नई दिल्ली : मध्य प्रदेश के उपभोक्ता अगर यह सोच रहे हैं कि प्रदेश में उन्हें सस्ती बिजली मिल सकती है तो प्रदेश के उपभोक्ताओं की यह उम्मीद ना उम्मीद में तब्दील होने वाली है.

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने साफ शब्दों में कह दिया है कि प्रदेश का खर्च चलाने के लिए बिजली के दाम बढ़ना जरूरी है.

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तोमर ने बिजली कंपनियों के मुख्यालय शक्तिभवन में ट्रांसमिशन कंपनी, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी तथा जेनरेशन कंपनी के कार्यों की समीक्षा की.

उन्होंने साफ कह दिया कि निश्चित तौर पर MP का खर्च चलाने के लिए आय की जरूरत है और मध्य प्रदेश का एक बहुत बड़ा आय स्रोत बिजली है, लिहाजा बिजली के दाम बढ़ना जरूरी है.

इसके साथ ही तोमर ने साफ कहा कि विद्युत नियामक आयोग जो तय करेगा उसे हम जरूर मानेंगे, यानी यह साफ है कि आने वाले दिनों में अगर बिजली के दाम बढ़ते हैं तो इसमें सरकार का पूरी तरह से समर्थन रहेगा.

तोमर ने बताया कि समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए है कि MP के उपभोक्ता की हर एक समस्या का समाधान जल्द से जल्द दूर होना चाहिए, साथ ही उपभोक्ताओं का बिजली बिल केवल मीटर रीडिंग के आधार पर ही जारी करें.

MP में बिजली कंपनियां हर साल अपना घाटा दर्शाकर बिजली बिल बढ़ाने के लिए विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजती है लेकिन बिजली कंपनियों को आखिरकार घाटा क्यों हो रहा है.

इस सवाल पर प्रदीप सिंह पवार ने कहा उन्हें ऊर्जा विभाग का कार्य संभाले कुछ महीने हुए हैं, उन्हें थोड़ा समय मिले तो वे तमाम समस्याओं का समाधान जरूर करेंगे, तोमर ने कहा कि व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए समय की जरूरत होती है.

आने वाले 6 महीनों में हर समस्या का समाधान जरूर करेंगे, वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने जनता को 24 साल का वर दिखाकर 74 साल का दूल्हा दे दिया, जिसका खामियाजा जनता को भुगतान पड़ा.

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