आज़मगढ़ः  सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आज़मगढ़ की नहरों में पानी न आने पर रोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी से तत्काल नहरों में पानी छोड़ने की मांग की. सामाजिक कार्यकर्ता विनोद यादव और अवधेश यादव ने कहा कि नवंबर की शुरुआत में जो बुआई होती है उसके लिए दिसंबर में नहर में पानी आ जाता है तो उससे सिचाई हो जाती है. गेहूं बोने के 21-22 दिन के भीतर पहली सिचाई हो जानी चाहिए. 40 से 50 दिन हो गए बुआई के, अभी तक नहरों में पानी नहीं आया. जिसकी वजह से फसलें सूख रही हैं, डीजल का दाम पहले ही सरकार ने बढ़ा रखा है.

उन्होंने कहा कि एक तरफ योगी जी के किसानों के हित में योजनाओं के विज्ञापन हैं दूसरी तरफ डेढ़ सौ रुपए घंटे पर कैसे किसान सिचाई करेगा. पहली सिचाई के लिए 2 से 4 दिसंबर या 10 दिसंबर तक पानी आ जाता था फिर रोस्टर के हिसाब से आता था. पर इस वर्ष आज़मगढ़ की नहरों में एक बार भी पानी नहीं आया. अब तक दोबारा सिचाई हो जानी चाहिए थी पर अभी तक एक बार भी पानी नहीं आया.

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पूर्वांचल में हुई बैठक, किसान चौपालों का दौर तेज होगा

पूर्वांचल के विभिन्न राजनीतिक सामाजिक किसान जनसंगठनों ने मऊ में बैठक की. जिसमें बलिया, मऊ, आज़मगढ़ के नेताओं की भागीदारी हुई और तय हुआ कि पूर्वांचल में हो रही किसान चौपालों के दौर को तेज करते हुए किसान, मजदूर, नौजवान यात्रा निकाली जाए. किसान आंदोलन में व्यापक स्तर पर जनअभियान चलाते हुए नेता कार्यकर्ता दिल्ली कूच करेंगे.  आगामी पंचायत चुनावों में किसान, मजदूर, नौजवान के मुद्दे को चुनावी एजेंडा बनाया जाएगा. बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के भावी प्रत्याशी भी मौजूद रहे.

किसान नेता बलवंत यादव, रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव, शकील कुरैशी, रिहाई मंच संयोजक मसीहुद्दीन संजरी, एएमयू छात्रनेता मुज्तबा फराज, इलाहाबाद हाई कोर्ट अधिवक्ता संतोष सिंह, एनके यादव, विनोद यादव, स्वराज अभियान के रामनिवास यादव, इमरान, आदिल आज़मी, कासिम अंसारी, बांकेलाल, चौहान जी, मुन्ना यादव, अवधेश यादव, अक्कू यादव प्रमुख रूप से रहे.

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