नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्लाज्मा दान करने वाले लोग हमारे हीरो और हमारी उम्मीद हैं। पूरे समाज को अपने इलाके में प्लाज्मा दान करने वाले लोगों का सार्वजनिक रूप से भव्य सम्मान करना चाहिए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में प्लाज्मा की मांग अधिक है और दान करने वाले लोग कम हैं। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए आगे आने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कोरोना से ठीक हो चुके कई लोगों से बात कर प्लाज्मा दान करने की अपील भी की है और सभी से अच्छा रिस्पाॅस मिला है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के करीब एक लाख केस हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना से ठीक होने वालों की दर 72 प्रतिशत से अधिक है और प्रतिदिन होने वाली मौत घटकर 55 से 60 के आसपास आ गई है। पहले 100 लोगों की जांच में 35 लोग पाॅजिटिव मिलते थे, लेकिन अब करीब 11 मरीज सामने आ रहे हैं। दिल्ली में कोरोना के 15 हजार बेड हैं, जिसमें से केवल 5100 बेड पर ही मरीज हैं। 

*दिल्ली में अब प्रतिदिन 20 से 24 हजार लोगों की जांच हो रही- अरविंद केजरीवाल*

देश दुनिया की अहम खबरें अब सीधे आप के स्मार्टफोन पर TheHindNews Android App

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि दिल्ली में अब कोरोना मरीजों की संख्या करीब एक लाख पहुंच गई है, लेकिन एक लाख से घबराने की जरूरत नहीं है। इनमें से करीब 72 हजार मरीज ठीक हो गए हैं। दिल्ली में ठीक होने वालों की दर 72 प्रतिशत हो गई है। इसका मतलब है कि लोग बीमार तो हो रहे हैं, लेकिन साथ-साथ ठीक भी हो रहे हैं। पिछले सप्ताह से दिल्ली में कोरोना की स्थिति में और अधिक सुधार हुआ है। मसलन, जून के महीने में जब हम 100 लोगों की जांच करते थे, तो उसमें से 35 लोग कोरोना के मरीज निकलते थे। अब हम 100 लोगों की जांच करते हैं, तो उसमें से केवल 11 मरीज ही निकल कर आ रहे हैं। इसको पाॅजिटिव दर कहा जाता है। इस तरह से इसमें सुधार हुआ है। दिल्ली में अब रोज 20 से 24 हजार के बीच जांच की जा रही है। दिल्ली में इस समय कोरोना के कुल 15 हजार बेड है, उसमें से केवल 5100 बेड पर मरीज हैं। पिछले सप्ताह दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना के 6200 मरीज थे, आज एक सप्ताह में कम होकर अस्पतालों में केवल 5100 मरीज रह गए हैं। अब अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम हो रही है। मरीज ठीक होकर घर जा रहे हैं। इस समय दिल्ली में लोगों को न जांच और न तो बेड को लेकर अफरा-तफरी हो रही है। अस्पतालों में बेड आसानी से मिल रहे हैं। आप एप पर देख सकते हैं कि कहां कितने बेड खाली हैं?

*ज्यादातर लोग घर पर ही ठीक हो रहे- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ज्यादातर लोग घर में ठीक हुए हैं। आज की तारीख में दिल्ली में करीब 25 हजार मरीज हैं। इनमें से 15 हजार लोगों का घरों में इलाज चल रहा है। हम हर घर में आँक्सी मीटर पहुंचा रहे हैं। वह बहुत सफल हुआ है और लोग घरों के अंदर ही ठीक हो रहे हैं। दिल्ली में मौत की दर भी सुधरी है। जून के महीने में एक दिन ऐसा भी आया था, जब करीब 125 लोगों की मौत हुई थी। आज दिल्ली में 55 से 60 के आसपास मौत हो रही हैं। इसे और भी कम करने हैं, लेकिन पहले के मुकाबले आज की तारीख में आधी मौतें हो गई हैं। 

