नई दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीडब्ल्यूडी विभाग को यूरोपियन शहरों की तर्ज पर बनाई जा रहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की 100 फीट चौड़ी 540 किलोमीटर लंबी सड़कों के सौंदर्यीकरण का काम निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया है।

इन सड़कों के सौदर्यीकरण का कार्य वर्ष 2023 के शुरूआत तक पूरा करना है। सीएम ने कहा कि सड़कों के सौंदर्यीकरण में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दिल्ली सरकार ने 15 वर्षों तक इन सड़कों का रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए निर्माण एजेंसी को जिम्मेदारी दी है।

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एजेंसी की जिम्मेदारी होगी कि वह सड़कों के विकसित बुनियादी ढांचे को बनाए रखे। साथ ही कचरा हटाने, सड़कों की धुलाई करने, हरियाली का रखरखाव, फुटपाथ की नियमित पेंटिंग, सड़क के फर्नीचर का रखरखाव और उसकी सुरक्षा करने की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन और विभागीय अधिकारियों के साथ 100 फीट चौड़ी, 540 किलोमीटर लंबी सड़कों के सौदर्यीकरण कार्य की आज समीक्षा बैठक के दौरान यह दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, मुख्यमंत्री ने जिन सात सड़कों पर सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है, उसकी वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने आवास पर आज यूरोपियन शहरों की तर्ज पर बनाई जा रही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की 540 किलोमीटर लंबी सड़कों के सौदर्यीकरण कार्य की समीक्षा बैठक की।

समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन के अलावा पीडब्ल्यूडी के सचिव, इंजीनियर और अधिकारी मौजूद रहे। पहले चरण में यूरोपियन शहरों की तर्ज पर दिल्ली की सात सड़कों के सौंदर्यीकरण का कार्य पायलट प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने एक-एक सड़क की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि संबंधित अधिकारी सड़कों के सौंदर्यीकरण कार्य में आने वाली सभी बांधाओं को समय रहते दूर करें,

ताकि समय सीमा के अंदर कार्य को पूरा किया जा सके। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सीएम को बताया कि इन सड़कों के सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है और निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सड़कों को री-डिजाइन करने की परिकल्पना की है, ताकि राष्ट्रीय राजधानी की सड़कें भी दुनिया के विकसित देशों की राजधानी की सड़कों की तरह खुबसूरत दिखें।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने नवंबर 2019 में पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली कुछ सड़कों को री-डिजाइन करने की मंजूरी दी थी। इसके तहत दिल्ली सरकार ने 100 फीट, चौड़ी 540 किलोमीटर लंबी सड़कों को यूरोपीयन शहरों की तर्ज पर खूबसूरत बनाने का फैसला किया है।

अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली की 7 सड़कों को री-डिजाइन करने को मंजूरी दी गई है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में चांदनी चौक सड़क को पायलट प्रोजेक्ट के तहत दोबारा विकसित कराते हुए दिल्ली की 100 फीट चौड़ी, करीब 540 किलोमीटर लंबी सड़कों तक इस योजना का विस्तार किया है।

सड़कों के री-डीजाइन करने से बाटलनेक खत्म होंगे। अभी कोई सड़क चार लेन से तीन लेन की हो जाती है या छह लेन से चार लेन की हो जाती है। इससे अचानक सड़क पर एक जगह वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।

सड़कों के री-डिजाइन के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और सड़क एक समान चौड़ी दिखेगी, इससे जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। सड़क किनारे या आस-पास की सड़कों का स्पेस खत्म करके उस जगह का अच्छे से इस्तेमाल किया जाएगा।

फुटपाथ, नाँन मोटर व्हीकल के लिए जगह बनाई जाएगी। कम से कम 5 फुट के फूटपाथ को बढ़ाकर अधिकतम 10 फुट का किया जाएगा। दिव्यांगों की सुविधा के मुताबिक फूटपाथ को डिजाइन किया जाएगा, ताकि सड़क एक जैसी दिखें और दिव्यांगों को परेशानी न हो। 

दिल्ली में अभी सड़कों के किनारे हरियाली का दायरा कम है। सड़कों के री-डिजाइन के बाद फुटपाथ पर पेड़ लगाने के लिए जगह होगी और ग्रीन बेल्ट के लिए भी जगह होगी। आटो व ई-रिक्शा के लिए अलग से जगह और स्टैंड दिया जाएगा।

सड़क के स्लोप व नालों को री-डिजाइन व री-कंस्ट्रक्ट किया जाएगा। नालों के अंदर री-हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे होंगे। सड़क के स्लोप को ठीक किया जाएगा, ताकि बारिश के पानी को जमीन में री-चार्ज किया जा सके।

स्ट्रीट फर्नीचर लगेंगे, जंक्शन को ठीक किया जाएगा और सड़क पर कोई खुला स्पेस नहीं होगा। सड़क किनारे घास या पेड़ लगाया जाएगा और सड़कों को री-सर्फेस किया जाएगा। 

सड़कों के री-डिजाइन के बाद सड़क के आस-पास एक इंच जमीन भी खाली नहीं होगी, जहां पर घास न लगी हो, ताकि सड़क पर धूल से प्रदूषण बिल्कुल न हो।

अभी सड़कों पर धूल उड़ने की समस्या है, जिससे लोगों को धूल प्रदूषण की समस्या होती है। सड़क के किनारे खाली जमीन पर ग्रीन बेल्ट या घास लगाई जाएगी, ताकि हरियाली की वजह से सड़कें खूबसूरत दिखें और धूल से होने वाला प्रदूषण कम किया जा सके।

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