मजलिस के वजूद से तमाम पार्टियां बेचैन हो जाती हैं और आपसी मतभेद के बावजूद एकजुट हो जाती हैं: सैयद इम्तियाज जलील

नई दिल्ली
मजलिस संविधान में विश्वास करती है और संविधान के अनुसार कार्य करती है। यदि दिल्ली का भाग्य बदलना है, तो मजलिस के कार्यकर्ताओं को बलिदान देना सीखना होगा। बलिदान के बिना कोई क्रांति नहीं आ सकती है। इन विचारों को ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन दिल्ली प्रभारी और सांसद सैयद इम्तियाज जलील ने व्यक्त किया। वह दिल्ली में मजलिस के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह हैदराबाद में मजलिस अपना झंडा लहराती है, वह दिल्ली में भी लहराएगी। महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार के बाद दिल्ली अब हमारे लिए दूर नहीं है। हमें मजलिस में नये आने वालों का स्वागत ही नहीं करना, बल्कि दिल बड़ा करते हुए उन्हें सर आंखों पर बैठाना होगा। सभी दल हमारे वजूद से बेचैन हो जाते हैं और मजलिस को हराने के लिए एकजुट हो जाते हैं, लेकिन दिल्ली में आप लोगों की जिस तरह से तैयारियां चल रही हैं और कार्यकर्ताओं की आंखों की चमक मैं देख रहा हूं उससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि दिल्ली में विरोधी मुंह की खाने वाले हैं। यहाँ मजलिस का परचम लहराने वाला है।
अपने उद्घाटन भाषण में दिल्ली अध्यक्ष कलीमुल हफ़ीज़ ने कहा कि अब वादा ख़िलाफ़ी और बेवफ़ाई करने वालों को सबक सिखाने का वक्त आ गया है। दिल्ली एमसीडी के चुनावी नतीज़े इंशाअल्लाह चौंकाने वाले होंगे। उन्होंने कहा कि मजलीस अपने पूरे फॉर्म में आ गई है। आज उसके तीनों एमसीडी में प्रोग्राम हुए पूर्वी दिल्ली के जाफ़राबाद में सैकड़ों लोगों ने आज मजलिस का दामन थामा।
जामिया नगर दिल्ली के अबुल फज़ल वार्ड में वार्ड ऑफिस का उद्घाटन हुआ और फ़राशख़ाने में ऑफिस का उद्घाटन किया गया। मजलिस के कार्यकर्ताओं ने सैयद इम्तियाज जलील का गर्मजोशी से स्वागत कर गुलदस्ता पेश किया।
प्रोग्राम की अध्यक्षता हाजी टेंट हाउस के मालिक और हमीदिया हॉस्पिटल के डायरेक्टर हाजी इंतख़ाब आलम ने और निज़ामत रेहान सिद्दीकी ने की।
प्रोग्राम में मजलिस के पदाधिकारियों के अलावा इलाक़े की मशहूर शख़्सियतें भी मौजूद थीं।

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