*प्लाज्मा दान करने से कोई कमजोरी या दर्द नहीं होता- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले सप्ताह हम लोगों ने देश का पहला प्लाज्मा बैंक शुरू किया था। जब तक कोरोना की बैक्सीन नहीं आ जाती है, तक तक कोरोना का इलाज नहीं है। लेकिन दिल्ली में प्लाज्मा के परीक्षण के जो नतीजे आए है, वह नतीजे दिखाते हैं कि प्लाज्मा से कोरोना में मरीजों को मदद मिलती है। माॅडरेट मरीज और गंभीर होने से बचते हैं और उनकी हालत सुधर जाती है। मौत के उपर नियंत्रण करने में मदद मिलती है। पिछले सप्ताह हम लोगों ने देश का पहला प्लाज्मा बैंक शुरू किया था। अभी तक दिल्ली में प्लाज्मा लेने वालों में अफरा-तफरी मची हुई थी। किसी को पता नहीं था कि प्लाज्मा चाहिए, तो वे कहा जाएं? अब वह अफरा-तफरी कम हुई है। अब सबको पता है कि आईएलबीएस में प्लाज्मा मिल रहा है। बीते बृहस्पतिवार को प्लाज्मा बैंक शुरू हुआ था। पिछले चार-पांच दिनों में प्लाज्मा की जितनी मांग है, वह बहुत ज्यादा है और आपूर्ति बहुत कम है। प्लाज्मा दान करने वालों की संख्या कम है, लेकिन प्लाज्मा की मांग करने वालों की संख्या ज्यादा है। यदि जल्द ही प्लाज्मा दान करने वालों की संख्या नहीं बढ़ी, तो प्लाज्मा का जो स्टाॅक पड़ा हुआ है, वह थोड़े दिन में खत्म हो जाएगा। इसलिए मेरी आप सभी लोगों से गुजारिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोग सामने आएं और प्लाज्मा दान दें। इसमें घबराने की बिल्कुल कोई बात नहीं है। इसमें किसी तरह की कोई कमजोरी नहीं आएगी। किसी तरह का कोई दर्द नहीं होगा। आपके आने-जाने की पूरी व्यवस्था हम लोग कर रहे हैं। 

*आईएलबीएस नाॅन कोविड अस्पताल है, यहां दोबारा कोराना होने का खतरा नहीं- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ लोगों ने कहा कि हम दोबारा अस्पताल में जाएंगे। किसी को अपने साथ लेकर अस्पताल जाएंगे, तो उनको कोरोना हो जाएगा। हमने प्लाज्मा बैंक आईएलबीएस अस्पताल में बनाया है। आईएलबीएस नाॅन कोविड अस्पताल है। वहां पर कोई कोरोना का मरीज हैं। इसलिए वहां जाने से आपको कोरोना नहीं होगा। इसके लिए आप चिंता न करें। मेरी एक डाॅक्टर्स की टीम है, जो कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को काॅल कर रही है। उनसे अनुरोध किया जा रहा है कि आप प्लाज्मा दान करिए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना से ठीक हो चुके लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि आपके पास भी डाॅक्टर्स की काॅल आए, तो आप प्लाज्मा दान करने के लिए अवश्य अपनी सहमति दे दीजिए, इसके लिए इन्कार मत कीजिएगा। मुख्यमंत्री ने सभी कोविड अस्पतालों से अपील करते हुए कहा कि जितने भी कोरोना के मरीज ठीक होकर घर जाएं, तो डिस्चार्ज करने से पहले पांच मिनट उस व्यक्ति की काउंसलिंग कीजिएगा कि वह ठीक होने के 14 दिन बाद प्लाज्मा दान जरूरत दे। पिछले कुछ दिनों में कई लोगों ने प्लाज्मा दान दिया है। एक तरह से वह निस्वार्थ रूप से समाज की सेवा कर रहे हैं। मैंने कल कोरोना से ठीक हो चुके कुछ लोगों से बात की। जिन्हें ठीक हुए 14 दिन हो चुके हैं, उन्हें मैने खुल काॅल करके बात की और उनसे मिले जवाब से मुझे बहुत खुशी हुई है। सभी लोग प्लाज्मा दान करने के लिए तैयार बैठे हैं। 

