नई दिल्ली: कोविड-19 के खिलाफ दिल्ली की लड़ाई में चिकित्सा के बुनियादी ढांचे में मजबूती लाने के लिए दिल्ली सरकार अपने कोविड अस्पतालों आईसीयू बेड की संख्या में लगातार वृद्धि कर रही है।  कुछ दिन पहले, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि लोक नायक अस्पताल, गुरु तेग बहादुर और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में आईसीयू के अतिरिक्त बेड उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा लगातार बल देने और स्वास्थ्य मंत्री के पर्यवेक्षण के तहत,  5 जुलाई तक लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में आईसीयू बेड की संख्या 60 से तीन गुना बढ़कर 180 हो गई है, जबकि राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 45 से 120 और जीटीबी अस्पताल में आईसीयू बेड की संख्या 31 से बढ़कर 66 हो गई है।

दिल्ली में अब तक करीब 97,000 केस दर्ज हुए हैं, उनमें से, अब तक 68,256 मरीज ठीक हो चुके हैं। दिल्ली में मरीजों के ठीक होने की दर 70 प्रतिशत को पार कर गई है और अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 6200 से घटकर अब 5300 हो गई है। वर्तमान में 9,900 कोविड बेड खाली हैं, जो कोविड अस्पतालों में बनाये गए कुल बेड का 65 प्रतिशत है। 

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इसी समय, दिल्ली सरकार के तीन बड़े कोविड अस्पतालों में आईसीयू बेड की संख्या तीन गुना बढ़ा दी गई है, जो कोविड -19 के खिलाफ राज्य की लड़ाई को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि दिल्ली सरकार कोविड अस्पतालों में बड़े पैमाने पर आईसीयू बेड बढ़ाने का प्रयास कर रही है। लगातार आईसीयू बेड बढ़ाने पर बल देने के परिणाम स्वरूप, एलएनजेपी में लॉकडाउन के शुरुआत में आईसीयू बेड की संख्या 60 थी, जो अब बढ़कर 180 हो गई है। इसी तरह, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आईसीयू बेड की संख्या 45 से बढ़कर 120 हो गई है और गुरु तेग बहादुर अस्पताल में बेड की संख्या 31 से बढ़कर 66 हो गई है।

आईसीयू बेड की संख्या में वृद्धि के साथ ही गंभीर मरीजों की देखभाल करने की क्षमता में वृद्धि के कारण दिल्ली में मृत्यु दर में और कमी आने की उम्मीद है। पिछले कुछ हफ्तों में कोविड-19 के कारण प्रतिदिन मौतों की संख्या में गिरावट आई है। 4 जुलाई को यह 120 से घटकर 55 प्रतिदिन हो गई हैं।

जून महीने की शुरुआत में केस की संख्या में उछाल आने पर केजरीवाल सरकार ने कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिदिन और मुख्यमंत्री ने साप्ताहिक बैठकें कर अस्पतालों में प्रगति की समीक्षा की और सभी आवश्यक सहयोग दिए, जिसने दिल्ली में समय से आईसीयू बेड की संख्या में वृद्धि करने में अहम भूमिका निभाई।

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