नई दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली सचिवालय में ध्वाजारोहण कर दिल्ली और देश के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। सीएम ने कहा कि दिल्ली में मार्च से राशन की डोर स्टेप डिलिवरी शुरू होने जा रही है।

लोगों को लंबी लाइनें लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सरकार उनके घर राशन भेजेगी। झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को घर देने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। बहुत जल्द उन्हें पक्का मकान मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के मुश्किल हालातों में भी हमने दिल्ली की जनता को मिलने वाली सुविधाएं बंद नहीं होने दी।

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हमारे पुलिसकर्मी, सेना के जवान और फायर सर्विस के लोग अपनी जान की बाजी लगाकर हमारी सेवा करते हैं। हम उनके परिवारों को अकेला नहीं छोड़ते, बल्कि उन्हें एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि साल के अंत तक दिल्ली के हर नागरिक का अपना हेल्थ कार्ड होगा और लोग डाॅक्टर से मिलने का समय आॅनलाइन ले सकेंगे।

हमने अपने हेल्थ सिस्टम को मजबूत किया। एक दिन में 8.5 हजार कोरोना के केस आने पर भी हमारा हेल्थ सिस्टम ध्वस्त नहीं हुआ, जबकि कई विकसित देशों के हेल्थ सिस्टम ध्वस्त हो गए थे। इस समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन समेत दिल्ली सरकार के सभी मंत्री और विधायकों के साथ अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज दिल्ली सचिवालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडारोहण के उपरांत दिल्ली और देश की जनता को संबोधित किया। इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली और पूरे देश वासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं और बधाई दी।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरा विश्व, पूरा देश और हम सब दिल्लीवासी, पिछले एक वर्ष से कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं, संघर्ष कर रहे हैं। यही कारण है कि हमने अपना स्वाधीनता दिवस भी और आज गणतंत्र दिवस भी, हम लोग दिल्ली सचिवालय में मना रहे हैं, नहीं तो हम सब लोग छत्रसाल स्टेडियम में बड़े पैमाने पर अपने बच्चों के साथ मनाया करते थे।

उम्मीद करता हूं कि इस वर्ष हम सब लोगों को कोरोना की महामारी से छुटकारा मिलेगा पिछला एक साल सबके लिए बहुत मुश्किल रहा, जब हम सब लोग इस महामारी से जूझ रहे थे। दिल्लीवासियों के लिए खासकर यह एक साल और ज्यादा मुश्किल रहा, क्योंकि दिल्ली ने कोरोना की महामारी का बहुत प्रचंड रूप देखा। 11 नवंबर को दिल्ली में एक दिन में लगभग 8.5 हजार कोरोना के केस आए, जो प्रतिदिन केस आते हैं।

कहा जाता है कि विश्व के किसी और शहर में इतने ज्यादा केस कहीं नहीं आए। दिल्ली में एक दिन में इतने सारे केस आने के कई सारे कारण हैं। दिल्ली देश की राजधानी है, पूरी दुनिया व देश भर से लोग यहां आते हैं, लेकिन अच्छी बात यह रही कि दिल्ली के लोगों ने और सरकार ने मिलकर इसका सफलतापूर्वक सामना किया।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अमेरिका केे शहर न्यूयार्क में अप्रैल महीने के पहले हफ्ते में 6300 केस आए थे, न्यूयार्क में हमसे काफी कम किए थे, लेकिन सोशल मीडिया पर आप लोगों ने वीडियो देखे होंगे कि किस तरह से केवल 6300 केस में भी न्यूयार्क की पूरी स्वास्थ्य प्रणाली ध्वस्त कर गई।

वहां पर मरीजों की अस्पतालों के बाहर सड़कों पर लाइनें लगी हुई थी, अस्पताल भरे हुए थे, अस्पतालों में जगह नहीं थी, वहां पर अस्पतालों के काॅरिडोर में जगह नहीं थी। मरीज काॅरिडोर में पड़े हुए थे, वहां पर आईसीयू में जगह नहीं थी।

