादी सरकार द्वारा हैण्डपम्प लगवाए गए। झांसी में सैनिक स्कूल की स्थापना का बजट दिया। मंडियों की स्थापना की गई।

आज प्रदेश में अपराध, अवैध खनन तथा जहरीली शराब का धंधा साधीशों के ही संरक्षण में पनप रहा है। चित्रकूट में ही जहरीली शराब से आधा दर्जन मौते हो चुकी है। महिलाएं और बच्चियां दुष्कर्म का शिकार हो रही है। सड़क दुर्घटनाओं में हर दिन मौते हो रही हैं।

भाजपा की डबल इंजन सरकार का विकास से कोई लेना देना नहीं है। भाजपा के संकल्प पत्र की अहमियत अब कागजी पुलिंदे की ही रह गई है। उसमें कुछ भी ऐसा नहीं है जिसे जमीन पर उतारा गया हो।

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