वाशिंगटन (नई दिल्ली) : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्वीकार किया है कि कोरोना वायरस महामारी राष्ट्रपति के रूप में उनके पहले कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती बन गयी थी। ट्रम्प ने मंगलवार को एबीसी न्यूज ब्राॅडकास्टर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि बिना किसी सवाल के वह कहना चाहेंगे कि चीजें इतनी अच्छी तरह से चल रही थीं लेकिन चीन ने यह वायरस ‘चाइना वायरस’ फैला कर सबसे बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।उन्होंने कहा कि उन्होंने महामारी से सीखा कि जीवन बहुत क्षणिक है।

उन्होंने चीन को कोरोना वायरस के प्रसार के लिए जिम्मेदारी ठहराते हुए कहा, “मैंने सीखा है कि जीवन बहुत क्षणिक है क्योंकि वे मजबूत लोग थे जिनकी अचानक मौत हो गयी। वे चले गये और यह उनकी गलती नहीं थी। यह एक देश की गलती थी जो इसे रोक सकता था।” इस संदर्भ में ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने अमेरिका-चीन व्यापार सौदे के प्रति अपना रवैया बदल दिया है जिस पर जनवरी में हस्ताक्षर किये गये थे क्योंकि वह अब इसे उस गर्व के साथ नहीं देख सकते हैं जिसके साथ यह सौदा किया गया था। उन्होंने कहा कि जिस बीमारी को देश की सीमा के भीतर रोका जा सकता था, उसके पूरे विश्व में फैलने के बाद दहशत की स्थिति बन गयी है जिससे अब इस सौदे के प्रति पहले जैसी बात नहीं रही।

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रिपोर्ट सोर्स, पीटीआई

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