नई दिल्ली: दिल्ली सरकार आँटो, आरटीवी, ग्रामीण सेवा समेत सभी पब्लिक सेवा के वाहन चलाने वाले चालकों को 5-5 हजार रुपये की आर्थिक मदद देगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लाॅक डाउन की वजह से आॅटो, आरटीवी, ग्रामीण सेवा व टैक्सी समेत पब्लिक सेवा से जुड़े वाहन चालकों की रोजी-रोटी चली गई है। अपने राज्य के गरीबों का ख्याल रखना हर सरकार की जिम्मेदारी है। लिहाजा, इन सभी लोगों के बैंक खाते में 10 दिन के अंदर 5-5 हजार रुपये भेज कर आर्थिक मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब 10 लाख लोगों को लंच और डिनर कराने का इंतजाम कर चुकी है। लाॅक डाउन का पालन करना सभी के हित में है। कोरोना जंगल में लगी आग की तरह है, जो घर में रहेगा, वही स्वस्थ्य रहेगा। मुख्यमंत्री ने रामनवमी की बधाई देते हुए सभी से कसम लेने की अपील की कि आपके पड़ोस, गली-मोहल्ल में कोई भूखा न रहे।

दिल्लीे में कोरोना के 208 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं- अरविंद केजरीवाल

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कल से लेकर आज तक कोरोना के केस थोड़ा बढ़ गए हैं। दिल्ली में अभी 219 कोरोना के मरीज हैं। इनमें 51 केस विदेशों से आए हुए लोग हैं, जो वहीं से कोरोना लेकर आए थे। 108 केस मरकज के हैं, जो निजामुद्दीन के मरकज से लोग निकाले गए हैं, उनके हैं। 29 केस वह हैं, जो लोग कोरोना से ग्रसित होकर विदेशों से आए थे, उनके संपर्क में आने पर उनके परिवार के लोगों को हो गया है। जबकि 4 लोगों की मौत हो चुकी है। 01 अप्रैल तक 2 लोगों की मौत हुई थी और 02 अप्रैल को 2 और लोगों की मौत हो गई है। 02 अप्रैल को जिन दो लोगों की मौत हुई है, वे मकरज से निकाले गए लोगों में से हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली के अस्पतालों में 219 मरीज थे, जो अब 208 रह गए हैं। क्योंकि इनमें से 06 मरीज ठीक होकर घर चले गए हैं, एक मरीज दिल्ली से बाहर चले गए थे और 4 लोगों की मौत हो चुकी है। शेष 208 मरीजों में से 01 अभी तक वेंटिलेटर पर है। यह मरीज कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह मरीज ठीक हो जाएगा और 05 मरीज आॅक्सीजन पर है, जबकि 202 मरीजों की हालत स्थिर है। मुझे उम्मीद है कि यह सभी लोग ठीक हो जाएंगे।

दिल्ली में अभी कोरोना नियंत्रण में है, विदेशों से आए लोगों के संपर्क में आने से सिर्फ 29 में फैली बीमारी- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दो बातें हैं, जो चिंता पैदा करती हैं। पहला, क्या कोरोना आम लोगों में फैल रहा है और दूसरा कितने लोगों की मौत हुई है। कोरोना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जो लोग विदेशों से कोरोना लेकर आए थे, उनके सपंर्क में आने पर परिवार के 29 लोगों में कोरोना हो गया है। यह 29 का आंकड़ा कई दिनों से स्थिर है और यह नहीं बढ़ा है। लिहाजा, मैं यह मान रहा हूं कि अभी तक दिल्ली में कोरोना नहीं फैल रहा है। कुल 51 लोग विदेशों से आए थे, उन सभी के परिवार के लोगों को कोरोना नहीं हुआ है। इस आंकड़े से स्पष्ट है कि अभी कोरोना बढ़ नहीं रहा है। मरकज से निकलने वाले लोगों की हालत गंभीर नजर आ रही है। बाकी मरीज स्थिर हैं। मरकज से 2346 लोगों को निकाला गया था, जिसमें से 1810 लोगों को क्वारंटाइन में भेजा गया है। 536 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 2346 का हम एक साथ टेस्ट करा रहे हैं, ताकि उनका स्टेटस पता चल सके। संभव है कि अगले एक-दो दिन के अंदर इनमें से कई लोग कोरोना पाॅजिटिव निकलें। इसलिए संभव है कि दिल्ली में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा बढ़ जाएगा। दिल्ली में इस वक्त हम 2943 लोगों को क्वारंटाइन किया हुआ है। जिसमें से 1810 मरकज और 113 विदेशों से आए हुए हैं। दिल्ली सरकार ने 21307 लोगों को अपने घर पर ही क्वारंटाइन करने का निर्देश दिया है।

