नई दिल्ली: देशभर में कोरोना वायरस के चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन-4 के तहत 31 मई तक के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्र सरकार की ओर से प्रवासी मजदूरों को अब तक कोई परिवहन की सुविधा नहीं मिलने की वजह से अन्य प्रदेशों से प्रवासी मजदूरों का अपने राज्य आने का सिलसिला जारी है। 

प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के मुद्दे को लेकर सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिंहा दिल्ली में राजघाट पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, तिमारपुर से आप विधायक दिलीप पाण्डेय और आरजेडी राज्यसभा सांसद मनोज झा भी अनशन पर बैठे यशवंत सिंहा को अपना समर्थन देने राजघाट पहुँचे। 

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यशवंत सिंहा का कहना है कि इतने दिन गुजर गए मजदूरों की घर वापसी के लिए जितना इतजाम होना चाहिए था वो नहीं हुआ है। एक अंश मजदूर भी जो बाहर काम करते थे वो घर नहीं पहुँचे। आज स्थिति यह है कि केंद्र सरकार राज्य सरकारे पर थोप रही है और राज्य सरकारे केंद्र सरकार पर थोप रहे है। हम सब यहां बैठे है इस मांग को लेकर की तत्काल भारत सरकार सेना को ये जिम्मेदारी दे कि सेवा अपने संसाधनों के साथ 24 घंटे के अंदर सभी प्रवासी मजदूरों सम्मान के साथ उनके घर तक छोड़ कर आये। 

 राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि एक संवेदनहीन सरकार केंद्र की सत्ता पर बैठी हुई  है जिसको गरीबों की चिंता नहीं है। गरीब-मजदूरों को इन्होंने सड़कों पर व ट्रेन की पटरियों पर मरने के लिए छोड़ दिया है, वहीं अमीरों को हवाई जहाज से बुला रहे है। यह सरकार गरीब विरोधी सरकार है। अमीरों के हित में खड़ी होने वाली सरकार है। 

उन्होंने कहा यशवंत सिंहा एक जायज मांग को लेकर धरने पर बैठे है इसलिए आज हम सब उन्हें अपना समर्थन देने यहां आये है। एक जागरूक नागरिक का कर्तव्य है कि ऐसे मुद्दों का समर्थन करें जो जनहित का बड़ा मुद्दा है। आज भूखे पेट मजदूरों, बच्चों को जानवरों की तरह पीटा जा रहा है। मध्यप्रदेश में इनकी, सरकार है, उत्तर प्रदेश में इनकी सरकार, गुजरात में इनकी सरकार केंद्र में इनकी सरकार, बिहार में इनकी सरकार भी हर जगह मजदूरों पर डंडे बरसाये जा रहे है। गृहमंत्री कह रहे है कि हमने आदेश जारी कर दिया है राज्यों में बसों की व्यवस्था की जायेगी लोगों को घर पहुँचाया जायेगा मैं पुछना चाहता हूँ कहा है उनका आदेश। 

वहीं विधायक दिलीप पाण्डेय ने कहा कि किसी भी सरकार के कामकाज से पता चलता है कि उनकी मंशा क्या है। आज केंद्र की सत्ता पर बैठी सरकार हवाई जहाज पर चलने वाले लोगों की फ्रिक कर रही है, हवाई चप्पल पहनने वालों की कोई फ्रिक नहीं है उन्हें। हवाई चप्पर वालों को छोड़ दिया है काली गर्म सड़क पर अपनी एड़ियां घिस के मरने के लिए। मजदूरों की घर वापसी की माँग को लेकर अनशन पर बैठे यशवंत सिंहा की माँग जायज है। इस माँग में हम भी अपना समर्थन देने बैठे है और इस उम्मीद के साथ बैठे है कि केंद्र सरकार से नहीं हो पा रहा है, राज्य की पुलिस से व्यवस्था नहीं हो पा रहा है तो आर्मी के सेनाओं को यह काम सौंप दें, आर्मी ने पीस टाइम में पहले भी काम किया हुआ है। सेवानों को बुलाकर बार्डर पर बस व ट्रेनों के माध्यम से मजदूरों को ससम्मान उनके घर छोड़ा जाये। 

वहीं सांसद मनोज झा ने कहा कि लॉकडाउन के दुसरे चरण के बाद मीडिया ने जब प्रवासी मजदूरों के पैदल घर जाने की तस्वीर दिखाई तो केंद्र सरकार ने आधे- अधूरे मन से थोड़ा प्रयास किया था। बावजूद उसके आज भी सड़को पर लोग मर रहे है। आज इस पहल के माध्यम से हम सरकार से इतना कहना चाहते है आपके कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत के बीच फासला बहुत बड़ रहा है अगर इस फासले को खत्म नहीं किया गया तो वो दिन दूर नहीं जब हमारा मुल्क खंड-खंड में बंट जायेगा।

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