प्रयागराज (यूपी) : प्रयागराज दुनिया भर में डायबिटीज के करोड़ों मरीज हैं। मधुमेह रोग न केवल शरीर को प्रभावित करती है, बल्कि कई अन्य बीमारियों को भी बुलावा देती है। बता दें कि अगर इस बीमारी को समय रहते काबू में नहीं किया गया तो ये आंख, हृदय, किडनी और रक्त वाहिकाओं को भी डैमेज कर सकता है। ऐसे में इस कंट्रोल करना बेहद आवश्यक हो जाता है। नारायण स्वरूप हॉस्पिटल के डॉ राजीव सिंह के अनुसार स्वस्थ आहार लेना बहुत जरूरी है ताकि शरीर में ब्लड शुगर ठीक बना रहे। इसलिए मरीजों को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सुबह-सुबह इन पत्तों का सेवन डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार है।

तुलसी पत्ता: आयुर्वेद में तुलसी पत्ता को विशेष दर्जा दिया जाता है। इनका सेवन बस डायबिटीज ही नहीं, बल्कि कई बीमारियों को दूर करने में कारगर है। कई शोध में इस बात की पुष्टि की गई है कि खाली पेट तुलसी पत्ता खाने से ब्लड ग्लूकोज का स्तर जल्दी बढ़ता नहीं है और डायबिटीज टाइप 2 का खतरा भी कम होता है। हालांकि, तुलसी पत्ते को थोड़ा पानी में डालकर मिक्सी में चला दें और तब पीयें। तुलसी में कई आयरन ज्यादा होता है, साथ ही ये एसिडिक नेचर का होता है। इसके पत्तों को चबाकर खाने से दांत खराब होने के आसार होते हैं।

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नीम के पत्ते: नीम के पत्ते खाने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है जिससे डायबिटीज का खतरा भी कम होता है। इंडियन जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी एंड फार्माकोलॉजी में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार नीम में मौजूद गुण मधुमेह को रोकने में कारगर होता है। हालांकि, नीम खाने वाले लोगों को नियमित रूप से अपने ब्लड शुगर को जांचते रहना चाहिए ताकि मरीज लो डायबिटीज के शिकार न हो जाएं। ब्लड शुगर को कंट्रोल में  रखने के लिए रोजाना 6 से 7 नीम के पत्तों को खाने की सलाह दी जाती है।

करी पत्ता: करी पत्ता के सेवन से आपकी इंसुलिन एक्टिविटी भी प्राकृतिक रूप से बेहतर होते जाएगी। इससे आपके शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा काबू में रहेगी। इन पत्तों के एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक गुणों की वजह से ब्लड ग्लूकोज के लेवल को भी नियंत्रण में रखा जा सकता है। ज्यादा ब्लड शुगर होने से घाव होने का खतरा बढ़ जाता है जो जल्दी ठीक भी नहीं होते। ऐसे में करी पत्ता काफी कारगर साबित हो सकता है। इसमें मौजूद कार्बजोल अल्कलॉयड के कारण करी पत्ते के इस्तेमाल से चोट और घाव जल्दी ठीक हो जाते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, प्रयागराज

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