केवल न्यूयार्क ही नहीं, आप दुनिया के अंदर जितने भी विकसित देश हैं, उसमें से किसी भी शहर को उठाकर देख लीजिए, जहां-जहां जहां कोरोना केस ज्यादा हुए, वहां पर उनका पूरा स्वास्थ्य प्रणाली ध्वस्त कर गया, लेकिन दिल्ली के अंदर जब 11 नवंबर को सबसे ज्यादा 8.5 हजार केस आए, उस दिन भी दिल्ली के अस्पतालों में 7000 कोरोना के बेड खाली पड़े थे।

हमारे किसी भी अस्पताल के अंदर कॉरिडोर में मरीज नहीं थे, हमारे किसी भी अस्पताल के बाहर सड़कों पर मरीज नहीं थे, हम सब दिल्ली वासियों ने मिलकर, दिल्ली सरकार ने मिलकर अपनी जो पिछले 5 साल के अंदर दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया है, उसको मजबूत किया है,

हमारे डॉक्टर ने, हमारे मेडिकल स्टाफ ने, हमारे पैरामेडिकल स्टाफ ने, हमारे आधिकारियों ने मिलकर के, पूरे स्वास्थ्य प्रणाली को जो दुरुस्त किया और कोरोना महामारी के दौरान जिस तरह से शानदार प्रबंधन किया, यह उसी का नतीजा है कि ऐसी महामारी के दौर में भी जब सबसे ज्यादा केस दिल्ली के अंदर आ रहे थे, हमारा हेल्थ सिस्टम ध्वस्त नहीं हुआ और हम उसका प्रबंधन करने में लगे हुए थे।

इसके लिए मैं अपने सभी अधिकारियों को, सभी डॉक्टर को, सभी मेडिकल स्टाफ को, सभी कोरोना योद्धाओं को दिल से बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत कठिन दौर था, जब लोगों की नौकरियां चली गई, रोजगार चले गए, दुकानें बंद हो गई, मार्केट बंद हो गए, फैक्ट्रियां बंद हो गईं। यह सरकारों के लिए भी बड़ा मुश्किल दौर था। सरकार का टैक्स आना बंद हो गया।

बड़ी चिंता होने लगी कि तनख्वाह कैसे देंगे? लेकिन मुझे बेहद खुशी है कि ऐसे कठिन दौर में हम सब दिल्ली वासियों ने मिलकर स्थिति को संभाला। हमने न केवल अपनी सारी तनख्वाहें दीं, बल्कि ऐसे कठिन दौर के अंदर जब लोगों को रोटी के लाले पड़ रहे थे, लोगों के घर के अंदर चूल्हा जलना मुश्किल हो रहा था,

ऐसे समय में दिल्ली सरकार ने एन-केन-प्रकारेण कहीं से भी व्यवस्था पैसे की करके दिल्ली की दो करोड़ आबादी में से एक करोड़ लोगों को कोरोना काल के दौरान हर महीने सूखा राशन दिया। 5 किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से हर महीने लोगों को सूखा राशन दिया गया। 10 साल लोगों को हर रोज लंच और डिनर की व्यवस्था की गई।

स्कूलों के अंदर रसोई की व्यवस्था की गई। हम नहीं चाहते थे कि लोग कोरोना से बच जाएं और भूख से मर जाएं। उस दौरान ऑटो और टैक्सी सब चलने बंद हो गए थे, हमने ऑटो और टैक्सी ड्राइवर को 5-5 हजार रुपए उनके बैंक खाते में जमा कराएं। हमने लगभग एक लाख 56 हजार ऑटो और टैक्सी ड्राइवर के बैंक खाते में 5-5 हजार रुपए जमा कराएं।

पूरे देश में किसी भी राज्य सरकार ने अपने ऑटो और टैक्सी ड्राइवर वालों की सुध नहीं ली, लेकिन दिल्ली सरकार ने अपने ऑटो और टैक्सी ड्राइवर वालों की सुध ली। हमने लगभग 44 हजार कंस्ट्रक्शन वर्कर के खाते में 10-10 हजार रुपए जमा कराएं। पूरे देश में ऐसा करने वाली अकेली दिल्ली सरकार है,

