नई दिल्‍ली : मोहम्‍मद कैफ का नाम आते ही, जो सबसे पहली याद इंडिया क्रिकेट प्रेमियों को आती है, वो है लॉर्डस का मैदान.

सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद फैन्स को लगा था कि नेटवेस्‍ट सीरीज का फाइनल टीम इंडिया अब हार गई, मगर 2002 में उन दिन चमत्‍कार हुआ और यह चमत्‍कार मोहम्मद कैफ ने किया.

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कैफ के इसी चमत्कार ने गांगुली को लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट उतारने के लिए मजबूर कर दिया था, आज कैफ अपना 40वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं.

इलाहाबाद में जन्में कैफ ने मेवा लाल अयोध्‍या प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज सोरांव से 12वीं तक की पढ़ाई की है, इसके बाद वे क्रिकेट की दुनिया में ही रच बस गए.

बचपन से ही उनका मन क्रिकेट में बसता था और वे इलाहाबाद से कानपुर आ गए, यहां पर वे ग्रीन पार्क स्‍टेडियम के हॉस्‍टल में रहने लगे, यहीं से उनका सफर इंडिया क्रिकेट टीम तक पहुंचा.

घरेलू क्रिकेट की कड़ी मेहनत से उन्‍हें इंडिया अंडर-19 क्रिकेट टीम में जगह मिल गई, साल 2000 में श्रीलंका में हुए अंडर-19 वर्ल्‍ड कप में उन्‍हें कप्‍तानी सौंपी गई.

उन्‍होंने टीम इंडिया को इस कैटेगरी में वर्ल्‍ड चैंपियन बना दिया, उनके नेतृत्‍व में भारत ने पहली बार अंडर-19 वर्ल्‍ड कप जीता था, इसी साल उन्‍हें दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय टेस्‍ट टीम में शामिल कर लिया गया.

दो साल बाद ही वे वनडे टीम का हिस्‍सा बन गए और उन्‍होंने 2003 के वर्ल्‍ड कप में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्‍व किया, उस समय वे युवराज सिंह के साथ मिलकर भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ हुआ करते थे.

इंग्‍लैंड के खिलाफ 2002 में नेटवेस्‍ट ट्रॉफी के फाइनल में खेली गई उनकी पारी को भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है, कैफ ने लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए इस मैच में नाबाद 87 रनों की पारी खेलकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी.

कैफ ने नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल मैच में 325 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ाई भारतीय पारी को युवराज सिंह के साथ संभाला था और छठे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर भारत को जीत दिलाई थी.

इस जीत के बाद कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी शर्ट उतारकर जश्न मनाया था, कैफ ने कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि नेटवेस्ट सीरीज 2002 में सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद हर किसी को लग रहा था कि मैच खत्‍म हो गया है.

इलाहाबाद में रह रहे कैफ के परिवार को भी यही लगा था, इसीलिए उनके पिता भी परिवार के साथ देवदास फिल्‍म देखने के लिए चले गए थे, लेकिन पीछे से उनके बेटे ने देश को यह जीत दिला दी थी.

मोहम्‍मद कैफ ने बताया था कि जब वह बल्‍लेबाजी करने आए तो नासिर हुसैन ने स्‍लेज किया और उन्‍हें यह समझने में समय लगा, दरअसल नासिर ने कैफ को बस ड्राइवर कहा था, जिसके बाद कैफ ने कहा कि यह बस ड्राइवर के लिए बुरा नहीं है.

कैफ ने कहा कि टीम को 326 रन का बड़ा लक्ष्‍य हासिल करना था और बल्‍लेबाजी पर आने से पहले हमारा मूड सही नहीं था, युवराज और मैं यूथ टीम में ही साथ थे और हम दोनों एक-दूसरे को बेहतर समझते थे, युवी अपने शॉट्स खेल रहे थे और मैंने भी रन निकालने शुरू किए, मैच धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा.

कैफ ने भारत के लिए 125 वनडे मैच खेले जिनमें 32,01 की औसत से 2753 रन बनाए, उनका सर्वोच्च स्कोर 111 रहा, उन्होंने अपने वनडे करियर में दो शतक और 17 अर्धशतक लगाए, कैफ ने भारत के लिए 13 टेस्ट मैच भी खेले.

खेल के लंबे प्रारूप में कैफ का औसत 32,84 का रहा जिसकी मदद से उन्होंने 22 पारियों में 624 रन बनाए हैं, टेस्ट में कैफ के नाम एक शतक और तीन अर्धशतक हैं, उनका सर्वोच्च स्कोर 148 है.

कैफ को भारतीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ फील्‍डर्स में से एक माना जाता है, वह 2003 में विश्व कप के फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे, कैफ ने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच 2006 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर खेला था, वह अभी आईपीएल में दिल्‍ली कैपिटल्‍स की कोचिंग टीम का हिस्‍सा हैं.

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