नई दिल्ली : राघव चड्ढा ने कहा कि कांग्रेस शासित पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने राज्य में तीनों काले कानून लागू करके किसानों के साथ सबसे बड़ी गद्दारी की है।

पंजाब के मंत्री भारत भूषण आशु ने कबूला है कि पंजाब में तीनों काले कानून लागू कर दिए गए हैं, उसी के अनुसार फसलो की खरीद-बिक्री हो रही है और अब राज्य में एमएसपी नहीं रह गई है।

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चड्ढा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर ने विधानसभा के विशेष सत्र में तीनों काले कानूनों को पंजाब में नहीं लागू होने देने का दावा किया था, उन्होंने यह झूठ बोला था। अपनी शहादत देने वाले किसानों की आत्मा और उनके परिजन कैप्टन सिंह से पूछ रहे हैं कि तीनों काले कानून क्यो लागू किया?

चड्ढा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर पुत्र मोह में तीनों काले कानूनों को लागू करके पंजाब की जनता के हित को भाजपा को बेच दिया है। इस गद्दारी के लिए पंजाब की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। आम आदमी पार्टी, कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस्तीफे की मांग करती है।

मुख्यमंत्री कैप्टन ने पंजाब में किसान विरोधी तीनों काले कानूनों को लागू कर दिया है। इसी को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायक और पंजाब के सह प्रभारी राघव चड्ढा ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस की।

राघव चड्ढा ने कहा कि साल की शुरुआत में ही कांग्रेस पार्टी ने किसानों को एक बहुत बड़ा धोखा दिया है। कांग्रेस के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब की मिट्टी, वहां की खेती, पंजाब के लोगों और पंजाब के किसानों के साथ एक बहुत बड़ी गद्दारी की है। कांग्रेस पार्टी और कैप्टन साहब द्वारा लगातार कृषि विरोधी तीनों काले कानूनों का विरोध किया गया।

राहुल गांधी इसको लेकर लगातार ट्वीट करते हैं। कांग्रेस के नेता इस पर लगातार प्रेस कांफ्रेंस करते हैं। पंजाब से कांग्रेस के कुछ सांसद झूठे तरीके से रोजाना 10-15 मिनट के लिए जंतर-मंतर पर बैठ जाते हैं।

कांग्रेस की तरफ से इन काले कानूनों को लेकर लगातार बयान आ रहे हैं। मीडिया को बाइट दी जा रही है, बयान जारी किए जा रहे हैं और यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि हम इन तीनों काले कानूनों का विरोध कर रहे हैं।

राघव चड्ढा ने दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस और कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। पंजाब के कांग्रेस के एक मंत्री भारत भूषण आशु जी जो लुधियाना से विधायक हैं और उन्हें पंजाब में आशु साहब के नाम से जाना जाता है।

आशु साहब ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा है कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार ने यह तीनों काले कानून लागू कर दिए हैं। मीडिया में छपी एक खबर की कॉपी दिखाते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि आशु साहब ने इस कांफ्रेंस में तीन-चार बातें कहीं।

सबसे पहली बात उन्होंने कही कि हमारी कांग्रेस सरकार ने यह तीनों कानून पंजाब में लागू कर दिए हैं। दूसरी बात उन्होंने कही कि पिछले कई महीनों से पंजाब में जो फसल की खरीद-फरोख्त हो रही है, वह इन तीनों कानूनों के अंतर्गत हो रही है।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के बाहर का कोई भी किसान अब पंजाब में आकर अपनी फसल बेच सकता है। अब एमएसपी और मंडी नाम की कोई चीज प्रदेश में नहीं बची है। मुझे लगता है कि इससे बड़ी गद्दारी, देश के लोगों, पंजाब की मिट्टी और किसानों के साथ नहीं हो सकती।

कैप्टन अमरिंदर सिंह वो मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने पिछले कई महीनों से खुलकर इस किसान विरोधी बिल का विरोध करना शुरू किया था। उन्होंने पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर कहा था कि मैंने इन तीनों काले कानूनों को पंजाब में लागू होने से रोक दिया है।

