नई दिल्ली : दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा शासित एमसीडी दूसरे संस्थानों पर बकाया 1600 करोड़ रुपये वसूल ले तो सभी कर्मचारियों को एक साल की तनख्वाह एडवांस में दे सकती है। उत्तरी नगर निगम का आयकर विभाग, डीडीए, पार्किंग विभाग, आवास विभाग और अन्य पर 1600 करोड़ रुपये बकाया है।

भाजपा शासित एमसीडी कर्मचारियों की सैलरी रोक कर कौन सी राजनीति करना चाहती है? इनकी जिंदगी से खेल कर दिल्ली सरकार को बदनाम क्यों करना चाहती है? आम आदमी पार्टी एकजुटता के साथ प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ी है और एमसीडी कर्मचारियों की हड़ताल को पूरा समर्थन देती है।

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उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 5 से 6 महीने से वेतन ना मिलने के कारण भाजपा शासित नगर निगम के कर्मचारियों ने आज 1 दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। निगम के तमाम कर्मचारी सिविक सेंटर में हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले 15 साल से नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। भाजपा ने नगर निगम को इस कदर कंगाल कर दिया है कि 6 महीने से कर्मचारियों को उनका वेतन नहीं मिल रहा है।

कर्मचारियों को मजबूरन अपना हक पाने के लिए हड़ताल का सहारा लेना पड़ रहा है। दुर्गेश पाठक ने कहा कि निगम के तमाम कर्मचारियों के साथ आम आदमी पार्टी खड़ी है और कर्मचारियों के इस आंदोलन का आम आदमी पार्टी पूरी तरह से समर्थन करती है।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि ऐसा सुनने में आया है कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों को नवंबर माह का वेतन भी नहीं मिला है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों ने भी जल्द ही हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है।

जब से भाजपा शासित नगर निगम के ऊपर कर्मचारियों के वेतन न देने का संकट आया है तब से लगातार भाजपा अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। दिल्ली सरकार पर फंड न देने के झूठे आरोप लगा रही है।

मैंने अपनी पिछली प्रेस वार्ता में भी पत्रकारों के समक्ष कोर्ट के दो आदेश प्रस्तुत किए थे जिसमें साफ तौर पर यह माना गया है कि दिल्ली सरकार पर नगर निगम का कोई बकाया नहीं है। भारतीय जनता पार्टी अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए केवल और केवल गंदी राजनीति कर रही है।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि हमने जब भाजपा शासित नगर निगम के तमाम बही खातों को देखा, उसके बारे में पढ़ा तो बेहद ही चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में भी भाजपा शासित उत्तरी नगर निगम के पास इतना पैसा है कि यदि निगम चाहे तो अपने कर्मचारियों का अगले 1 साल तक का वेतन दे सकता है।

सरकारी विभागों पर बकाया राशि की जानकारी देते हुए दुर्गेश पाठक ने कहा कि डीडीए जो कि केंद्र सरकार का ही एक संस्थान है उस पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम का लगभग 1100 करोड रुपए बकाया है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम को गांधी मैदान की पार्किंग से 80 करोड़, कुतुब रोड पार्किंग से 15 करोड रुपए लेना है। केंद्र सरकार के इनकम टैक्स विभाग ने सिविक सेंटर में किराए पर कार्यालय लिया हुआ है।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम का इनकम टैक्स विभाग पर लगभग 200 करोड रुपए किराया बकाया है। इसके अलावा, भाजपा शासित नगर निगम को अभी 107 करोड रुपए हाउस टैक्स, 46 करोड़ रुपए लेवी शुल्क वसूल करना है,। यदि इस तमाम बकाया राशि को जोड़ कर देखा जाए तो लगभग 1600 करोड रुपए भाजपा शासित नगर निगम को अलग-अलग संस्थानों से वसूल करना है।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि इनमें से लगभग अधिकतर संस्थान केंद्र सरकार के अधीन ही आते हैं। यदि भाजपा चाहे तो 24 घंटों के भीतर इन तमाम संस्थानों से बकाया राशि वसूल करके नगर निगम को दिला सकती है। भाजपा शासित नगर निगम अपने कर्मचारियों का अगले 1 साल तक का वेतन एडवांस में दे सकता है।

 परंतु यह समझ से बिल्कुल ही परे है कि मासूम कर्मचारियों का वेतन रोक कर भारतीय जनता पार्टी कौन सी राजनीति करना चाहती है। गरीब मासूम कर्मचारियों के घर में चूल्हा नहीं चल पा रहा है, बच्चों की स्कूल की फीस नहीं जा पा रही है, बीमारों का इलाज नहीं हो पा रहा है, 24 हजार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिल रही है।

इन तमाम कर्मचारियों को परेशान करके और दिल्ली सरकार को बदनाम करके भारतीय जनता पार्टी कौन सी राजनीति करना चाह रही है। पूरी दिल्ली में जगह-जगह होर्डिंग लगाकर जो भारतीय जनता पार्टी दिल्ली सरकार पर 13000 करोड़ बकाया राशि का झूठा आरोप लगा रही है।

इस संबंध में मैंने कोर्ट के आदेश मीडिया के समक्ष प्रस्तुत कर दिए हैं। दिल्ली सरकार पर भाजपा शासित नगर निगम का एक भी रुपया बकाया नहीं है। परंतु जो अलग-अलग संस्थानों पर बकाया राशि मैंने अभी इस प्रेस वार्ता में बताई है उन सभी के साक्ष्य भाजपा शासित नगर निगम के कार्यालयों में ही मौजूद हैं।

परंतु भाजपा उन पैसों को वसूल करने के बजाय दिल्ली सरकार पर झूठे आरोप लगा रही है और गंदी राजनीति कर रही है। नगर निगम के अधीन काम करने वाले लाखों कर्मचारियों और उनके परिवार के लोगों की जिंदगी से खेल रही है।

मैं भाजपा के लोगों से हाथ जोड़कर यह अपील करता हूं कि अपनी गंदी राजनीति का शिकार नगर निगम के मासूम कर्मचारियों को और उनके परिवार के लोगों को ना बनाएं। जल्द से जल्द निगम के सभी कर्मचारियों का वेतन उनको दिया जाए ताकि उनके घर में भी चूल्हा जल सके। उनके बच्चों की स्कूल की फीस जा सके और उनके घर में बीमार लोगों का इलाज हो सके।

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