*प्लाज्मा दान करने वाले लोग दिल्ली वालों के लिए उम्मीद- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना से ठीक हो चुके और 14 दिन की अवधि पूरी कर चुके कुछ लोगों से बात कर प्लाज्मा दान करने की अपील की है और सभी से अच्छे रिस्पाॅस मिले हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि एक व्यक्ति ने बताया है कि वे 6 दोस्त हैं। सभी 6 दोस्तों को कोरोना हो गया था, सभी लोग ठीक हो गए हैं और अपने 14 दिन पूरे होते ही वे सब लोग प्लाज्मा डोनेट करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी लोग हमारे हीरो हैं। यह सब लोग निस्वार्थ भाव से प्लाज्मा दान कर रहे हैं। इनको क्या पड़ी थी? इन लोगों को कोरोना हुआ और ठीक हो गए। ये लोग भी घर जाकर बैठ जाते। लेकिन यह सब लोग समाज और किसी की जान बचाने के लिए कुछ कर रहे हैं। और यह सभी लोग मेरी उम्मीद हैं। यह सभी लोग दिल्ली के लोगों के लिए एक उम्मीद है। मेरी सभी से एक गुजारिश है कि ऐसे लोगों का पूरे समाज को सम्मान करना चाहिए। खासतौर से सभी आरडब्ल्यूए से मेरी उम्मीद है कि उनके इलाके में जो लोग प्लाज्मा दान कर रहे हैं, उनका सार्वजनिक रूप से भव्य सम्मान होना चाहिए। 

*मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना से ठीक हो चुके रविंद्र से बात कर प्लाज्मा दान करने की अपील की*

मुख्यमंत्री- हां! रविंद्र जी बोल रहे हैं?

रविंद्र- जी, नमस्कार।

मुख्यमंत्री- कैसे हैं आप?

रविंद – जी, अच्छा हूं।

मुख्यमंत्री- आपको कोरोना हुआ था, आप ठीक हो गए पूरी तरह?

रविंद्र – जी, ठीक हो गए।

मुख्यमंत्री- अच्छा, कब ठीक हुए? कितने दिन हो गए?

रविंद्र- 15 मई को हुआ था।

मुख्यमंत्री- अच्छा।

रविंद्र- 15 मई को टेस्ट हुआ और 17 को रिपोर्ट आई थी।

मुख्यमंत्री- अच्छा, तो फिर काफी टाइम हो गया, महीने से उपर हो गए आपको ठीक हुए।

रविंद्र- हां, हां, करीब 17 दिन आइसोलेशन में और 14 दिन क्वांरटीन में घर पर ही था। 

मुख्यमंत्री- अच्छा, तो ज्यादा सीरियस नहीं था?

रविंद्र- हां, बस शुरू में थोड़ा हुआ था, फीवर वगैरह आया था और खांसी थी, लेकिन वो एक दो दिन ही थी। 

मुख्यमंत्री- अच्छा, बाकी कोई ज्यादा तकलीफ नहीं हुई?

रविंद्र- जी, नहीं।

मुख्यमंत्री- आपसे एक निवेदन करने के लिए फोन किया है। 

रविंद्र- जी, बताइए।

मुख्यमंत्री- अभी जो जो लोग कोरोना से ठीक हो रहे हैं…

रविंद्र- अच्छा, प्लाज्मा डोनेट के लिए… मैं खुद ही आँफर कर चुका हूं। 

मुख्यमंत्री- अच्छा, बहुत अच्छा, बहुत बढ़िया।

रविंद्र – मेरे पास एक मैसेज आया था, मैने खुद ही आँफर कर दिया था। और आज फोन भी आया था। टाईअप हो गया है। 

मुख्यमंत्री- ओके, तो आपकी उम्र कितनी है? 

रविंद्र – मेरी उम्र 43 है। 

मुख्यमंत्री- 43 और वेट? 

रविंद्र – वेट, वेट तो काफी समय से किया नहीं। 

मुख्यमंत्री- फिर भी एक अंदाजे से नाॅर्मली 50 के उपर है ना वेट?

रविंद्र- 65 के आसपास होगा। 

मुख्यमंत्री- 65 के आसपास, शुगर तो नहीं रहती? 

रविंद्र – नहीं, नहीं, ओके, कोई प्राॅब्लम नहीं, हेल्थ की कोई प्राॅब्लम नहीं है। 

मुख्यमंत्री- बीपी बगैरह की? 