अब यह तीनों कानून मेरे प्रदेश में लागू नहीं हो सकेंगे, लेकिन उन्होंने प्रदेश के लोगों से झूठ बोला, झूठे आंसू बहाए और कैमरे के सामने पत्रकारों से भी झूठ कहा। सच यह है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह तीनों काले कानून पंजाब में लागू कर दिए हैं।

राघव चड्ढा ने आगे कहा कि यह बात किसी अन्य राजनीतिक पार्टी का नेता नहीं कह रहा है, बल्कि कैप्टन के ही मंत्री आशु ने कही है।

मुझे लगता है कि इससे बड़ी गद्दारी पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह प्रदेश की जनता के साथ नहीं कर सकते। इस गद्दारी को देखते हुए पंजाब का एक-एक बच्चा आज अपने हाथ पर यह लिखवाने के लिए तैयार है कि मेरा मुख्यमंत्री धोखेबाज है।

 सिंघु बॉर्डर और टीकरी बॉर्डर पर जो 50 से ज्यादा किसानों की शहादत हुई उनके परिजन आज मुख्यमंत्री से पूछते हैं कि उन्होंने यह गद्दारी क्यों की? शहीदों की आत्मा मुख्यमंत्री से पूछती है कि उन्होंने यह तीनों काले कानून पंजाब में लागू क्यों किए?

आम आदमी पार्टी की तरफ से हम कैप्टन अमरिंदर सिंह से उनके इस्तीफे की मांग करते हैं।

राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने झूठ बोला था और कहा था कि मैं अपने राज्य में इन तीनों काले कानूनों को लागू नहीं होने दूंगा। लेकिन उन्होंने अब इन्हें लागू कर दिया है।

 इस हरकत के साथ कांग्रेस पार्टी और कैप्टन अमरिंदर सिंह की असलियत जनता के सामने आ गई है और वह बेनकाब हो गए हैं। आज से पहले हम परिस्थिति जन्य साक्ष्य के अनुसार कहते थे कि कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा से मिले हुए हैं और यह तीनों काले कानून बनाने में उनका भी हाथ है।

लेकिन अब हम सबूतों के साथ यह बात कह सकते हैं कि कैप्टन साहब भाजपा से मिले हुए हैं। अब पंजाब में यह तीनों काले कानून लागू हो गए हैं और पंजाब से बाहर का कोई भी किसान पंजाब में आकर अपनी फसल बेच सकता है। पंजाब में अब इन कानूनों के हिसाब से खरीद और फरोख्त हो रही है।

उन्होंने आगे कहा कि हम लगातार बताते आ रहे थे कि जुलाई और अगस्त 2019 में एक मीटिंग हुई थी, जिसमें इन तीनों काले कानूनों का ड्राफ्ट बनाया गया था। उस मीटिंग में कैप्टन साहब भी मौजूद थे।

जब से आंदोलन शुरू हुआ है, पंजाब के मुख्यमंत्री एक बार भी प्रदेश के किसानों से मिलने के लिए नहीं गए। पंजाब के मुख्यमंत्री दिल्ली आते हैं, गृह मंत्री अमित शाह से मिलते हैं,

लेकिन 10-15 किलोमीटर दूर बॉर्डर पर बैठे किसानों से मिलने के लिए नहीं जाते हैं। अपने बेटे के मोह में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के किसानों के हित भाजपा को बेच दिए हैं। 

राघव चड्ढा ने आगे कहा कि पुत्र मोह में आकर उन्होंने यह तीनों काले कानून पंजाब में लागू कर दिए हैं। हम अमरिंदर सिंह के इस्तीफे की मांग करते हैं और कहना चाहते हैं कि इस गद्दारी के लिए पंजाब की जनता कैप्टन अमरिंदर सिंह को कभी नहीं माफ नहीं करेगी।

मैं पत्रकारों से भी निवेदन करूंगा कि वह इन काले कानूनों को लेकर कांग्रेस और कैप्टन अमरिंदर सिंह से सवाल करें? कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इन काले कानूनों को पंजाब में लागू कर किसानों की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है।

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