नई दिल्ली, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को दिल्ली स्थित JNU के दीक्षांत समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित किया, राष्ट्रपति ने इस मौके पर विश्वविद्यालय की सराहना की और कहा कि यहां के छात्रों ने दुनिया भर में अपना असर छोड़ा है.

राष्ट्रपति ने कहा कि मैं JNU से जुड़े हर के व्यक्ति को सामाजिक विज्ञान से लेकर तकनीक के क्षेत्र में उच्च मानक स्थापित करने की सराहना करता हूं, राष्ट्रपति ने कहा कि यहां के शिक्षण और रिसर्च दोनों ने ही एकेडमिक्स की दुनिया पर असर छोड़ा है.

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि समग्र शिक्षा के संदर्भ की जहां तक बात है तो मुझे बताया गया है कि जेएनयू युवाओं के कौशल विकास और उन्हें रोजगार दिए जाने के उद्देश्य से अध्ययन के नए क्षेत्रों में केंद्र स्थापित करने के लिए कदम उठा रहा है, राष्ट्रपति ने कहा कि यह ज्ञान आधारित उद्यम बनाने में सक्षम होगा और हमारी अर्थव्यवस्था में भी योगदान देगा.

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राष्ट्रपति ने कहा कि मेरे लिए यह खुशी की बात है कि जेएनयू को राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद से उच्चतम श्रेणी का ग्रेड मिला है, उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार के राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढांचे के तहत सभी विश्वविद्यालयों के बीच लगातार नंबर 2 पर है.

राष्ट्रपति ने छात्रों से कहा कि JNU के छात्र के तौर पर आप कई मायनों में विशेषाधिकार प्राप्त करते हैं, आप अत्यधिक विविध छात्रों और संकायों के साथ सबसे विविध और जीवंत बौद्धिक समुदायों में से एक का हिस्सा हैं, JNU ने कई प्रख्यात हस्तियों को तैयार किया है और इसे कुछ महान दिमागों द्वारा निर्देशित किया गया है.

राष्ट्रपति ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए गर्व की बात होनी चाहिए कि भारत की निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर JNU के पूर्व छात्र रहे हैं.

राष्ट्रपति ने कहा कि देश और उसके लोगों की सेवा के लिए महात्मा गांधी और बाबासाहेब अंबेडकर के मार्गदर्शन को सभी विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा पालन किया जाना चाहिए, राष्ट्रपति ने कहा कि JNU परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा जिसका हाल ही में PM मोदी द्वारा अनावरण किया गया था, वह छात्रों को स्वामीजी द्वारा प्रचारित और प्रचलित सार्वभौमिक आदर्शों की याद दिलाती रहेग.

राष्ट्रपति ने कहा कि JNU के करीब 80 हजार से ज्यादा पूर्व छात्रों में से कई सिविल सेवा, शिक्षा, राजनीति, सामाजिक कार्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, मीडिया और संचार, ललित कला और व्यापार नेतृत्व में अपना योगदान देकर भारत और विदेशों में अपना प्रभाव बना रहे हैं.

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