नई दिल्ली/बीजिंग : बीजिंग चीन ने दावा किया है कि कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के खिलाफ कारगर जंग के लिए टीका बनाने में वह सबसे आगे है और उसे अन्य देशों से वैक्सीन संबंधी डाटा चुराने की जरूरत नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनविन ने कोरोना वैक्सीन के डाटा चोरी संबंधी के आरोपों की मीडिया में आयीं रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा,“ चीन साइबर हमले के सख्त खिलाफ  है। साइबर अपराध के किसी भी रूप का हम जोरदार विरोध करते हैं। मैं यह  कहना चाहता हूं कि काेरोना वायरस के टीका के संबंध में अनुसंधान और उसे  विकसित करने के मामले में हमारा देश सबसे आगे चल रहा है। हमें अवैध रूप से  टीका के संबंध में किसी तरह का डाटा प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है।”

उन्होंने कहा कि साइबर हमला आज विश्व  के सभी  देशों के लिए भारी खतरा बना गया है। प्रवक्ता ने कहा,“ मैं आशा करता हूं कि कोई  भी देश बिना किसी प्रमाण के किसी के  खिलाफ गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी नहीं  करेगा।” चीन के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री ने आज कहा कि उनका देश कोरोना के  कम से कम 11 टीकों का क्लीनिकल ट्रायल कर रहा है जिनमें चार तीसरे चरण  के ट्रायल में हैं। स्पेन के वैज्ञानिक कोविड-19 के कम से कम 12 टीकों पर  काम कर रहे हैं लेकिन कोई भी क्लीनिकल ट्रायल के चरण में नहीं पहुंचा है।

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स्पेन के एक समाचार पत्र ने विश्वसनीय  सूत्रों का हवाला देते हुए शुक्रवार को खबर प्रकाशित की है कि चीन के साइबर हैकरों  ने देश के कोरोना वैक्सीन केन्द्र से वैक्सीन डाटा कथित रूप से  चोरी कर ली है। उसने दावा किया कि रूस और चीन के हैकर अन्य देशों के वैक्सीन निर्माण  केन्द्रों से डाटा चोरी करने का काम कर रहे  हैं और स्पेन के केन्द्र से चीन के हैकरों ने डाटा चोरी किये हैं।

रिपोर्ट सोर्स, पीटीआई

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