 जिसने अपने मजदूरों के बैंक खाते में 10-10 हजार रुपए जमा कराएं। पूरे दिल्ली में कहीं पर भी पता चला कि कोई मुसीबत में है, किसी को खाने की दिक्कत हो रही है, कहीं पता चला कि कोई बीमार है, उस तक दिल्ली सरकार पहुंची। उसके खाने और दवा की व्यवस्था की।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरा विश्व जब कोरोना की महामारी से लड़ रहा था, पूरा विश्व जब इसकी दवाई का इंतजार कर रहा था, तब हमारे डॉक्टरों पहल करके दुनिया को प्लाजमा थेरेपी दी। अप्रैल के महीने में दिल्ली के हमारे अस्पतालों के अंदर खासकर आईएलबीएस के अंदर प्लाज्मा थेरेपी के ट्रायल चालू हुए।

आज मुझे अपने डाॅक्टरों पर यह कहते हुए बहुत गर्व है कि 2 जुलाई को दुनिया का सबसे पहला प्लाजमा बैंक दिल्ली के अंदर शुरू किया गया। उसके बाद एलएनजेपी अस्पताल और जीटीबी अस्पताल में दो और प्लाज्मा बैंक बने। अभी तक 4929 लोगों को प्लाज्मा दिया जा चुका है। करीब 5000 लोगों की प्लाज्मा के जरिए जान बचाई जा चुकी है।

जैसा मैंने बताया कि कई सारे विकसित देशों के अंदर हमने देखा कि किस तरह से उनके पूरे अस्पतालों के सिस्टम ध्वस्त हो गए, अस्पताल भर गए, आईसीयू भर गए, कारिडोर में मरीज पड़े हुए थे, सड़कों पर मरीज पड़े हुए थे, तो हमने इसका अध्ययन किया कि ऐसा क्यों हो रहा है? हमने यह पाया कि जो कोई बीमार होता था,

उसको अस्पताल लेकर जाते थे, नतीजा यह था कि जो हल्के लक्षण और और एसिम्टोमैटिक मरीज थे, जिनमें कोई लक्षण नहीं थे, जिनमें थोड़े बहुत लक्षण थे, ऐसे मरीजों से अस्पताल भर जाते थे और गंभीर मरीज सड़कों पर थे। अध्ययन के बाद दिल्ली के हमारे डॉक्टर ने मिलकर होम आइसोलेशन का इजाद किया। दुनिया में सबसे पहले होम आइसोलेशन की शुरूआत दिल्ली में की गई। होम आइसोलेशन में हमने यह तय किया कि जो कम लक्षण वाले मरीज हैं, जो जो एसिम्टोमेटिक मरीज है,

जिनको डॉक्टर की जरूरत नहीं है, उनका घर में इलाज किया जाएगा। सबसे पहले दिन, जैसे ही उनकी टेस्ट रिपोर्ट आती है, टेस्ट रिपोर्ट आने के अगले दिन हमारे दिल्ली सरकार के डॉक्टर्स की टीम उनके घर जाती है, उनको किट देकर आती है, सब कुछ समझा कर आती है, उनको एक आॅक्सीमीटर देकर आती है।

पूरी दुनिया में यह पहली बार हुआ कि जितने भी बीमार मरीज होम आइसोलेशन में है, उनके घर एक ऑक्सीमीटर दे दिया जाता है और फिर प्रतिदिन सुबह-शाम एक डॉक्टर मरीजों को फोन करके पूछता है कि आप ठीक हैं, कोई तकलीफ तो नहीं है। ऑक्सीजन नापो, कितनी ऑक्सीजन आई, अगर उसकी आॅक्सीजन कम हो, तो तुरंत एंबुलेंस भेज कर उसको अस्पताल के अंदर शिफ्ट कर दिया जाता है।