रविंद्र- नहीं

मुख्यमंत्री- फिर तो आप डोनेट कर सकते हैं। 

रविंद्र- जी, जी बिल्कुल, मैने तो खुद ही आँफर कर दिया था। 

मुख्यमंत्री- हां, बहुत अच्छा, ये अपने को मौका है, किसी की जान बचाने का।

रविंद्र- हां हां बिल्कुल, बिल्कुल

मुख्यमंत्री- अपने को सबको मिल कर करना ही चाहिए। 

रविंद्र- अगर एक बार से ज्यादा की जरूरत होगी…

मुख्यमंत्री- अच्छा, बहुत अच्छा, आपके जैसे लोग ही हमारी उम्मीद हैं, सबसे बड़ी।

रविंद्र- जी जी, हम तो आपके फैन हैं।

मुख्यमंत्री- अच्छा, थैंक यू, थैंक यू रविंद्र जी। किस दिन आना चाहेंगे आप डोनेट करने के लिए? 

रविंद्र – मैने थर्सडे के लिए कहा है। 

मुख्यमंत्री- थर्सडे को, ओके, तो कितने बजे? या टाईअप कर लेंगे आपके साथ। 

रविंद्र- हां, हां, टाईअप कर लेंगे।

मुख्यमंत्री- आपके लिए गाड़ी भेजवा देंगे? 

रविंद्र – जी, जी।

मुख्यमंत्री- ठीक है। थैंक यू रविंद्र जी। थैंक यू सो मच, आप हमेशा स्वस्थ्य रहें। मेरी प्रभु से कामना है। 

रविंद्र – जी, जी आपका शुक्रिया।

——

*मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्लाज्मा दान करने के लिए तैयार करन से की बात*

मुख्यमंत्री- करन जी बोल रहे हैं

करन- हां जी।

मुख्यमंत्री- करन जी नमस्कार, मैं अरविंद केजरीवाल बोल रहा हूं। 

करन- हां जी सर।

मुख्यमंत्री- कैसे हैं आप?

करन- बिल्कुल ठीक हूं सर।

मुख्यमंत्री- अच्छा, करन जी आपको कोरोना हुआ था? 

करन- जी सर।

मुख्यमंत्री- अभी ठीक हो गया? 

करन- हां जी सर, बिल्कुल ठीक हो गया। 

मुख्यमंत्री- अच्छा, कितने दिन हुए ठीक हुए?

करन- सर अभी, सर आप सीएम बोल रहे हैं सर?

मुख्यमंत्री- हां, हां, मैं सीएम ही बोल रहा हूं आपका।

करन- हैलो सर, हैलो सर, मुझे ठीक हुए सर एक महीने से उपर हो गया। 

मुख्यमंत्री- अच्छा, बहुत अच्छा, ज्यादा तकलीफ तो नहीं हुई न कोरोना में? 

करन- नहीं सर, हाॅस्पिटल में था सर, मैक्स में था। 

मुख्यमंत्री- अच्छा। तो वो ज्यादा ब्रीदलेसनेस वगैरह की दिक्कत हो गई थी?

करन- नहीं सर, बस शुरू में थोड़ा फीवर वगैरह आया था और थोड़ी कफ थी। 

मुख्यमंत्री- तो एक निवेदन करने के लिए आपको फोन किया है। जो जो लोग कोरोना से ठीक हो रहे हैं, वो प्लाज्मा डोनेट करके दूसरों की जिंदगी बचा सकते हैं। 

करन- जी सर, मैं प्लाज्मा देने के लिए तैयार हूं सर। 

मुख्यमंत्री- बहुत अच्छा, बहुत अच्छा, तो आपकी उम्र और वजन क्या है? 

करन- सर मैं 37 का हूं और वेट 96 है। 

मुख्यमंत्री- 96 तो सही है, और शुगर तो नहीं रहती। 

करन- सर कुछ नहीं है।

मुख्यमंत्री- तो आप योग्य हैं। कब जाना चाहेंगे डोनेट करने? 

करन- अगले सप्ताह किसी भी समय।

मुख्यमंत्री- तो मेरे आफिस से लोग आपको कंटैक्ट कर लेंगे। और आपके आने जाने का सब अरेंजमेंट भी कर देंगे। उसकी चिंता नहीं करनी। जो भी डोनेट कर रहे हैं, सबके लिए कर रहे हैं और ये अपने लिए एक मौका है किसी की जिंदगी बचाने का। तो हमें आगे आना चाहिए। आपके सर्कल में जितने लोग हों ना, जिनको कोरोना होकर ठीक हो गए, उन सभी को आप मोटिवेट कीजिएगा डोनेट करने को। 

करन- निश्चित सर, अगले सप्ताह मैं उन्हें अपने साथ लेकर आने का प्रयास करूंगा। 

मुख्यमंत्री- थैंक यू करन जी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here