नई दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री *मनीष सिसोदिया* ने केंद्रीय गृह मंत्री *अमित शाह* को पत्र लिखकर मांग की है कि दिल्ली में उपराज्यपाल के आदेश से लागू नई व्यवस्था, जिसके तहत हर COVID पॉजिटिव मरीज को क्वारंटीन सेंटर जाकर जांच करानी जरूरी है, उसे खत्म किया जाए। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में लागू नई व्यवस्था की वजह से अफरा-तफरी का माहौल है। मेडिकल और प्रशासनिक सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने गृहमंत्री अमित शाह से अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर नई व्यवस्था को खत्म कर दिल्ली में पुरानी व्यवस्था को बहाल कराएं, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को जांच कराने के लिए क्वारन्टीन सेंटर न जाना पड़े और पुरानी व्यवस्था तहत दिल्ली सरकार की मेडिकल टीम मरीज के घर जाकर जांच करे। टीमें मरीज की हालत के मुताबिक उसे अस्पताल में भर्ती करा सके या फिर उसे घर पर ही रहने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दे सके।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन 3 से 4 हजार मामले जुड़ रहे हैं। कल भी दिल्ली में करीब 4 हजार के करीब नए मामले सामने आये थे। “कल मैंने बताया था कि एलजी साहब को एक चिट्ठी लिखी है कि उनके आदेश से दिल्ली में एक नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसमे कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर हर मरीज को क्वारन्टीन सेंटर जाना पड़ेगा। उपराज्यपाल उस व्यवस्था को बदलें, उस व्यवस्था की वजह से दिल्ली में अफरा-तफरी मच गई है। जब लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं, तब वो चाहते हैं कि या तो वे अस्पताल जाएं या अगर उनको कोई लक्षण नहीं है तो वे अपने घर पर रहना चाहते हैं। यदि उनके घर मे व्यवस्था नहीं है, तभी वे चाहते हैं कि उन्हें क्वारन्टीन सेंटर में भेजा जाए। वहीं, आज एलजी साहब के आदेश की वजह से हर व्यक्ति को, चाहे उसके घर मे व्यवस्था है या नहीं है, उसे अस्पताल जाना है या नहीं जाना है, लेकिन उसे क्वारन्टीन सेंटर जाना आवश्यक हो गया है। इस वजह से प्रशासन और मेडिकल सिस्टम पर भी बोझ बढ़ गया है, क्योंकि पहले उनको केवल उन लोगों को क्वारन्टीन सेंटर ले जाना पड़ता था, जिनको क्वारन्टीन सेंटर में रहना है, जिनके घर में व्यवस्था नहीं है और जिनको कोरोना का लक्षण नहीं है।“

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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज हर एक व्यक्ति को, चाहे उसको 100, 99 या 103 डिग्री का बुखार हो, पहले उसे क्वारन्टीन सेंटर में जाकर चेकअप कराना पड़ता है। उसकी वजह से पूरा का पूरा एंबुलेंस सिस्टम है और प्रशासन व मेडिकल सिस्टम है, वह भी दबाव में है। आज बसों में भर भर कर लोगों को ले जाना पड़ रहा है। आज बड़े स्तर पर जांच हो रही है। प्रशासन बसों की व्यवस्था करता है और सभी लोगों को बसों में बैठा कर क्वारन्टीन सेंटर लेकर जाना पड़ रहा है।  इसकी वजह से दिल्ली में अफरा-तफरी मच गई है। 

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैंने कल एलजी साहब से अनुरोध किया था कि यह मॉडल ठीक नहीं है। इस मॉडल को छोड़ कर के एसडीएमए की तुरंत बैठक बुलाई जाए और इसको बदला जाए। उनसे अनुरोध किए 2 दिन हो गए, लेकिन एलजी साहब ने इसका कोई जवाब नहीं दिया है और न उन्होंने एसडीएमए बैठक बुलाई है। अब मैंने आज इस संबंध में गृहमंत्री अमित शाह जी को भी चिट्ठी लिखी है। मैंने चिट्ठी में कहा है कि आप दिल्ली में खुद हस्तक्षेप कर रहे हैं। आप काफी सक्रिय रूप से और सहयोगात्मक रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं। आपकी सक्रिय भूमिका के लिए हम आभारी है, लेकिन यह जो नई व्यवस्था लागू हो गई है, इसको बंद करवाइए, नहीं तो इसकी वजह से पूरी दिल्ली में हाहाकार मच जाएगा।

*डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज आप दिल्ली में देखे तो कोरोना पर दो मॉडल सामने आ रहे हैं। एक, अमित शाह जी का मॉडल है, जिसमें हर आदमी को पॉजिटिव पाए जाने पर कोविड-19 केयर सेंटर जाना जरूरी है, चाहे वह कोई भी हो। उसे पॉजिटिव पाए जाने पर तुरंत कोविड-19 सेंटर लेकर जाना पड़ेगा, चाहे उसे बस में ही क्यों ना लेकर जाना पड़े। वही, दूसरा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी का मॉडल है, जिसमें कोई कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है, तो मेडिकल की टीम उसके घर आएगी, उसकी जांच करेगी*। यदि उसको अस्पताल जाना है तो उसे अस्पताल भेजेगी, अगर घर पर ही रहना है, तो उसे घर पर ही रहने का दिशा निर्देश देगी। और अगर उसे घर में व्यवस्था नहीं है तो उसे क्वारन्टीन सेंटर में भेजने के लिए कहेगी। 

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैंने गृह मंत्री अमित शाह जी को लिखा है कि यह *”योर मॉडल वर्सेस माई”* (आपके बनाम मेरे मॉडल) मॉडल की लड़ाई नहीं है। दिल्ली में अमित शाह मॉडल, केजरीवाल मॉडल या एलजी मॉडल, इससे काम नहीं चलेगा। आज दिल्ली में व्यवहारिक क्या है? आज दिल्ली के लोगों को कोरोना की वजह से कम से कम परेशानी किस चीज से होगी। आज कोरोना अपने आप में सबसे बड़ी परेशानी है। यदि किसी व्यक्ति को कोरोना हो जाए, तो उसे कम से कम परेशानी किस व्यवस्था से होगी, हमें उस व्यवस्था को लागू करनी चाहिए। हम ऐसी व्यवस्था लागू न करें, जिससे सारा का सारा सिस्टम भी चरमरा जाए और ऊपर से लोग भी हाहाकार करने लगे।

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस नई व्यवस्था को लागू हुए 4 से 5 दिन हो गए। आज इसकी वजह से लोग दुखी हैं कि अब उन्हें क्वारंटीन सेंटर आना पड़ेगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन पर जो हालात है, उसको देखते हुए मैं एक बार फिर अमित शाह जी से अनुरोध कर रहा हूं कि आप इसमें हस्तक्षेप करिए। आपने पहले भी, जब एलजी साहब ने सभी को 5 दिन क्वारन्टीन सेंटर में आवश्यक रूप से रहने का का आदेश जारी किया था, तब भी आपने हस्तक्षेप करके उस आदेश को पलटवाया था। अब यह जो हर आदमी को क्वारन्टीन सेंटर ले जाकर, वहां जांच करने की व्यवस्था लागू है, इसको भी आपको बदलावाना पड़ेगा, नहीं तो दिल्ली में बहुत दिक्कत होगी। मैं उम्मीद कर रहा हूं कि वो इसमें हस्तक्षेप करेंगे और जल्द से जल्द इससे निजात दिलाएंगे।

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