नतीजा यह हुआ कि हमारे होमआइसोलेशन में मुश्किल से कुछ-एक मौत हुई और अभी तक 312425 मरीज हमारे होम आइसोलेशन के अंदर ठीक हो चुके हैं। दिल्ली ने जबसे होम आइसोलेशन की प्रक्रिया शुरू की, देश भर में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में इस होम आइसोलेशन की प्रक्रिया को दिल्ली से सीख कर इसको अपनाया।

आप सोच कर देखिए कि अगर हमारे डॉक्टर यह होम आइसोलेशन शुरू नहीं करते, तो यह 3.12 लाख मरीज अस्पताल में जाते और अस्पतालों के अंदर बेड नहीं मिलते, बेड की कमी पड़ जाती। जब दिल्ली में 8.5 हजार केस आए और 7 हजार बेड खाली पड़े हुए थे, तो बेड इसीलिए खाली पड़े हुए थे, क्योंकि हमारा प्रबंधन बहुत शानदार था।

अगर हमारे अधिकारी, डाॅक्टर मिलकर नहीं करते तो हमारी भी वही हालत हुई होती, जो पश्चिम के कई अन्य देशों की हुई।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमने न केवल होम आइसोलेशन अच्छा किया, बल्कि अपने अस्पतालों के अंदर भी मरीजों के इलाज का बहुत अच्छा इंतजाम किया। इसमें प्राइवेट अस्पताल और सरकारी अस्पताल ने मिलकर एक टीम की तरह काम किया। हमने यह नहीं किया कि तुम प्राइवेट हो, हम सरकारी हैं, बल्कि हम सबने मिलकर एक टीम की तरह दिल्ली के लोगों की सेवा की।

हमने दूसरों से सीखा, अपने देश और दुनिया के दूसरे शहरों में किस तरह की दिक्कतें आ रही हैं। हमने देखा कि कई जगह जब सरकारों ने बिना लोगों को भरोसे में लिए ऊपर से आदेश जारी कर दिए, तो कई प्राइवेट अस्पताल वाले अपने अस्पताल पर ताला लगा कर घर चले गए। कई प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर और नर्स अपने- अपने घर चले गए कि हम नहीं करेंगे।

लेकिन दिल्ली के अंदर हम लोगों ने उनके साथ बैठकर एक-एक आदेश जारी किया, उन को भरोसे में लेकर के एक-एक आदेश जारी किया। उनको फैसले लेने वाली टीम का हिस्सा बनाया, इसीलिए प्राइवेट अस्पताल वालों ने हमारा कदम-कदम पर सहयोग किया, इसके लिए आज मैं प्राइवेट अस्पतालों का भी बहुत शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, उसमें भी काम करने वाले सभी डॉक्टर और नर्सेज का भी शुक्रिया अदा करता हूं।

हमारे सरकारी अस्पतालों ने बहुत शानदार काम किया। मैं उनका मुख्यमंत्री हूं। अगर मैं कहूं कि उन्होंने अच्छा काम किया, तो यकीन नहीं होगा, लेकिन हमारे जीटीबी अस्पताल ने उत्तराखंड के एक पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी जी इलाज कराने आए और जाते समय उन्होंने इतनी दुआएं और आशीर्वाद डॉक्टर और नर्स को देकर गए और मेरे लिए संदेश छोड़कर गए कि मुख्यमंत्री जी को बोलना कि आपके डॉक्टर और नर्स बहुत अच्छे हैं। इससे बड़ा सर्टिफिकेट हमारे लिए और नहीं हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कोरोना योद्धओं ने इस दौरान बहुत अच्छा काम किया, लेकिन यह ऐसी महामारी थी, जिसमें सब का दिल धक-धक कर रहा था, अगर मुझे यह बीमारी हो गई, तो क्या होगा, अगर मेरे को कुछ हो गया, तो क्या होगा, अगर मेरी मौत हो गई तो क्या होगा, मेरे बाद मेरे परिवार का क्या होगा?

