नई दिल्ली : मुख्यमंत्री केजरीवाल ने वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा आज प्रस्तुत किए गए बजट को बहुत ही शानदार बताया। उन्होंने कहा कि बजट में समाज के सभी तबकों का ध्यान रखा गया है। आजादी के 100 साल पूरे होने पर 2047 में भारत कैसा होना चाहिए, बजट ने आज उसकी नींव रखने का भी काम किया है।

हमारा सपना है कि 2047 तक दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय सिंगापुर के बराबर हो, इसके लिए हमें राजधानी की प्रति व्यक्ति आय 16 गुना बढ़ानी होगी। सीएम ने कहा कि पिछले साल कोविड-19 के चलते सरकार की आय के स्रोत काफी कम हो गए थे और खर्च काफी बढ़ गए थे।

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बावजूद इसके, हमने पिछले साल के 65 हजार करोड़ रुपए के बजट के मुकाबले इस साल 69 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया है, जो 6 प्रतिशत अधिक है। हमारी सरकार इस साल भी शिक्षा पर 25 प्रतिशत और स्वास्थ्य पर 14 प्रतिशत बजट खर्च करेगी।

साथ ही दिल्लीवासियों को अगले साल भी फ्री पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं मिलती रहेगी और दिल्ली सरकार अपनी जनता को फ्री में वैक्सीन मुहैया कराएगी।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आज दिल्ली विधानसभा में प्रदेश के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट के संबंध में प्रेस वार्ता की। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा में बहुत ही शानदार बजट प्रस्तुत किया।

बहुत कठिन परिस्थितियों के अंदर यह बजट प्रस्तुत किया गया। इस बजट में समाज के सभी तबकों का ध्यान रखा गया है। इसमें महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों, युवाओं और सभी जाति-धर्म के लोगों को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है।

हम सब जानते हैं कि किस तरह से पिछले एक साल में केवल दिल्ली ही नहीं, पूरे देश और दुनिया के अंदर कोविड-19 महामारी की वजह से बेहद ही कठिन परिस्थितियां पैदा हुई थीं। पिछले एक साल में सरकार की आय के स्रोत बहुत ज्यादा कम हो गए थे और हमारा खर्च बहुत ज्यादा बढ़ गया था।

इन कठिन परिस्थितियों में हमने लोगों के लिए ढेर सारे खाने के किचन लगाए, एक करोड़ लोगों को राशन दिया, 10 लाख लोगों के लिए रोज खाना बनवाया गया। हमारी सरकार ने इन कठिन परिस्थितियों में बुजुर्गों, टैक्सी और ऑटो चालकों आदि को पांच-पांच हजार रुपए देकर उनकी मदद की। इस तरह से खर्च के स्रोत बहुत ज्यादा बढ़ गए थे और आय के स्रोत बहुत कम हो गए थे।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि ऐसा सोचा जा रहा था कि पता नहीं कि अगले साल के बजट को हम लोग पिछले साल के मुकाबले बढ़ा पाएंगे या कम बजट होगा। मुझे खुशी है कि पिछले साल का बजट 65 हजार करोड़ रुपए का था और इस साल का बजट 69 हजार करोड़ रुपए का है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत ज्यादा है।

इस तरह, इतनी कठिन परिस्थितियों के अंदर भी पिछले साल के मुकाबले इस साल के बजट में वृद्धि हुई है। इसके लिए मैं खासकर दिल्ली के लोगों का धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने अपनी सरकार के ऊपर भरोसा किया और इतनी कठिन परिस्थितियों के अंदर भी उन्होंने अपना पूरा टैक्स दिया और अपनी जिम्मेदारी पूरी की, जिससे सरकार अच्छे से चल रही है।

इतनी कठिन परिस्थितियों के बावजूद जितनी भी सरकार की सब्सिडी थी, सरकार लोगों को अलग -अलग सेक्टर में जितना भी मदद करती थी, वह सारी जारी रहीं। बिजली की सब्सिडी जारी रही, लोगों को फ्री बिजली और पानी मिलता रहा। स्कूलों के अंदर बच्चों की अच्छी और फ्री शिक्षा देने का काम जारी रहा।

अस्पतालों के अंदर फ्री स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहीं। इन कठिनाइयों के बावजूद बसों के अंदर महिलाओं को जो फ्री सफर की सुविधा दी जाती है, वह भी जारी रही। मुझे खुशी है कि आज जो बजट पेश किया गया, अगले साल भी यह सब सुविधाएं फ्री बिजली, फ्री पानी, फ्री परिवहन, फ्री शिक्षा और फ्री स्वास्थ्य सुविधाएं जारी रहेंगी।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने खुशी व्यक्त करते हुए कि पिछले 6 साल से जो हमारी परिपाटी चली आ रही है, उसी के अनुसार इस बजट के अंदर भी लगभग एक चौथाई (25 प्रतिशत) बजट शिक्षा के ऊपर खर्च किया जा रहा है और 14 प्रतिशत बजट स्वास्थ्य सेवाओं के उपर खर्च किया जा रहा है।

हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में शुरू से ही शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे उपर रहा है। वह प्राथमिकताएं इस बजट के अंदर भी जारी हैं। जब से हमारी सरकार बनी है, दिल्ली का बजट सरप्लस में है। आज तक दिल्ली के बजट में घाटा नहीं हुआ और सीएजी की रिपोर्ट भी यही कहती है कि दिल्ली देश का अकेला राज्य है,

जहां हम घाटे का बजट नहीं प्रस्तुत करते हैं।हम सरप्लस वाला बजट पेश करते हैं और जब से हमारी सरकार आई है, तब से सिर्फ सरप्लस वाला बजट आ रहा है। आज जो बजट पेश किया गया है, यह भी सरप्लस बजट है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार के बजट में कई खासियत है। अक्सर हम जितने भी दूसरे राज्यों के बजट को देखते हैं, हमारे से पहले भी जितनी सरकारें थी। उनमें स्थापना की कीमत, जिसमें वेतन और ब्याज की देनदारियां शामिल हैं, वो कई बार 70 से 80 प्रतिशत तक होती हैं।

आज जो बजट प्रस्तुत किया गया है, इसमें स्थापना की कास्ट केवल 45 प्रतिशत है, जबकि 55 प्रतिशत बजट एक तरह से योजनाओं के ऊपर, जनता के विकास के ऊपर, सोशल सुरक्षा के ऊपर आदि पर खर्च किया जा रहा है, जो एक बहुत ही कुशल वित्तीय प्रबंधन को दिखाता है, जिसकी तरफ अब दिल्ली सरकार धीरे-धीरे बढ़ रही है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम लोग आजादी के 75 साल पूरे कर रहे हैं। यह आजादी का 75वां साल है। जाहिर तौर पर देश के लिए यह बहुत ही खुशी की बात है और दिल्ली सरकार भी दिल्ली के लोगों के साथ मिलकर इसको बहुत ही भव्य तरीके के साथ पूरे साल मनाएगी।

इसके साथ-साथ आजादी के 75 साल पूरा करने पर यह सोचने की जरूरत है कि लोगों की बुनियादी जरूरतें क्या हैं और क्या 75 साल के बाद भी लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी हुईं? इन 75 सालों के बाद अब जब 2047 में आजादी के 100 साल पूरे होंगे,

तब भारत कैसा होना चाहिए। 2047 का जो हमारा भारत का और दिल्ली का सपना है, उस सपने की नींव अभी से रखनी पड़ेगी, तब हम 2047 के सपने को पूरा कर पाएंगे। उस नींव को रखने का काम आज इस बजट ने किया है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वित्त मंत्री ने जो विजन दिया कि आज दिल्ली का प्रति व्यक्ति आय जब हम अपने देश के अंदर देखते हैं, तो बहुत अच्छा है, लेकिन जब हम दुनिया के अंदर देखते हैं, तो बहुत अच्छा नहीं है।

इसलिए हमारा 2047 का सपना है कि दिल्ली का प्रति व्यक्ति आय सिंगापुर के बराबर करना है, उसके लिए हमें दिल्ली का प्रति व्यक्ति आय 16 गुना बढ़ाना होगा। यह आय हम लोग बढ़ाएंगे और इसके लिए जो भी हमें करने की जरूरत होगी, हम लोग करेंगे।

इस बजट के अंदर विजन दिया गया कि 2048 का ओलंपिक गेम दिल्ली के अंदर होना चाहिए, उसके लिए जो भी करने की जरूरत होगी, उसके लिए हम करेंगे। 2048 के ओलंपिक गेम के लिए दिल्ली बिड करेगा। इसके लिए जो भी जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की जरूरत है, वो हम बढ़ाएंगे।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि हमारी 75 साल की आजादी को मनाने के लिए ढेर सारे कार्यक्रमों को आयोजित करने का इसके अंदर रूपरेखा तैयार की गई है। हमारे शहीदों को याद किया जाएगा। खासकर शहीद-ए-आजम भगत सिंह और बाबा साहब डाॅ. अंबेडकर के जीवन और उनके संदेश, उनकी लेखनी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ढेरों कार्यक्रम किए जाएंगे, इसके लिए विशेष तौर पर बजट में प्रावधान किया गया है।