प्रतिदिन 6 लाख लोगों को लंच और डिनर करा रही सरकार- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना के लाॅक डाउन की वजह से जिन गरीबों और बेसहारा लोगों को सबसे अधिक मार पड़ी है, जिन लोगों के घर में खाने का एक दाना नहीं है। यही मौका है, जब हर जिम्मेदार सरकार को अपने गरीब लोगों की मदद के लिए सामने आना चाहिए। इसमें न सिर्फ सरकार, बल्कि बहुत सारी सामाज सेवी संस्थाएं, धार्मिक संस्थाएं, एनजीओ आदि मदद कर रही हैं। दिल्ली सरकार ने जगह-जगह खाने का केंद्र खोला है, उसमें 01 अप्रैल को 600208 लोगों ने लंच किया था और 595760 लोगों ने डिनर किया था। अब दिल्ली के अंदर बहुत जगह खाने के केंद्र खोल दिए गए हैं। मुझे उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में यह इतने खुल जाएंगे कि आपको खाना खाने के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब हमने इसकी क्षमता इतनी बढ़ा दी है कि यदि 10 लाख लोग प्रतिदिन लंच और डिनर कर सकते हैं। यहां जो भी व्यक्ति खाना खाने आएगा, उसे भूखे वापस नहीं भेजा जाएगा। हर व्यक्ति के लिए अब लंच और डिनर का इंतजाम है। इतना ज्यादा इंतजाम कर दिया गया है कि अब 10 लाख लोग आराम से खा सकते हैं।

पब्लिक सेवा से जुड़े वाहन चालकों को सरकार देगी आर्थिक मदद- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेरे पास कुछ दिनों से आॅटो, टैक्सी और आरटीवी वालों के मैसेज और फोन आ रहे हैं। उनका कहना है कि वे लोग बिल्कुल भूखमरी की कगार पर हैं। उनकी रोजी-रोटी बंद हो गई है। वे कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री साहब, आप तो हमारे इतने चहेते हैं। आप हमारे लिए कुछ नहीं करेंगे क्या? मुख्यमंत्री कहा कि आप सभी लोग मेरे भाई की तरह हैं। दिल्ली का एक-एक व्यक्ति मेरा अपना है और मैं किसी भी व्यक्ति को भूखा नहीं छोड़ूंगा। जैसे अन्य लोगों का दिल्ली सरकार मदद कर रही है, उसी तरह आॅटो, आरटीवी, ग्रामीण सेवा और टैक्सी समेत सभी पब्लिक सेवा के वाहन चलाने वाले हमारे भाई हैं, उनकी मदद के लिए सरकार योजना बना रही है। हमारे सामने एक समस्या यह आ रही है कि बहुत सारे लोगों के बैंक खाना नंबर नहीं है। सभी लोगों के बैंक खाता नंबर कैसे लिए जाएं, इसकी व्यवस्था की जाएगी। आप सभी के बैंक खाते में 5-5 हजार रुपये सरकार आपकी मदद के लिए देगी। यह बहुत ही कठिन समय है, जब पूरा देश और विश्व जूझ रहा है। इसकी सबसे अधिक मार गरीबों पर पड़ी है, जिनकी रोजी रोटी चली गई है। उनके बैंक खाते में इतने पैसे नहीं होते हैं कि वे ऐसे समय में अपने बच्चों को कुछ खिला सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि अपने गरीबों का ख्याल रखे। लिहाजा आप सभी के खाते में 5-5 हजार रुपये भेजे जाएंगे। इसमें अभी करीब 10 दिन लग सकते हैं, लिहाजा आप सभी को थोड़ा सब्र करना होगा। इसकी योजना बनाई जा रही है।

लाॅक डाउन का पालन करना सभी के हित में- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाॅल्ड ट्रम्प का बयान आया था कि हो सकता है कि एक से ढाई लाख के बीच अमेरिका के लोगों की जान चली जाए। इससे आप यह समझ सकते हैं कि कितनी भयावह स्थिति है। अमेरिका दुनिया का सबसे विकसित देश है। जहां सबसे अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी। वहां के राष्ट्रपति कह रहे हैं कि एक से ढाई लाख लोगों की जान जा सकती है। इसीलिए मेरी आप सभी लोगों से अपील है कि प्रधानमंत्री जी ने जो लाॅक डाउन का एलान किया है, यह बेहद जरूरी है। इसका हम सभी को पालन करना है। हमें हर हालत में थोड़े दिनों तक अपने घर में ही रहना है। इस दौरान थोड़ी तकलीफें आ सकती हैं, लेकिन यह तकलीफें हमारी और देश की भलाई के लिए हैं। लोगों की जान बचाने के लिए है। एक कहानी कही जाती है कि एक बार बिधुर ने युधिष्ठिर से पूछा कि अगर जंगल में आग लग गई, तो कौन मरेगा और कौन बचेगा? युधिष्ठिर ने जवाब दिया, जो सबसे ताकतवर जानवर शेर, चीता, हाथी है, यह सब मर जाएंगे। जो सबसे तेज दौड़ने वाले जानवर हिरन, खरगोश है, यह सब भी मर जाएंगे। इस पर बिधुर ने पूछा कि फिर कौन बचेगा? युधिष्ठिर ने जवाब दिया कि जो अपने बिल में रहने वाले जानवर हैं, वही बचेंगे। करोना भी एक तरह से जंगल में लगी आग की तरह है। जो लोग अपने घर में रहेंगे, वो स्वस्थ्य रहेंगे।

 रामनवमी पर लीजिए प्रण पड़ोस में कोई न रहे भूखा- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज रामनवमी का दिन है। रामनवमी के अवसर आप सभी को बहुत बहुत बधाई देता हूं। मंदिर आप नहीं जा पाएंगे। आप अपने घर में रह कर राम नवमी मनाइएगा। आज राम नवमी के दिन एक प्रण लीजिएगा कि आपके गली-मोहल्ले, पड़ोस में कोई भूखा न रहे। यह राम नवमी मनाने का सबसे अच्छा तरीका रहेगा। जब तक लाॅक डाउन है, आप कसम खा लीजिए कि आपके पड़ोस में कोई भूखा नहीं रहेगा।

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