कोरोना योद्धाओं के दिल में भी यह डर तो था, सबको अपनी जिंदगी और परिवार प्यारा है, लेकिन हमारे कोरोना योद्धाओं ने अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों की सेवा की और जिम्मेदार सरकार होने के नाते और हमारे पूरे समाज ने मिलकर कोरोना योद्धाओं को एक तरह से एक सहयोग करने के लिए एक अलग तरह की स्कीम निकाली कि अगर किसी कोरोना योद्धा को लोगों की सेवा करने के दौरान,

चाहे वे पुलिस में काम करते हो, चाहे वे अस्पताल में काम करते हों, चाहे वे सफाई कर्मी का काम करते हों, सिविल डिफेंस वालंटियर का काम करते हों, जो भी हमारे कोरोना योद्धा अगर लोगों की सेवा करते हुए कोरोना की ड्यूटी करते हुए, उनको कोरोना हो जाता है और भगवान न करें, उनकी कोरोना की वजह से मौत हो जाती है,

तो सरकार उनके परिवार को एक करोड़ रुपए की सहयोग राशि देगी। इस दौरान 9 कोरोना योद्धाओं की मौत हुई और सरकार ने उन 9 कोरोना योद्धाओं के परिवार को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी। मैं खुद उनके घर गया,

उनके परिवार के लोगों से मिला और उनके परिवार के लोगों को हमने एक-एक करोड़ रुपए की सहयोग राशि दी। जैसा मैंने बताया कि यह सरकार के लिए बहुत कठिन समय था।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा टैक्स आना बंद हो गया था, लोगों को चिंता लगने लगी कि यह जो बिजली फ्री मिलती है, यह बंद तो नहीं हो जाएगी, जो पानी फ्री मिलता है, वह बंद तो नहीं हो जाएगा, लोग अखबार में पढ़ते थे कि सरकार के पास टैक्स नहीं आ रहा है। लेकिन अच्छा आर्थिक प्रबंधन करके हमने सुनिश्चित किया कि लोगों की बिजली और पानी जो दिल्ली के अंदर फ्री मिलता है, वह फ्री मिलता रहा।

आप लोगों की जानकारी के लिए बता दूं कि दिल्ली में कुल 52 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। इन 52 लाख उपभोक्ताओं में से 38 लाख परिवारों के जीरो बिजली के बिल आए हैं। दिल्ली में रहने वाले 73 प्रतिशत परिवारों के बिजली के बिल जीरो आए हैं। हमारी सरकार बनने के पहले मुझे याद है कि 2014 की गर्मियों में 7 से 8 घंटे तक की पावर कट होते थे। पिछले 6 साल में दिल्ली के लोगों के लिए समुचित बिजली का इंतजाम किया,

जितने खराब ट्रांसफार्मर और केबल थे, उनको बदले। मैं खुद खड़ा होकर उनको बदलाव आया। आज दिल्ली के लोगों को 24 घंटे बिजली मिलती है और फ्री बिजली मिलती है। यह दुनिया के आठवें अजूबे जैसा है। देश में ऐसे कई राज्य हैं, जो अपनी बिजली बनाते हैं। दिल्ली तो अपनी बिजली भी नहीं बनाती है, हम दूसरे राज्यों से बिजली खरीदते हैं,

महंगी बिजली खरीदने हैं, फिर भी अपने लोगों के लिए 24 घंटे बिजली का इंतजाम कर दिया और फ्री बिजली दे दी। देश के अंदर ऐसे कितने राज्य हैं, जो अपनी बिजली बनाते हैं, फिर भी उनके यहां पावर कट होते हैं, फिर भी उनके पास बिजली की कमी है, फिर भी उनके यहां बिजली इतनी महंगी की है।

दिल्ली में 25 लाख पानी के घरेलू उपभोक्ता हैं। पिछली बिलिंग साइकिल में इसमें से 14 लाख लोगों के पानी के बिल जीरो आए हैं, लगभग 56 प्रतिशत लोगों के पानी के बिल जीरो आए हैं। सीएम अरंिवंद केजरीवाल ने कहा कि जल बोर्ड के साथ हमारी कई बैठकें हो चुकी हैं। पूरी मुस्तैदी के साथ हमारा जल बोर्ड काम कर रहा है और उन्होंने पूरा खाका तैयार किया है कि जैसे दिल्ली में बिजली का 24 घंटे इंतजाम किया है,