कनाॅट प्लेस की तरह ही दिल्ली के अंदर 500 जगहों पर बड़े-बड़े तिरंगा झंडा लगाए जाएंगे। जब हम तिरंगे की तरफ देखते हैं तो हमारे अंदर एक तरह से देशभक्ति की भावना आती है और हम देशभक्ति की भावना से ओत प्रोत होते हैं। इसलिए दिल्ली के अंदर जगह-जगह तिरंगा लगाए जाएंगे ताकि जनता के अंदर देशभक्त की भावना का संचार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मौके पर शिक्षा को जन आंदोलन बनाया जाएगा। एक तरफ अभी जब हम शिक्षा की बात करते हैं, तो स्कूलों और कालेजों की बात करते हैं। स्कूल और कॉलेज में तो शिक्षा का स्तर पर काफी उंचा हो रहा है और इस पर सरकार लगी हुई है, लेकिन यह एक ऐसी चीज है, जो सिर्फ सरकार के करने से नहीं होगा, इसके लिए यूथ फॉर एजुकेशन कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

जिसमें दिल्ली और देश के युवाओं को जोड़ा जा रहा है। जिन बच्चों के पास संसाधन नहीं हैं। मसलन, 10वीं और 12वीं का जो बच्चा जानना चाहता है कि वो अपने कैरियर में क्या-क्या कर सकता है, उस बच्चे को गाइड करने के लिए हम उन युवाओं को जो पास आउट होकर नौकरियां कर रहे हैं, उन्हें नामांकित करेंगे, ताकि वे फोन पर इन बच्चों को गाइड कर सकें।

यूथ फॉर एजुकेशन कार्यक्रम के जरिए शिक्षा को एक जन आंदोलन बनाया जाएगा। साथ ही, 75 साल के आजादी के मौके पर हम योग और ध्यान को भी जन आंदोलन बनाएंगे। पूरी दिल्ली के अंदर जगह-जगह जहां पर भी 25 – 50 लोग मिल कर सरकार से कहते हैं कि हम अपनी कालोनी या पार्क के अंदर योगा करना चाहते हैं,

उनके लिए सरकार फ्री में योगा की व्यवस्था करेगी। इस तरह, योग को एक इवेंट के रूप में नहीं, बल्कि यह जनता की जिंदगी का एक हिस्सा बने, इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने वैक्सीन के आने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वैक्सीन आ गई है और वैक्सीन के जरिए हम कोरोना का मात दे रहे हैं। दिल्ली में स्थित प्राइवेट अस्पतालों में शुल्क देकर आप वैक्सीन लगवा सकते हैं, लेकिन दिल्ली में जो भी फ्री में वैक्सीन लगवाना चाहता है, वो सरकारी अस्पताल में जाकर फ्री में वैक्सीन लगवा सकता है।

दिल्ली की जनता को फ्री में वैक्सीन लगवाने का दिल्ली सरकार का संकल्प है। पहली बार देश के अंदर महिलाओं के लिए स्पेशल क्लिनिक्स बनाया जाएंगे। अभी तक हमने दिल्ली में 496 मोहल्ला क्लीनिक बनवाए हैं, अब महिलाओं के लिए स्पेशल मोहल्ला क्लीनिक बनवाए जाएंगे, ताकि महिलाएं अपने इलाके के अंदर अपना इलाज करवा सकें।

दिल्ली के हर नागरिक को हेल्थ कार्ड दिया जाएगा। जिसके बाद किसी को अपना एक्स-रे या एमआरआई अलग से रखने की जरूरत नहीं है। सारा डेटा क्लाउड के ऊपर होगा। अभी हम इसे सरकारी अस्पताल में लागू करेंगे। इसके बाद निजी अस्पतालों में भी शुरू करेंगे। इसके बाद आप केवल अपना हेल्थ कार्ड लेकर जाएंगे और उस पर डेटा उपलब्ध होगा।

दिल्ली सरकार एक बहुत ही विस्तृत स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन बना रही है। इसकी मदद से आपको डॉक्टर से मिलने का समय भी मिल सकता है और आपको लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी। सब कुछ हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम के उपर होगा।  सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दुनिया का पहला वर्चुअल दिल्ली मॉडल स्कूल बनाने की कल्पना इस बजट के अंदर की गई है।

जिसमें क्लास रूम की दीवारें नहीं होगी, आप कहीं से कभी भी, किसी भी वक्त पढ़ सकते हैं, यह अपनी तरह का पहला स्कूल होगा, जो दिल्ली में शुरू किया जाएगा। इसके अलावा और भी बहुत सी योजनाएं हैं। पानी, परिवहन और पर्यावरण सहित अन्य क्षेत्रों पर इस बजट के अंदर ध्यान रखा गया है।

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