नई दिल्ली : इस्लाम धर्म अपनाने के इच्छुक हिंदू व्यक्ति जिग्नेश पटेल ने गुजरात हाईकोर्ट में एक अर्जी दायर करके भरुच जिले के प्राधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है.

पटेल ने कहा कि अपना आवेदन जमा करने के बाद वह एक वर्ष से अधिक समय तक इंतजार कर चुका है.

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याचिकाकर्ता जिग्नेश पटेल के वकील एम टी सैयद ने कहा कि भरुच के कलेक्टर एक साल से अधिक समय से पटेल का आवेदन रोके हुए हैं.

जबकि फरवरी 2020 में एक एसडीएम की जांच रिपोर्ट में इस संबंध में अनुकूल राय दी गई थी कि उन्हें धर्मांतरण की अनुमति दी जा सकती है.

जस्टिस बेला त्रिवेदी ने हाल के एक आदेश में जिला कलेक्टर को निर्देश दिया कि वह पटेल के आवेदन पर ‘जितना जल्दी हो सके’ निर्णय लें, अच्छा हो आठ सप्ताह के भीतर.

पटेल के वकील ने कहा, ‘भरुच में कलेक्टर की अनुमति के लिए आवेदन एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है, याचिका कलेक्टर को आवेदन पर फैसला के लिए निर्देश देने के लिए दायर की गई थी.

एसडीएम की रिपोर्ट में यह स्थापित हुआ था कि पटेल पर धर्मपरिवर्तन का दबाव नहीं है, जिसका उल्लेख राज्य के धर्मांतरण निरोधक कानून में है.

पटेल ने आवेदन 26 नवंबर, 2019 को कलेक्टर के पास इस घोषणा के साथ दिया था कि धर्मांतरण के लिए उस पर न तो कोई दबाव है और न ही वह ऐसा किसी लालच में कर रहा है.

याचिकाकर्ता ने अपने हलफनामे में कहा था कि वह इस्लाम के प्रति आकर्षित था और धर्म को अपनाना चाहता है.

पटेल ने कहा कि वह छह साल से मुस्लिमों की तरह रह रहा है, उसने कहा कि वह रमजान के दौरान रोजा रखता है, नमाज अदा करता है और और इस धर्म से जुड़े अन्य रिवाजों का पालन करता.

जिग्नेश पटेल ने HC में दायर अपनी याचिका में कहा कि उसके आवेदन को इमरान पटेल नाम के एक व्यक्ति द्वारा भी समर्थन किया गया था.

जिसे धर्मांतरण का नेतृत्व करना था, उसने कहा कि उक्त कार्यक्रम पहले एक जनवरी, 2020 को होने वाला था, लेकिन कलेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया.

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