अब पानी का भी 24 घंटे का इंतजाम करना है और आने वाले सालों के अंदर हम अपना यह लक्ष्य पूरा करेंगे, जब हम दिल्ली के लोगों को 24 घंटे पानी देंगे। जैसा मैंने बताया कि 56 प्रतिशत लोगों को जीरो बिल पर पानी मिल रहा है,

जो चमत्कार बिजली के क्षेत्र में हुआ, वहीं चमत्कार पानी के क्षेत्र में भी होगा, लोगों को 24 घंटे पानी मिलेगा और फ्री में पानी मिलेगा।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ साल पहले हम लोगों ने अपने जांबाज पुलिस वालों के लिए, अपने जांबाज सैनिकों के लिए, अपने जांबाज फायर सर्विस के जवानों के लिए, एक योजना चालू की थी। हमारे दिल्ली पुलिस के जवान अपनी जान की बाजी लगाकर हम दिल्ली वालों की रक्षा करते हैं। मुझे बताया गया कि पुलिस में लोगों की कमी है।

कई पुलिसवाले तो लगातार बिना सोए 24 घंटे और 36 घंटे की ड्यूटी करते हैं और कई ऐसे कई मौके आते हैं, जब उनको हम लोगों की रक्षा करने के लिए अपनी जान की बाजी लगानी पड़ती है। हमारे सैनिक बॉर्डर के ऊपर दुश्मन के साथ लड़ रहे हैं और दुश्मन के साथ लड़ते हुए अपनी जान की बाजी लगाकर हमारे देश की रक्षा करते हैं।

हमारे दिल्ली सर्विस के जांबाज हमारे दिल्ली में कहीं भी आग लग जाए, उस आग में घुस कर उसे बुझाने की कोशिश करते हैं और कितने लोग शहीद हो जाते हैं। हमारी सरकारी बनने से पहले इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता था। मुझे बताया गया है कि कोई योजना होती थी, जिसमें उनके परिवार को एक सिलाई मशीन दी जाती थी।

हमें तय किया कि ऐसे परिवारों को एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि दी जाएगी। वैसे तो किसी की जान चली जाती है, तो उसकी कोई कीमत नहीं होती है और हमारा एक- एक जवान हीरे के समान है, उसकी कोई कीमत नहीं होती है, लेकिन उसके परिवार को यह लगना चाहिए कि यह देश और समाज उनका सम्मान करता है।

सरकार ने एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि देने का फैसला किया। पिछले कुछ सालों के अंदर जबसे यह स्कीम लागू हुई है, हम दिल्ली पुलिस के 19 जवानों को एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि दे चुके हैं।

फायर सर्विस के छह जवानों को यह राशि दी जा चुकी है और दिल्ली के रहने वाले तीन जवानों को बॉर्डर के ऊपर शहादत के बाद सम्मान राशि दी जा चुकी है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे कहते हुए बड़ी खुशी है कि मार्च के महीने तक एक बहुत बड़ी योजना शुरू होने जा रही है। हमारा एक सपना था कि गरीब लोगों को सरकार जो राशन देती है, गरीब आदमी को राशन की दुकान पर जाना पड़ता है, लाइनों में लगाना पड़ता है, कई बार राशन की दुकान खुलती नहीं है,

कभी-कभी राशन की दुकान वाला बदतमीजी करता है, कभी-कभी उसको पूरा राशन नहीं मिलता है, उसके सामने 100 तरह की समस्याएं होती हैं। मुझे खुशी है कि मार्च के महीने तक डोर स्टेप डिलिवरी आॅफ राशन चालू कर दिया जाएगा, जिसमें अब लोगों को राशन की दुकान पर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आपको 25 किलो गेहूं और 10 किलो चावल मिलना है, तो 25 किलो की एक शानदार पैकिंग में साफ-सुथरा गेहूं या आटा और 10 किलो चावल की एक बोरी बनाकर आपके घर पहुंचा दिया जाएगा।

