नई दिल्ली : कृषि कानूनों पर जारी किसानों के विरोध पर मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी प्रतिक्रिया दी है, मलिक ने कहा कि उन्होंने सरकार को सलाह दी है कि किसानों का अपमान नहीं किया जा सकता है.

साथ ही उन्होंने सरकार से आगे आकर किसानों से बात कर मुद्दें को सुलझाने की बात कही है, खास बात है कि सरकार ने किसानों के सामने डेढ़ साल कानून के निलंबन का प्रस्ताव रखा है.

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राज्पाल मलिक ने कहा कि किसानों को अपने कदम वापस लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है, पश्चिम यूपी से आने वाले मलिक एक जाट नेता हैं, उन्होंने कहा है कि गाजियाबाद सीमा से आंदोलन कर रहे किसानों को हटाने के यूपी पुलिस के प्रयासों ने हालात और बिगाड़ दिए हैं.

बीती 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दौरान हुई किसानों की ट्रैक्टर परेड में हिं’सा भ’ड़क गई थी, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी.

उन्होंने कहा ‘मैं एक व्यक्ति हूं, जो सांवैधानिक पद संभाल रहा है, मुझे इस तरह से बयान नहीं देने चाहिए, लेकिन यह किसानों का मुद्दा है और मैं चुपचाप नहीं रह सकता.

मलिक ने बताया ‘मैंने पहले ही पीएम मोदी से बातचीत के जरिए मुद्दे को सुलझाने का निवेदन कर दिया है,’ उन्होंने कहा ‘किसानों को अपमानित कर वापस नहीं भेज सकते, आप उन्हें बेइज्जत नहीं कर सकते और प्रदर्शन से वापस नहीं भेज सकते, आपको उन्हें बातों में लगाकर रखना चाहिए.

राज्यपाल ने कहा ‘पीएम मोदी के पास किसानों के बीच बहुत समर्थन है, उनके पास ताकत है, उन्हें दरियादिली दिखानी चाहिए और मुद्दों को खत्म करने के लिए उनपर चर्चा करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहे, तो मुद्दा सुलझ सकता है, शुक्रवार के बाद से ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा के गांवों से किसानों ने गाजीपुर पहुंचना शुरू कर दिया है.

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