आपको किसी दुकानदार के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। कहीं पर लाइनों में लगने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि पूरी शासन व्यवस्था को बदलने के लिए यह अपने आप में बहुत ही बड़ा क्रांतिकारी कदम होगा।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे स्वास्थ्य विभाग ने खासकर पिछले एक साल के दौरान काफी गजब का काम किया है और आने वाले साल में दिल्ली में रहने वाले हर एक नागरिक के लिए हम हेल्थ कार्ड जारी करने जा रहे हैं।

शुरूआत सबसे पहले हम सरकारी अस्पतालों से करेंगे। यह हेल्थ कार्ड ऐसा होगा कि आप किसी भी अस्पताल में उस कार्ड को लेकर जाइए, आपका एक हेल्थ आईडी होगा, आपको कोई पर्ची ले जाने की जरूरत नहीं है। आपका सारा पुराना रिकॉर्ड उस हेल्थ कार्ड के अंदर होगा। आपके जितने टेस्ट हुए, जितनी एक्सरे हुए, आपको जितनी बीमारियां हैं,

उन सबकी हिस्ट्री उस कार्ड के अंदर होगी। जब आप अस्पताल में जाएंगे, तो आपको लाइनों में खड़ा होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप डॉक्टर से ऑनलाइन या फोन पर मिलने का ले सकते हैं। आप अपने मिलने के समय पर जाइए और आपको लाइन में खड़े होने की कोई जरूरत नहीं है। अस्पताल में आपको डॉक्टर इंतजार करता हुआ मिलेगा।

पहले हम इसकी शुरुआत सरकारी अस्पतालों से करेंगे, उसमें सारे अस्पताल, सभी मोहल्ला क्लीनिक, सभी पॉलीक्लिनिक, सारी डिस्पेंसरी और सारे सोसाइटी वाले अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। उसके बाद सारे निजी अस्पतालों को भी इसमें जोड़ा जाएगा। हमारा हेल्थ मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यमुना की सफाई के लिए दिल्ली जल बोर्ड पूरी मशक्कत के साथ लगा हुआ है। उनके साथ कई सारी हमारी कई बैठकें हुई है और मुझे पूरी उम्मीद है कि जो सपना दिल्ली के लोगों का कई सालों से था, वह सपना अगले कुछ सालों के अंदर जरूर पूरा होगा।

इसके अंदर जो भी प्रोजेक्ट हैं, वह सारे समय से चल रहे हैं। झुग्गी वालों को मकान देने की हमारी योजना बहुत तेजी से चल रही है। उनके लिए कई मकान बन चुके हैं। इसमें मैं सब लोगों से सहयोग चाहता हूं, कहीं-कहीं पर झुग्गी में रहने वाले लोग फ्लैट में शिफ्ट होने से थोड़ा कतराते हैं,

उन लोगों से मैं निवेदन करना चाहता हूं कि झुग्गी में आपकी जिंदगी, कोई अच्छी जिंदगी नहीं है। आपके बच्चों की अच्छी जिंदगी नहीं है। दिल्ली सरकार आपको अच्छे फ्लैट बनाकर दे रही है। सब लोग फ्लैट में शिफ्ट हों, कई सारे फ्लैट बन चुके हैं और पिछले दिनों में हमारी कई सारी बैठकें हुई हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले कुछ वर्षों के अंदर सभी झुग्गी वालों को हम फ्लैट देने में कामयाब होंगे।

 मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि पिछला साल जो महामारी का गुजरा,  उस महामारी से सारी मानव जाति को मुक्ति मिले और यह साल फिर से हम लोग अपनी सामान्य जिंदगी शुरु कर सके। वैक्सीनेशन का कार्य शुरू हो चुका है।

मैं उम्मीद करता हूं कि इस वैक्सीन के आने से अब कोरोना महामारी से हम सब लोगों को मुक्ति मिलेगी और फिर से जिंदगी पटरी पर आएगी और फिर से हम सब लोग अपने परिवार के लिए, देश के लिए, दिल्ली के लिए, पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर सकेंगे।

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